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- ...२४७००१|id= |page=518 |access-date= 12 सितम्बर 2009}}</ref>आपकी प्रमुख बाल साहित्य कृतियाँ हैं- [[कानाबाती कुर्र]] <br /> {{बाल साहित्य}} ...१ KB (२१ शब्द) - १४:१६, २३ जून २०२१
- ...ा पर एक गहरा प्रभाव छोड़ा, यह बौद्ध परम्पराएँ चीनी [[कला]], [[राजनीति]], [[साहित्य]], [[दर्शनशास्त्र|दर्शन]] तथा [[चिकित्सा]] में देखी जा सकती हैं। दुनिया की ...१५ KB (८५ शब्द) - १२:४३, १२ मार्च २०२०
- ...्त महत्वपूर्ण है। वस्तुतः इस सुत्त के वैज्ञानिक दृष्टिकोण के कारण ही बौद्ध साहित्य तथा बौद्ध-ज्ञान परम्परा प्रतिष्ठा को प्राप्त हुई। [[श्रेणी:पाली साहित्य]] ...१० KB (११७ शब्द) - १४:०१, २३ जून २०२१
- [[वैदिक साहित्य]] का यह महत्वपूर्ण शब्द [[ऋग्वेद]] की [[संहिता]] में गीत या [[मन्त्र|मंत्र] ...द्ध विषयों की अभिव्यक्ति के कारण धार्मिक ही हैं, परंतु वेदों के सांस्कारिक साहित्य में ऋच यजुष तथा सामन की तुलना में अवैदिक कही गई हैं अर्थात् इस युग में ये म ...१५ KB (१५ शब्द) - ०९:५१, ६ मई २०२१
- ==फिल्म एवं साहित्य में== ...८९ KB (२,४१२ शब्द) - ०८:३३, २७ अगस्त २०२१
- ...ि रूप से [[आगम (जैन)|जैनागम]] या [[आगम (जैन)|जैनश्रुतांग]] कहा जाता है। इस साहित्य की प्राचीन परंपरा यह है कि अंतिम जैन तीर्थंकर [[महावीर]] का विदेह प्रदेश मे ...ैन सिद्धांत के विवेचन के अतिरिक्त आख्यानात्मक रचनाओं का बड़ा वैपुल्य है जो साहित्य और इतिहास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। ...६१ KB (१५३ शब्द) - १०:०८, ६ मई २०२१
- ...द्देश्य में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। विजयनगर राज्य में [[सायण]] द्वारा वैदिक साहित्य की टीका तथा विशाल मन्दिरों का निर्माण दो ऐसे ऐतिहासिक स्मारक हैं जो आज भी उ ...यता से आज हम वेदों का अर्थ समझते हैं। विजयनगर के राजाओं के समय में संस्कृत साहित्य में अमूल्य पुस्तकें लिखी गईं। ...३६ KB (३४४ शब्द) - १३:११, २१ अगस्त २०२१
- ...े दर्शन और इतिहास संबंधी जानकारी के लिए इतिहासकार पूरी तरह से बौद्ध और जैन साहित्य तथा [[मौर्य राजवंश|मौर्ययुगीन]] [[अभिलेख|शिलालेखों]] पर निर्भर रहे हैं। बाव ...। मंख एक ऐसा समुदाय था जिसके सदस्य चारण या भाट जैसा जीवन यापन करते थे। जैन साहित्य के अनुसार मक्खलि हाथ में मूर्ति लेकर भटका करते थे। इसीलिए जैनों और बौद्धों ...३१ KB (४३९ शब्द) - ०१:४८, २६ अगस्त २०२१
- * '''वैय्याकरण''' (व्याकरण, विवरण, विवेचन) वह व्याख्यापरक साहित्य है, जो अभिधम्म-पिटक तथा अन्य ऐसे ही अंशों में सन्निहीत है। ...क की संख्या सातवीं है, अत्यन्त प्राचीन है। अतः जातक कथाएँ सर्वांश में पालि-साहित्य के महत्वपूर्ण एवं आवश्यक अंग हैं। उनकी संख्या के विषय में अनिश्चितता विशेषत ...१३० KB (४७४ शब्द) - २०:३८, ४ अप्रैल २०२१
- ...सकता है कि हमारे दर्शन, साहित्य और इतिहास एक दिन विश्वमात्र के लिये दर्शन, साहित्य और इतिहास नहीं हो जायँगे ? विश्व आज उसी की पुनरावृत्ति कर रहा है, जो आर्य ल ...ारतीय आर्यों से मिलते-जुलते हैं-मित्र, वरुण, आर्यमन् और यमी (यम) है। वैदिक साहित्य में इधर आर्यों ने दिन-दिन विकास प्राप्त किया। विचार-धारा शाश्वत रूप से बहती ...१४० KB (७१४ शब्द) - १९:५५, ३ फ़रवरी २०१८
- ...title= भौगोलिक चिन्तन एवं तीन दक्षिणी महाद्वीप |year=नवंबर २००८ |publisher=साहित्य भवन |location=आगरा |id= |page=१५४|access-date= ८ दिसंबर २००९}}</ref> जो [[उ ...balpolicy.org/nations/sovereign/integrate/2008/1029newconsensus.htm ग्लोबल पालीसी (जाल पृष्ठ) ]</ref> इस नये राजनीतिक संगठन को [[दक्षिण अमेरिकी राष्ट्र संघ ...९३ KB (१,४०० शब्द) - ०९:०४, २५ अगस्त २०२१