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सदिश बीजगणित

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अंगूठाकार बनाने में त्रुटि हुई: फ़ाइल गायब है
सदिशों का योग एवं अदिश गुणनफल (स्केलिंग)

सदिश बीजगणित (वेक्टर अल्जेब्रा) के अन्दर्गत सदिश राशियों के योग, गुणन आदि का अध्ययन किया जाता है।

सदिश का परिमाण[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

यदि त्रिविम यूक्लिडीय स्पेस में एक सदिश 𝐚 = a1e1 + a2e2+ a3e3 है (जहाँ e1, e2, e3 लम्ब ईकाई सदिश हैं), तो सदिश का परिमाण निम्नलिखित रूप से ज्ञात किया जायेगा-

𝐚=a12+a22+a32

इसके अतिरिक्त किसी सदिश राशि से उसएए के अदिश गुणनफल के परिमाण का वर्गमूल लेने पर उस सदिश का मान निकाला जा सकता है>।

𝐚=𝐚𝐚

सदिश योग का नियम[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

माना कि 𝐚=a1e1 + a2e2 + a3e3 एबं 𝐛=b1e1 + b2e2 + b3e3, है जहाँ e1, e2, e3 लम्ब ईकाई सदिश हैं।

तो 𝐚 एबं 𝐛 का योगफल निम्नलिखित होगा-

𝐚+𝐛=(a1+b1)e𝟏+(a2+b2)e𝟐+(a3+b3)e𝟑

सदिशों का अन्तर[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

यदि

𝐚=a1e1 + a2e2 + a3e3 तथा
𝐛=b1e1 + b2e2 + b3e3 हो तो-

सदिश 𝐚 और 𝐛 का अन्तर निम्नलिखित होगा-

𝐚𝐛=(a1b1)e𝟏+(a2b2)e𝟐+(a3b3)e𝟑

सदिश का वियोजन[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

अंगूठाकार बनाने में त्रुटि हुई: फ़ाइल गायब है
किसी सदिश का दो परस्पर लम्बवत सदिशों में वियोजन

किसी सदिशों को दो या दो से अधिक सदिशों के योग के रूप में निरूपित किया जा सकता है। स्पष्टतः ऐसा अनन्त तरीकों से किया जा सकता है। किन्तु किसी दिये हुए सदिश को किन्हीं दो दिशाओं में वियोजन मात्र एक प्रकार से ही किया जा सकता है। प्रायः दे दो दिशाएं परस्पर लम्बवत होतीं हैं जैसा कि चित्र में दिखाया गया है।

सदिश् गुणन[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

अदिश से गुणन[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

एक सदिश को एक अदिश से गुणा किया जाय तो परिणाम एक सदिश होगा जो पूर्वोक्त सदिश की दिशा में होगा। उदाहरण के लिये किसी सदिश 𝐚 को यदि एक अदिश r द्बारा गुणा किया जाय तो गुणनफल निम्नलिखित होगा-

r𝐚=(ra1)e𝟏+(ra2)e𝟐+(ra3)e𝟑

अदिश गुणन या डॉट गुणन[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

पुनः दो सदिशों का अदिश या डॉट गुणनफल एक अदिश राशि होती है।दो सदिशों का डॉट गुणनफल (डॉट प्रोडक्ट) निम्नलिखित प्रकार से पारिभाषित है-

𝐚𝐛=a1,a2,,anb1,b2,,bn=a1b1+a2b2++anbn

सदिश बीजगणित के सूत्र[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

त्रिभुज सूत्र[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

किसी त्रिभुज की दो संलग्न भुजायें क्रम से दो सदिशों को निरूपित करें (परिणाम और दिशा दोनों ) तो त्रिभुज की तीसरी भुजा विपरीत क्रम में इन दो सदिशों का योग (परिणाम और दिशा दोनों में) निरूपित करेगी।

बहुभुज सूत्र[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

दो से अधिक सदिशों को इस प्रकार सजाया जाय कि प्रथम सदिश के शीर्ष पर दूसरे सदिश का पैर हो और दूसरे के सिर पर तीसरे का पैर हो तो इन सब सदिशों का योग प्रथम सदिश के पाद को अन्तिम सदिश के शीर्ष से मिलाने वाले सदिश के बराबर होगा।

बिनिमय सूत्र[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

A+B=B+A

बण्टन सूत्र[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

m(A+B)=mA+mB

संयोग सूत्र[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

(A+B)+C=A+(B+C)

इन्हें भी देखें[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]