खोज परिणाम
दिखावट
इस विकि पर "ठोस" नाम का पृष्ठ बनाएँ! खोज परिणाम भी देखें।
पृष्ठ शीर्षक मिलान
- [[चित्र:Brouette pente.jpg|right|thumb|250px|ठोस यांत्रिकी की एक समस्या]] ...ार का अध्ययन किया जाता है। इसमें विशेषतः विभिन्न प्रकार के [[बल]] लगाने पर ठोसों की गति और इनमें होने वाली विरूपण (डिफॉर्मेशन) का अध्यन किया जाता है। बल क ...२ KB (१४ शब्द) - १७:४१, १ फ़रवरी २०१७
पृष्ठ के टेक्स्ट में मिलान
- [[चित्र:Brouette pente.jpg|right|thumb|250px|ठोस यांत्रिकी की एक समस्या]] ...ार का अध्ययन किया जाता है। इसमें विशेषतः विभिन्न प्रकार के [[बल]] लगाने पर ठोसों की गति और इनमें होने वाली विरूपण (डिफॉर्मेशन) का अध्यन किया जाता है। बल क ...२ KB (१४ शब्द) - १७:४१, १ फ़रवरी २०१७
- ...]] (absorbtion) से इस अर्थ में अलग है कि शोषण में कोई [[तरल]] किसी द्रव या ठोस में घुस जाता है। ...१ KB (६० शब्द) - ०५:३५, १६ जून २०२०
- ...de la Salle) एक रसायनशास्त्री थे। इन्होंने [[१९६९]] में [[कोलेस्टेरॉल]] को ठोस रूप में पहचाना था। ...५१० बाइट (९ शब्द) - २२:०४, २१ अप्रैल २०१८
- पदार्थ की मुख्य अवस्थाएं हैं - [[ठोस]], [[द्रव]] तथा [[गैस]]। इसके अतिरिक्त कुछ विशेष परिस्थितियों में पदार्थ [[ अतिठोस आदि अन्य अवस्थायें भी ग्रहण करता है।2 ...९ KB (५८ शब्द) - २३:५५, १५ अगस्त २०२१
- '''अर्ध गोला '''(Hemisphere)ज्यामिति में एक त्रिआयामी [[ठोस]] की आकृति है। [[श्रेणी:ठोस ज्यामिति]] ...२ KB (३८ शब्द) - १३:३५, १६ जून २०२१
- ...ें फेनित अल्युमीनियम का नाम लिया जा सकता है (चित्र दाहिनी ओर दिया गया है)। ठोस में गैस के बुलबुलों से बने झाग के एक अन्य उदाहरण के रूप में खाने की वस्तु प 20 वीं सदी की शुरुआत से, विशेष रूप से निर्मित ठोस फेन, विभिन्न प्रकार के प्रयोग में आने शुरु हो गये थे। इन फेनों के कम घनत्व ...६ KB (८२ शब्द) - ०३:५८, १५ जून २०२०
- ...दार्थ [[ठोस]], [[द्रव]] या [[गैस]] कुछ भी हो सकती है। इसी प्रकार विलायक भी ठोस, द्रव या गैस कुछ भी हो सकता है। किसी विलायक में विलेय की कितनी मात्रा घोली ...२ KB (१९ शब्द) - ०६:२९, १२ मई २०२०
- :* [[ठोस यांत्रिकी]] ...१ KB (८ शब्द) - ०१:१८, ८ मार्च २०२०
- ...ी है ये ठोस,द्रब एंव गैस तीनो प्रकार में से पार हो जाती है किन्तु इनका वेग ठोस में अधिकतम व गैस में न्यूनतम होता है ये केबल ठोस माध्यम से ही गुजर सकती है अतः ये बाह्य कोर से आगे नहीं बढ़ पाती है इनका औसत ...४ KB (८५ शब्द) - ०८:२७, ३१ जुलाई २०२१
