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- ...ोरथ भी श्री कृष्ण को पतिरूप में प्राप्त करने की थी अतः लक्ष्मणा को भी श्री कृष्ण अकेले ही हर कर ले आये। ...के लिये निकला। गरुड़ अपने पंजों और चोंच से दैत्यों का संहार करने लगे। श्री कृष्ण ने बाणों की वर्षा कर दी और अन्ततः अपने सुदर्शन चक्र से भौमासुर के सिर को का ...८ KB (४३ शब्द) - ११:४१, ९ अगस्त २०२१
- ...रण मूल न होकर मिश्रित वा कृष्ण यजुर्वेद कहलाता है। मुय रूप से यही शुक्ल और कृष्ण यजुर्वेद है। ...का चालीसवां अध्याय [[ईशावास्य उपनिषद्|ईशोपनिषद्]] के रूप में प्रख्यात है। कृष्ण यजुर्वेद की चार शाखाएँ मिलती हैं- तैत्तिरीय, मैत्रायणी, काठक और कठ कपिष्ठल ...७ KB (१६ शब्द) - १८:१३, २ जनवरी २०२१
- ...है। यह रचना दशम ग्रन्थ का लगभग ३० प्रतिशत है जिसमें ५५७१ श्लोक हैं। इसमें कृष्ण अवतार तथा राम अवतार क्रमशः २४९२ श्लोक एवं ८६४ श्लोक हैं। कल्कि अवतार में ५८ #[[कृष्ण]] ...२ KB (७ शब्द) - १७:४७, ७ अगस्त २०२१
- ...ं श्री कृष्ण द्वारा राधा रानी को बताया गया है। अर्थात राधा ही कृष्ण हैं और कृष्ण ही राधा हैं। भारत के धार्मिक सम्प्रदाय निम्बार्क और चैतन्य महाप्रभु इनसे भी ...रेम करते थे जिनके प्रेम जोडी आज के नवयुगलों को उत्साहित करते है और राधा और कृष्ण के प्रेम गाथा से प्रेम मे समर्पित होने की प्रेरणा प्रदान करते है। ...१० KB (११६ शब्द) - १५:०७, २७ अगस्त २०२१
- ==हरे कृष्ण== ...से बचने के लिए इज़राइल आते हैं। जुगाला-प्रीति 1996 में तेल अवीव में इस्कॉन केन्द्र में शामिल हुई, गुनावतार और वर्षाभावी द्वारा निर्देशित किए गए हैं<ref>{ ...६ KB (१२६ शब्द) - ०८:४७, १६ मई २०२१
- [[कृत युग]] में, [[विष्णु]] [[वासुदेव]] के रूप में अवतरित होते हैं: वाहेगुरु में अंग्रेज़ी अक्षर ‘V’ विष्णु की याद कराता ह ...जिन्हें हरेकृष्ण भी कहते हैं: वाहेगुरु में अंग्रेज़ी अक्षर ‘H’ हरि या हरे कृष्ण की याद कराता है. ...३ KB (५६ शब्द) - १२:४६, ११ जुलाई २००८
- '''कृष्ण जाम्बवन्त युद्ध''' की कथा [[भागवत पुराण|श्रीमद्भागवत]] मे बताई गई है। ...र्शनों के लिये साक्षात् सूर्य भगवान या अग्निदेव चले आ रहे हैं।" इस पर श्री कृष्ण हँस कर बोले, "हे यादवों! यह सत्राजित है, उसने सूर्य भगवान से प्राप्त स्यमन् ...११ KB (१२ शब्द) - ११:२९, १६ जून २०२०
- ...्मा के पास पहुंचे। ब्रह्मा से कहा की नर और नारायण रूप में [[अर्जुन]] तथा [[कृष्ण]] खांडव वन के निकट बैठे हैं, उनसे प्रार्थना करें तो अग्नि अपने मनोरथ में नि ...ता हुआ एक रथ (जिस पर कपिध्वज लगी थी) लेकर अर्जुन को समर्पित किया। अग्नि ने कृष्ण को एक चक्र समर्पित किया। ...८ KB (१० शब्द) - १६:००, २२ अगस्त २०२१
- ...स्य काम विजयी माना जाता है अत: जो कोई भक्त इस लीलाप्रसंग को पढ़ता या दृश्य रूप में देखता है वह कामजय की सिद्धि प्राप्त करता है। ...्त दिव्य क्रीड़ा मानते हैं और इसका आध्यात्मिक अर्थ प्रस्तुत करते हैं। श्री कृष्ण चिदानंदघन दिव्यशरीर हैं, गोपियाँ दिव्य जगत् की भगवान की अतंरंग शक्तियाँ हैं ...७ KB (८ शब्द) - १०:१९, ६ मई २०२१
- ...f> नाम पुष्टि-मार्ग के वर्षोत्सव ग्रंथों में संकलित हैं। नमें जन्म से लेकर कृष्ण की विभिन्न लीलाओं का वर्णन किया गया है। महिला होने कारण इनका मधुर-लीलाओं का ...िए व्रत-उपवास आदि का आचरण करती हैं। गोपियों के पूर्वानुराग के वर्णन में भी कृष्ण की सुंदरता का वर्णन करने की अपेक्षा उसके प्रभाव की ओर विशेष ध्यान दिया गया ...७ KB (११६ शब्द) - ००:००, १५ जून २०२०
