Deprecated: Caller from MediaWiki\Revision\RevisionStore::loadSlotRecordsFromDb ignored an error originally raised from MediaWiki\Extension\SmartCommons\Store\MetadataStore::updateMetadata: [1054] Unknown column 'scf_url' in 'SET' in /www/wwwroot/enwiki/w/includes/debug/MWDebug.php on line 385
"प्राणी संघ" के परिणाम खोजें - भारतपीडिया सामग्री पर जाएँ

खोज परिणाम

देखें (पिछले २० | ) (२० | ५० | १०० | २५० | ५००)
  • ...] को चौथे उपसंघ के रूप मे प्रस्तुत किया जाता है पर अब इसे आम तौर पर एक अलग संघ के रूप में जाना जाता है। यूरोकॉर्डेट के लार्वा में एक नोटॉकॉर्ड और एक तंत्र ...
    ४ KB (६ शब्द) - २१:०७, ९ जुलाई २०२१
  • ...vnagri.png|thumb|200px|संघ [[जीववैज्ञानिक वर्गीकरण]] की एक श्रेणी है और एक संघ में कई प्राणी [[वर्ग (जीवविज्ञान)|वर्ग]] आते हैं]] ...एक जीववैज्ञानिक जगत में संगठित किया जाता है। ध्यान दें कि हर जीववैज्ञानिक संघ में बहुत सी भिन्न जीवों की जातियाँ-प्रजातियाँ सम्मिलित होती हैं।<ref name=" ...
    ७ KB (११८ शब्द) - १२:०४, १ फ़रवरी २०२१
  • ...>), जिसे हिन्दी में 'रज्जुकी' कहते हैं, एक [[संघ (जीवविज्ञान)|जीववैज्ञानिक संघ]] है जिसमें वे सभी वर्ग आते हैं जिनके सदस्य जानवरों के पास रीढ़ की हड्डी हो ...कता है, एक [[जगत (जीवविज्ञान)|जीववैज्ञानिक जगत]] है जिसमें सभी जंतुओं वाले संघ आते हैं, लेकिन पौधे, इत्यादि नहीं आते - इसमें [[होमो सेपियन्स|मनुष्य]], [[म ...
    ७ KB (१२० शब्द) - ११:००, ४ मार्च २०२०
  • ...>), जिसे हिन्दी में 'रज्जुकी' कहते हैं, एक [[संघ (जीवविज्ञान)|जीववैज्ञानिक संघ]] है जिसमें वे सभी वर्ग आते हैं जिनके सदस्य जानवरों के पास रीढ़ की हड्डी हो ...कता है, एक [[जगत (जीवविज्ञान)|जीववैज्ञानिक जगत]] है जिसमें सभी जंतुओं वाले संघ आते हैं, लेकिन पौधे, इत्यादि नहीं आते - इसमें [[होमो सेपियन्स|मनुष्य]], [[म ...
    ७ KB (१२० शब्द) - ०४:१५, २३ मार्च २०२१
  • ...ती है। आधुनिक जीववैज्ञानिक वर्गीकरण में यह श्रेणी गणों (ओर्डरों) से ऊपर और संघों (फ़ायलमों) के नीचे आती है, यानि एक वर्ग में बहुत से गण होते हैं और बहुत स ...>), जिसे हिन्दी में 'रज्जुकी' कहते हैं, एक [[संघ (जीवविज्ञान)|जीववैज्ञानिक संघ]] है जिसमें वे सभी वर्ग आते हैं जिनके सदस्य जानवरों के पास रीढ़ की हड्डी हो ...
    ७ KB (११८ शब्द) - १७:४९, ६ मार्च २०२०
  • ...िक वर्गीकरण]] की एक ऊँची श्रेणी है और एक जगत में कई जीव [[संघ (जीवविज्ञान)|संघ]] शामिल होते हैं]] ...(फ़ायलमों) से ऊपर आती है, यानि एक जगत में बहुत से संघ होते हैं और बहुत से संघों को एक जीववैज्ञानिक जगत में संगठित किया जाता है।<ref name="ref77buhaj">[ht ...
    ११ KB (२०७ शब्द) - १८:१५, २२ मार्च २०२१
  • ...>), जिसे हिन्दी में 'रज्जुकी' कहते हैं, एक [[संघ (जीवविज्ञान)|जीववैज्ञानिक संघ]] है जिसमें वे सभी वर्ग आते हैं जिनके सदस्य जानवरों के पास रीढ़ की हड्डी हो ...कता है, एक [[जगत (जीवविज्ञान)|जीववैज्ञानिक जगत]] है जिसमें सभी जंतुओं वाले संघ आते हैं, लेकिन पौधे, इत्यादि नहीं आते - इसमें [[होमो सेपियन्स|मनुष्य]], [[म ...
    ८ KB (१२९ शब्द) - १४:१९, १५ मार्च २०२०
  • ...ीवित रहने के लिए और अपनी आवश्यक्ताओं को पूर्ण करने के लिए सामाजिक सहयोग और संघ निर्माण बिना सम्भव नहीं है। ...
