ज्ञान सुधा मिश्रा
| न्यायमूर्ति ज्ञान सुधा मिश्रा | |||||||||
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| style="background:#ddf;" colspan="2"
|
पूर्वाधिकारी
- |
उत्तराधिकारी
|
पूर्वाधिकारी
- |
उत्तराधिकारी
|
पूर्वाधिकारी
- |
उत्तराधिकारी | |||
| जन्म
- |
मृत्यु
- |
राजनीतिक दल
- |
जीवनसाथी
- |
सन्तान
- |
अभिभावक
- |
शिक्षा
- |
व्यवसाय
- |
वेबसाइट्
- |
हस्ताक्षर |
न्यायमूर्ति ज्ञान सुधा मिश्रा (जन्म: 28 अप्रैल 1949) सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश हैं। वे झारखण्ड उच्च न्यायालय की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश रह चुकी हैं। उनके पिता न्यायमूर्ति सतीश चन्द्र मिश्र पटना उच्च न्यायालय के एक पूर्व मुख्य न्यायाधीश थे। वे 16 मार्च 1994 को पटना उच्च न्यायालय की न्यायाधीश नियुक्त हुई। उन्होने झारखंड उच्च न्यायालय में 13 जुलाई 2008 को मुख्य न्यायाधीश के रूप में योगदान दिया। इसके बाद इनका तबादला राजस्थान उच्च न्यायालय कर दिया गया। इन्होंने राजस्थान उच्च न्यायालय में 14 वर्षों तक न्यायाधीश के रूप में काम किया। 30 अप्रैल 2010 को 4 वर्षों के लिए सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश के रूप में इनकी नियुक्ति हुई।[१][२]
एक न्यायमूर्ति के रूप में ये समय की पाबंदी को महत्त्व देने के लिए मशहूर है।[३]
सन्दर्भ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
साँचा:उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश
- ↑ "Biography Biography in the Jharkhand High Court official website".[१]Retrieved 27 नवंबर 2013.
- ↑ "अदालत (वेब पोर्टल), शीर्षक: चीफ जस्टिस ज्ञानसुधा मिश्र आज सुप्रीम कोर्ट में पद व गोपनीयता की शपथ लेंगी".[२]Retrieved 27 नवंबर 2013.
- ↑ "The Times of India, Title:In vacation, Supreme Court bench is late by an hour every day".[३]Retrieved 27 नवंबर 2013.