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पृष्ठ शीर्षक मिलान

  • ...लिए, हृदय के रोग, कैन्सर, अस्थिरोग, मोतियाबिन्द, टाइप-२ मधुमेह, अलजाइमर्स रोग आदि। [[श्रेणी:रोग]] ...
    ७६३ बाइट (५ शब्द) - ०९:०२, ११ जनवरी २०१९
  • ...्रकार के रोगों में कई प्रकार की अग्न्याशयार्तियाँ होती है। दूसरे प्रकार के रोगों में अश्मरी, पुटो (सिस्ट), अर्बुद और नाड़ीव्रण या फिस्चुला हैं। ...ं केवल शस्त्र कर्म ही चिकित्सा का साधन है। [[अर्बुद|अर्बुदों]] में [[कर्कट रोग|कैंसर]] अधिक होता है। ...
    ३ KB (२ शब्द) - ०१:१६, १ मार्च २०२०
  • [[ग्रासनली|ग्रासनाल]] (Oesophagus) के रोग निम्नलिखित विशेष रोग हैं: [[श्रेणी:रोग]] ...
    ३ KB (११ शब्द) - २१:५२, ६ मार्च २०२०
  • ...गों में स्वयंसीमित सर्दी-जुकाम से लेकर [[जीवाणुजन्य न्यूमोनिया]] जैसे घातक रोग हैं। ...ा]] एवं ब्रोंकोन्यूमोनिया, फुफ्फुस-विद्रधि, [[यक्ष्मा]], फुफ्फुसों के फंगस रोग। ...
    १० KB (४३ शब्द) - १४:३९, २२ फ़रवरी २०२१
  • रक्त में पित्तारूण (bilirubin) के आधिक्य से यह रोग होता है, जो नेत्र श्लेष्मला (conjuncttiva) और त्वचा के पीलेपन से प्रकट होता ...ेवाली उत्तेजना (irritation) से होती है। पित्त लवण धारण (retention) के कारण रोग की प्रारंभिक अवस्था में नाड़ी मंद पड़ जाती है। भोजन में अनिच्छा, भार में कम ...
    २२ KB (७४ शब्द) - ०९:०१, ७ मार्च २०२०
  • == मूत्राशय के रोग == (क) मूत्राशय की एक्सट्रॉफी (extrophy) -इस रोग में मूत्राशय तथा उग्र उदरीय भित्ति के कुछ भाग ठीक से नहीं बनते, जिससे मूत्र ...
    २३ KB (११२ शब्द) - २१:३९, २३ मई २०२०