    ४ KB (८८ शब्द) - ११:४५, १ जून २०२१
  • ...ूदगी के कारण संरक्षण का मौका बढ़ जाता है। वे अव्वलन द्विदेशीय सममित हैं।इस संघ के अधिकांश जंतु विभिन्न रूपों के समुद्री प्राणी होते हैं, पर कुछ ताजे पानी [[श्रेणी:प्राणी संघ]] ...
    ९ KB (७६ शब्द) - १५:०१, २३ फ़रवरी २०२०
  • ...stematic botany) - इसके अंतर्गत पौधों के वर्गीकरण का अध्ययन करते हैं। पादप संघ, वर्ग, गण, कुल इत्यादि में विभाजित किए जाते हैं। ...
    १४ KB (२०९ शब्द) - १८:२४, २१ अगस्त २०२१
  • ...वामी) ने किया था जो कालान्तर में आचार्य भिक्षु कहलाये। वे मूलतः स्थानकवासी संघ के सदस्य और आचार्य रघुनाथ जी के शिष्य थे। ...स्थापित करने की बात नहीं थी। परंतु जैनधर्म के मूल तत्वों का प्रचार एवं साधुसंघ में आई हुई शिथिलता को दूर करना था। उस ध्येय मे वे कष्टों की परवाह न करते हु ...
    २१ KB (७० शब्द) - २३:२०, १५ जून २०२०
  • आज जो रामराज्य सम्बन्धी विचार गांधी दर्शन तक में दिखाई देते हैं, धर्म संघ, रामराज्य परिषद्, राममंदिर आन्दोलन, धर्म सापेक्ष राज्य, आदि सभी के मूल में ...ाहता है तो औरों को भी शान्त और सुखी बनाने का प्रयत्न आवश्यक है। इसलिए धर्म संघ के हर कार्य के आरम्भ और अन्त में "धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, प्राणियों ...
    २० KB (५४ शब्द) - १६:३७, २६ अगस्त २०२१
  • अणुव्रत का प्रारंभ आचार्य तुलसी (तेरापंथ धर्म संघ के नोवें आचार्य) द्वारा १ मार्च १९४९ में [[राजस्थान]] के [[सरदारशहर]] कस्बे ...
    १४ KB (४९ शब्द) - १३:००, १ मार्च २०२१
  • ...राणिजगत्‌ का असाधारण विकास हुआ है। लगभग सभी बड़े संघों के प्रतिनिधि और कुछ संघ, जैसे टिनोफोरा (Ctenophora), इकाइनोडर्मेटा (Echinodermata), फोरोनिडी (Phoro ...
    ४३ KB (१६५ शब्द) - १२:४०, १५ जुलाई २०२१
  • ...रित है जिनपर प्राणियों का। प्राणिजगत् अनेक संघों में विभक्त है और प्रत्येक संघ अनेक वर्गों, गणों, कुलों, वंशों और जातियों में विभक्त है। पूर्वपुराजीवी महाकल्प के प्राणीजगत् के मुख्य लक्षणों का संक्षिप्त वर्णन इस प्रकार है : ...
    ६९ KB (२९३ शब्द) - ०३:२०, १५ जून २०२०
  • [[सोवियत संघ]] में छोटे बच्चों को बचपन में ही आग, पानी तूफान से बचने की शिक्षा दी जाती थ विभिन्न स्तरों पर शारीरिक शिक्षा के संवर्धन के लिए संघ तथा संस्थाएँ स्थापित की गई हैं। ये संस्थाएँ समय समय पर प्रादेशिक, राष्ट्रीय ...
    २० KB (८५ शब्द) - २०:०७, १३ जुलाई २०२१
  • |subdivision_ranks = [[संघ (जीवविज्ञान)|संघ]] अधिकतम ज्ञात जन्तु संघ 542 करोड़ साल पहले [[कैंब्रियन विस्फोट|कैम्ब्रियन विस्फोट]] के दौरान जीवाश् ...
    ७१ KB (१,४८९ शब्द) - ०२:२७, १७ मार्च २०२१
  • ...''': बौद्ध धर्मानुयायी गृहस्थ पुरुष उपासक कहलाता है। उपासक बुद्ध, धर्म और संघ की शरण स्वीकार करता है तथा पंचशीलों के परिपालन का व्रत लेता है । (3) संघाटी : दुहरी सिली होने के कारण इसे दुहरी चादर कहा जा सकता है । यह कंधे पर तह ...
    ३७ KB (१६९ शब्द) - १२:२०, २२ अप्रैल २०१८
  • ...ग में [[ईसाई]] धर्मशास्त्रियों द्वारा और आज [[अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ]] द्वारा फैलाई जा रही झूठी सूचना का नतीजा है। इनके अनुसार, वास्तविकता में स ...
    १५ KB (६५४ शब्द) - ०३:३०, ७ सितम्बर २०२०
  • ...सहयोग की भावना का विकास करने में मदद करते होंगे। यह व्यवहार संघ-सुश्रुषा, संघ-क्रीडा, सह-जीविता, और सह-मैत्री श्रेणीओं के अंतर्गत आते हैं। एक साथ रहने से ...|thumb|right|Social grooming in Hanuman langur; Shimla, India| लंगूरों में संघ-सुश्रुषा]] ...
    ७४ KB (१,६५६ शब्द) - ११:५०, १४ अगस्त २०२१
देखें (पिछले २० | ) (२० | ५० | १०० | २५० | ५००)