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- २४ [[तीर्थंकर]]ों का वर्णन !तीर्थंकर ...१३ KB (२७९ शब्द) - ०२:५३, १५ मई २०२१
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- {{साँचा:जैन तीर्थंकर | subheader = चौदहवें जैन [[तीर्थंकर]] ...२ KB (७९ शब्द) - ०५:३६, १६ जून २०२०
- {{साँचा:जैन तीर्थंकर | subheader = '''चौथे [[तीर्थंकर]]''' ...२ KB (२८ शब्द) - २२:२०, १७ सितम्बर २०२०
- {{साँचा:जैन तीर्थंकर | subheader = '''पाँचवें [[तीर्थंकर]]''' ...२ KB (१४ शब्द) - ०७:५३, ६ मार्च २०२०
- | subheader = अठारहवें जैन [[तीर्थंकर]] '''अरनाथ जी''' अठहरवें तीर्थंकर है। ...२ KB (२०५ शब्द) - ०६:१३, १६ जून २०२०
- | subheader = बारहवें जैन [[तीर्थंकर]] '''वासुपूज्य जी''' बारहवें तीर्थंकर है। ...२ KB (२०३ शब्द) - २१:१९, १५ जून २०२०
- {{साँचा:जैन तीर्थंकर | subheader = सत्रहवें जैन [[तीर्थंकर]] ...३ KB (२२ शब्द) - १७:३५, ९ जनवरी २०२१
- *'''[[:श्रेणी:तीर्थंकर|तीर्थंकर]]''' ...८६८ बाइट (१८ शब्द) - १८:०३, ९ जनवरी २०२०
- | subheader = इक्कीसवें जैन [[तीर्थंकर]] '''नमिनाथ जी''' [[जैन धर्म]] के इक्कीसवें [[तीर्थंकर]] हैं। उनका जन्म [[मिथिला]] के [[इक्ष्वाकु वंश]] में श्रावण मास के कृष्ण पक ...३ KB (२२८ शब्द) - ०७:२२, १५ जून २०२०
- ...inath bhagwan at kundalpur.JPG|thumb|center|300px|पद्मसान मुद्रा में प्रथम तीर्थंकर [[ऋषभदेव]] की यह प्राचीन प्रतिमा कुण्डलपुर, मध्य प्रदेश में विराजमान हैं]] ...३६४ बाइट (११ शब्द) - १२:२३, १७ जनवरी २०१६
- {{साँचा:जैन तीर्थंकर | subheader = ग्यारहवें [[तीर्थंकर]] ...४ KB (२३२ शब्द) - २३:१९, १५ जून २०२०
- {{साँचा:जैन तीर्थंकर | subheader = द्वितीय [[तीर्थंकर]] ...५ KB (९३ शब्द) - १७:५६, १७ अप्रैल २०२१
- '''त्रिशला''' जिन्हें पिर्यकारिणी भी कहा जाता है 24वें [[तीर्थंकर]] वर्धमान [[महावीर]] की माता थी। वह लिच्छवी नरेश चेतक की पुत्री थी। जैन ग्रन्थ [[उत्तरपुराण]] में तीर्थंकर और अन्य [[शलाकापुरुष]]ों का वर्णन है। ग्रन्थ में लिखा है कि वैशाली के राजा ...२ KB (२३ शब्द) - ११:३८, २८ सितम्बर २०२०
- ...] जंगल में है। गया से जाया जाता है। इसकी चढ़ाई 2 मील है। इस पहाड़ पर 10वें तीर्थंकर [[शीतलनाथजी]] ने तप करके कैवल्य ज्ञान प्राप्त किया था। ...४६६ बाइट (० शब्द) - २०:०१, २८ जुलाई २०२०
- ...योग किया जाता है। गणधर को द्वादश अंगों में पारंगत होना आवश्यक है। प्रत्येक तीर्थंकर के अनेक गणधर कहे गए हैं। ...२ KB (१५ शब्द) - १७:५२, २० सितम्बर २०२०
- [[चित्र:Samavasarana.jpg|right|thumb|400x400px|तीर्थंकर का दिव्य समवशरण]] ...सबको ज्ञान पाने का समान अवसर मिले, वह है समवशरण।{{sfn|Jain|2008|p=97}} यह तीर्थंकर के [[केवल ज्ञान]] प्राप्त करने के पश्चात् देवों द्वारा बनाया जाता है|<ref>h ...८ KB (४४० शब्द) - २३:५४, १५ जून २०२०
- === '''तीर्थंकर''' === ...ुए हैं जिन्होंने समय-समय पर धर्म की पुनर्स्थापना की है। वर्तमान में २४ वें तीर्थंकर वर्द्धमान महावीर का शासनकाल चल रहा है. ...५ KB (३९ शब्द) - ०७:१०, २९ अक्टूबर २०१३
- | subheader = उन्नीसवें जैन [[तीर्थंकर]] ...तीर्थंकर है। जिन धर्म भारत का प्राचीन सम्प्रदाय हैं जैन धर्म के उन्नीसवें तीर्थंकर भगवान श्री मल्लिनाथ जी का जन्म मिथिलापुरी के इक्ष्वाकुवंश में मार्गशीर्ष शु ...६ KB (२०५ शब्द) - २१:००, ५ अगस्त २०२१
- जहां से तीर्थंकर मोक्ष गये। *सम्मेद शिखर-:यहाँ से शेष बीस तीर्थंकर मोक्ष गये।यह जैनियों का सर्व प्रमुख तीर्थ क्षेत्र है।यहाँ से अनंतानंत मुनि ...३ KB (६ शब्द) - ०२:०४, १२ अप्रैल २०२०
- ...्रिसरण) दर्शा्या गया है |और जैन धर्मी भी मानते हैं कि ये मुहर प्राचीन जैैन तीर्थंकर किभी हो सकती है | ...२ KB (६१ शब्द) - ०७:३१, १२ मई २०२१
- नोट:- [[दो जैन तीर्थंकरों ऋषभदेव एवं अरिष्टनेमि या नेमिनाथ के नामों का उल्लेख 'ऋग्वेद' में मिलता है {{जैन तीर्थंकर ...१० KB (६३ शब्द) - १२:१३, १५ अगस्त २०२१