पृष्ठ के टेक्स्ट में मिलान

  • ...लिए, हृदय के रोग, कैन्सर, अस्थिरोग, मोतियाबिन्द, टाइप-२ मधुमेह, अलजाइमर्स रोग आदि। [[श्रेणी:रोग]] ...
    ७६३ बाइट (५ शब्द) - ०९:०२, ११ जनवरी २०१९
  • ...या viral infection, या infectious disease) उन [[रोग|रोगों]] को कहते हैं जो रोगी के शरीर पर किसी [[विषाणु]] (वाइरस) के आक्रमण के कारण होते हैं। [[श्रेणी:रोग]] ...
    ४७७ बाइट (१२ शब्द) - १५:३३, १ नवम्बर २०२०
  • [[आयुर्विज्ञान]] में प्रयुक्त [[रोग|रोगों]] के [[वर्गिकी|वर्गीकरण]] की योजना को '''रोगवर्गीकरणविज्ञान''' (Nosology) [[श्रेणी:रोग]] ...
    ३२५ बाइट (३ शब्द) - २२:१६, २ सितम्बर २०१८
  • किसी दवा के किसी रोग के उपचार की क्षमता मे होने वाले ह्रास को दवा प्रतिरोधकता कहते हैं। [[श्रेणी:रोग]] ...
    २८० बाइट (० शब्द) - १७:५८, २० सितम्बर २०१८
  • '''ऐटॉपिक रोग''' (Atopy या atopic syndrome) कुछ अतिसंवेदनशील एलर्जी होने की एक पूर्वानुकू [[श्रेणी:रोग]] ...
    ४७० बाइट (११ शब्द) - १२:५६, ३० जनवरी २०१७
  • एक रोग है जिसमे रक्त मूत्र के मार्ग से बाहर जाना शुरू कर देता है इस से मूत्र का रं [[श्रेणी:रोग]] ...
    २८७ बाइट (० शब्द) - १३:३९, ७ अगस्त २०१०
  • ...लाल रंग में उभरता है। वैसे तो यह कोई रोग नहीं है किन्तु इस रोग के होने पर रोगी को बहुत परेशानी होती है। ...त होने वाले पलकों के बालों मे छोटी सी तेल स्रावक ग्रन्थियां होती है। बिलनी रोग में आँख में खुजली व जलन होती है जो बाद में मवाद भरे दानों का रूप ले लेती है ...
    २ KB (४३ शब्द) - १०:२६, १८ जनवरी २०२१
  • ...ों की कमी के कारण उत्पन्न होते हैं। [[बेरीबेरी]] रोग इसका एक उदाहरण है। ये रोग प्राय: अधिक समय तक कुपोषण के परिणामस्वरूप उत्पन्न होते हैं। पोषक पदार्थों क [[श्रेणी:रोग]] ...
    २ KB (३४ शब्द) - १२:००, ७ जुलाई २०२०
  • ...ंत्रिकाविज्ञान''' या '''स्नायुशास्त्र''' (Neurology) [[तंत्रिका तंत्र]] के रोगों से सम्बन्धित चिकित्सकीय विशेषज्ञा का क्षेत्र है। इसके संगत शल्यक्रिया का == स्नायु रोग == ...
    २ KB (११ शब्द) - ०७:३३, २७ जून २०२०
  • ...न्य जानवरों के उदर में अथवा पेट में केंचुए जिसे कृमि भी कहते है से उत्पन्न रोग है। * [[कृमिरोग (आयुर्वेद)]] ...
    १ KB (२९ शब्द) - १६:२५, २ जुलाई २०२०
  • ...गठिया है जो [[छाल रोग]] (सोरायसिस) नामक [[स्वप्रतिरक्षित रोग]] (ऑटोइम्यून रोग) से प्रभावित लोगों में होता है। सोरियाटिक गठिया का चिरपरिचित लक्षण पैर की स [[श्रेणी:रोग]] ...
    २ KB (५४ शब्द) - ११:३३, १८ मार्च २०२०
  • ...ग्रंथियों में दोष उत्पन्न हो जाता है। [[यक्ष्मा]] प्रकृति के बच्चों में यह रोग प्राय: अधिक होता है। इस रोग में लसीका ग्रंथियाँ बढ़ जाती हैं। रोगी को ज्वर आने लगता है और स्वास्थ्य शनै:-शनै: गिरता जाता है। ...
    ३ KB (८१ शब्द) - ००:०२, १५ जून २०२०
  • ...निमेटोड के कारण होता है। यह प्रायः संक्रामक [[ऊष्णकटिबन्ध|उष्णकटिबन्धीय]] रोग है। [[श्रेणी:रोग]] ...
    १ KB (११ शब्द) - ०१:०९, २३ जुलाई २०२१
  • ...अतिफलन से उत्पन्न होता है। स्वस्थ शरीर में भी त्वग्वसास्राव होता है, लेकिन रोगी के स्राव का रंग, रूप और गंध और ही होती है। साधारण स्राव सूखकर पपड़ी जैसा, ...य के दोष और चिंता के कारण यह रोग हुआ करता है। आर्द्र और उष्ण जलवायु में यह रोग आसानी से पनपता है। ...
    २ KB (४२ शब्द) - ०५:४२, १५ जून २०२०
  • ...] क्षेत्रों में होने वाले संक्रमणों के उस समूह को '''उपेक्षित उष्णकटिबंधीय रोग''' कहते हैं [[अफ़्रीका|अफ्रीका]] और [[एशिया]] के विकासशील क्षेत्रों के कम आ [[श्रेणी:रोग]] ...
    ९२२ बाइट (४ शब्द) - १५:४६, ६ मार्च २०२०
  • [[चित्र:Goitre.jpg|200px|right|thumb|घेघा रोग से ग्रस्त एक नवयुवती]] ...होता है। आयोडीन की कमी के कारण [[थायरायड ग्रन्थि]] में सूजन आ जाती है। यह रोग बहुधा उन क्षेत्रों के लोगों को होता है जहाँ पानी में आयोडीन नहीं होता। आयोड ...
    २ KB (१५४ शब्द) - २१:११, ५ दिसम्बर २०२०
  • ...ी-कभी उत्तेजक पदार्थों के वाष्प से, या गरम उत्तेजक पदार्थ के प्रयोग से भी, रोग की अवस्था उत्पन्न हो जाती है। ...Chicken pox), [[मसूरिका]] (Measles), [[यक्ष्मा]], [[उपदंश]] (Syphilis) आदि रोगों में भी ग्रसनीशोथ के लक्षण पाए जाते हैं। ...
    २ KB (१६ शब्द) - १४:२८, ५ फ़रवरी २०१५
  • ...१० लाख लोगों में से प्रति वर्ष केवल १ से ३ महाधमनीशोथ के मामले आते हैं। यह रोग १० वर्ष से ४० वर्ष के व्यक्तियों को होता है। [[श्रेणी:रोग]] ...
    ९१३ बाइट (४ शब्द) - १५:३४, ४ सितम्बर २०२०
  • '''नालव्रण''' या भगन्दर एक रोग है। ...ने लगता है। यह फोड़ा कभी-कभी बहुत चौड़ा तथा गहरा होता है। इस फोड़े के कारण रोगी व्यक्ति को गुदाद्वार के पास बहुत तेज दर्द होता है। ...
    २ KB (१७ शब्द) - १७:३४, १३ अगस्त २०२०
  • |name=गैर संचारी रोग |caption=एक गैर-संचारी रोग किट के साथ एक नर्स, फिजी, 2012। ...
    ५ KB (१२५ शब्द) - ००:५४, १५ जून २०२०
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