- ...polynomialexbig.svg|center|thumb|550px|एक्सपोन्सियल फलन y = e<sup>x</sup> (ठोस, लाल वक्र) तथा इसका मूल बिन्दु पर चार घात वाला सन्निकट टेलर बहुपद (डैश से ब ...१ KB (१७ शब्द) - १३:५९, ३ मार्च २०२०
- [[ज्यामिति]] के सन्दर्भ में '''बेलन'''(Cylinder) में एक त्रिआयामी ठोस आकृति है। इसका पार्श्व पृष्ठ वक्र, सिरे समान त्रिज्या के वृत्ताकार होते हैं [[श्रेणी:ठोस ज्यामिति]] ...४ KB (४४ शब्द) - १९:४०, २१ जून २०२१
- प्रिज्म त्रिआयामी वह ठोस है जिसके दोनों सिरे समांतर अनुरूप आकार के बहुभुज होते हैं जिन्हें आधार भी क [[श्रेणी:ठोस ज्यामिति]] ...४ KB (४७ शब्द) - ००:१२, ४ अगस्त २०२०
- ...ें अन्तर केवल इतना है कि, जहाँ अभियाँत्रिकी में विद्यमान तकनीकों पर आधारित ठोस अंत परिणाम की अपेक्षा की जाती है, व्यावहारिक भौतिकी मे नये तकनीकों पर, या व * [[ठोस प्रावस्था भौतिकी]] <!--Solid state physics--> ...६ KB (१३६ शब्द) - ०५:४१, १६ जून २०२०
- ...ायता से समाज पर लागू होने वाले [[दर्शनशास्त्र|दर्शन]] के आधारभूत प्रश्न को ठोस रूप दे दिया जाता है। [[मार्क्सवाद]]-[[लेनिनवाद]] सिद्ध करता है कि प्रत्येक ...२ KB (१९ शब्द) - ०१:५९, १ मार्च २०२०
- '''खोखला बेलन '''(Hollow Cylinder)ठोस ज्यामिति की एक आकृति है। पाइप इसका एक अच्छा उदाहरण है। [[श्रेणी :ठोस ज्यामिति ]] ...६ KB (२०८ शब्द) - १०:०२, २५ अप्रैल २०२१
- ...ये वह एक समरूप विलयन बनाता है। सिद्धांत रूप में, यह शब्द भी अन्य अवस्थाओं (ठोस और गैसों) पर भी लागू होता है, लेकिन मुख्यत: यह एक द्रव की दूसरे द्रव मे विल ...२ KB (२ शब्द) - १८:५४, ५ मार्च २०२०
- [[श्रेणी :ठोस ज्यामिति ]] ...२ KB (१४० शब्द) - २०:५९, ३० सितम्बर २०२०
- ...f materials) एक [[विषय]] है जिसमें [[प्रतिबल]] और [[विकृति]] की अवस्था में ठोस वस्तुओं के व्यवहार का अध्ययन किया जाता है। ...२ KB (३८ शब्द) - १५:०८, २ मार्च २०२०
- ...हते हैं जिसमें कोई पदार्थ अपनी प्रकृति बदल लेता है। उदाहरण के लिए बर्फ़ एक ठोस वस्तु होती है लेकिन गरम करने पर अवस्था परिवर्तन करके पानी नामक [[द्रव]] बन ...२ KB (८६ शब्द) - २२:०२, ५ मार्च २०२०
- यदि किसी स्थिर ठोस वस्तु पर कोई दूसरी ठोस वस्तु इस तरह से रखी जाती है कि दोनों समतल पृष्ठ एक-दूसरे को स्पर्श करते है, ...्पर्श करनेवाली सतहों के बीच घर्षण के कारण होता है, जिससे तात्पर्य यह है कि ठोस पदार्थपिंड पर स्पर्श सतह के समांतर प्रयुक्त बल की विरुद्ध दिशा में एक बल का ...१३ KB (४१० शब्द) - २१:५४, ३ अप्रैल २०२१