- ...ें भक्त का दैन्य, वात्सल्य, बधाई (राधा और कृष्ण की ), यमुना-स्मृति और राधा-कृष्ण की विविध लीलाओं का वर्णन है। ...माधुर्य आदि इस प्रकार का है कि चिन्तन लिए मन लुब्ध हो जाता है। उनके अनुसार कृष्ण व्रजराज कुल- तिलक ,राधारमण ,गोपीजनों को आनन्द देने वाले ,दुष्ट दानवों का दम ...१० KB (१४४ शब्द) - ११:३४, ६ मई २०२१
- इनके पद ,कवित्त और सवैये स्फुट रूप में उपलब्ध हैं। इनकी समस्त वाणी सिद्धांत के पद और शृंगार के पद दो भागों म ...निधि और लावण्य-निधि हैं। ये सदा प्रेम में मत्त में लीन रहते हैं। राधा-कृष्ण के इसी विहार का ध्यान सरसदास की उपासना है। किन्तु यह उपासना सभी को सुलभ नह ...६ KB (२५ शब्द) - १०:५७, ६ मई २०२१
- ...विघटन तक उसका संरक्षण करते हैं। भगवान [[विष्णु]] के दस अवतारों को संयुक्त रूप से 'दशावतार' कहा जाता है। [[श्रीमद्भगवद्गीता]] में [[श्रीकृष्ण]] के द्वारा कहा गया है : ...७ KB (५२ शब्द) - २०:५८, २६ अगस्त २०२१
- ...|title=Radha Krishna serial cast: जानें, कौन से ऐक्टर्स निभा रहे हैं 'राधा-कृष्ण' में रोल|website=Navbharat Times|language=hi|access-date=2021-08-11}}</ref> ...को पता नहीं था की कहा से सुरु करे उन्होंने सहायक [[कास्टिंग डायरेक्टर]] के रूप में काम करना शुरू किया। ...४ KB (१३५ शब्द) - १६:१९, ११ अगस्त २०२१
- |name = पण्डित श्यामजी कृष्ण वर्मा स्मारक ...[[लन्दन]] के ऐतिहासिक [[इण्डिया हाउस]] की अनुकृति इस पर्यटन स्थल में विशेष रूप से दर्शनीय है। ...९ KB (३०१ शब्द) - १२:१८, १६ जून २०२०
- ...१५३३ ई.) की प्रेरणा से [[वृन्दावन|वृंदावन]] के षट्गोस्वामियों में अन्यतम [[रूप गोस्वामी|रूपगोस्वामी]] (१४७०-१५५४ ई.) ने वैष्णव संप्रदाय के धर्मदर्शन की छा ...ा आप्तदूती दो भेद तथा अंतिम के तीन प्रधान उपभेद माने गए हैं। उद्दीपन विभाव कृष्ण तथा हरिप्रियाओं से संबंधित भेदोपभेद से अनेक प्रकार के हैं अनुभावों में बाईस ...६ KB (६ शब्द) - ०२:३२, ३ मार्च २०२०
- माधुर्य के सच्चे उपासक श्रीभट्ट केशव कश्मीरी के शिष्य थे। ...ं के अनुसार श्री भट्ट जी ने बहुत दोहे लिखे थे,जिनमें से कुछ ही युगल शतक के रूप में अवशिष्ट रह गये हैं।<ref name="hindisahityainfo.blogspot.in"/><ref>{{Cit ...८ KB (१४६ शब्द) - १०:५७, ६ मई २०२१
- परमात्मा का वह रूप जो तीन प्राकृतिक गुणों सत्व, रज और तम से परे है,तथा जिसमे माधुर्य,ऐश्वर्य,औ ...[[मोक्ष]] की प्राप्ति की आशा रखता था और दूसरा ईश्वर का सगुण रूप [[राम]], [[कृष्ण]] आदि अवतारों में मानकर उनकी पूजा कर मोक्ष की इच्छा रखता था। पहले मत के कबी ...२ KB (४ शब्द) - ०७:१८, २२ अगस्त २०१९
- ...कृष्ण मोहन सक्सेना, सिद्धेश्वर, डॉ. कमलकिशोर गोयनका, [[विक्रम सोनी]], [[सुकेश साहनी]], संतोष श्रीवास्तव आदि लघुकथाकारों का रहा है उतना ही रामेश्वर काम्ब ...६ KB (१३ शब्द) - ०१:०७, २८ जुलाई २०२१
- ...जन भाव में लीन होकर रहने लगे। इनकी रस-नीति,विरक्ति और शील-स्वभाव का वर्णन केवल हरिदासी सम्प्रदाय के भक्त कवियों ने नहीं,अपितु अन्य सम्प्रदाय के भक्तों ...प्रथम आचार्य हैं जिन्होंने संप्रदाय के उपासना सम्बन्धी सिद्धांतों को विशद रूप से प्रस्तुत किया। रस-रीति की तीव्र अनुभूति के कारण इनके प्रतिपादित सिद्धान् ...९ KB (३५ शब्द) - १०:५२, ६ मई २०२१