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- [[श्रेणी:दार्शनिक सिद्धान्त]] [[श्रेणी:दार्शनिक तर्क]] ...२ KB (३४ शब्द) - १६:०९, २२ मई २०२०
- ...ज्ञान]] (जिसमे [[प्राकृतिक विज्ञान]] तथा [[सामाजिक विज्ञान]] शामिल हैं) के दार्शनिक तथा तार्किक पूर्वधारणाओं, नींव तथा उनसे निकलने वाले परिणामों का अध्ययन किया ...ा भविष्यवाणी होती है; वैज्ञानिक निष्कर्षों तक पहुंचने के लिए किस प्रकार के तर्क का प्रयोग होता है; वैज्ञानिक विधि का सूत्रीकरण, कार्यक्षेत्र और उसकी सीमाएँ ...३ KB (३ शब्द) - १३:४६, २६ अगस्त २०२१
- ...वं भाषा के दर्शन पर मुख्यतः कार्य किया। उनकी गणना बीसवीं शताब्दी के महानतम दार्शनिकों में होती है। विट्गन्स्टाईन का सबसे बड़ा योगदान भाषा को दार्शनिक परिपेक्ष्य में रखने का है। आज कोई भी [[भाषाविज्ञान|भाषा विज्ञान]] में जब [[ ...८ KB (२०६ शब्द) - १०:२९, ७ अगस्त २०२०
- [[श्रेणी:दार्शनिक सिद्धान्त]] [[श्रेणी:दार्शनिक तर्क]] ...४ KB (३४ शब्द) - १४:५२, २२ अप्रैल २०२०
- ...ic या dialectics या dialectical method) असहमति को दूर करने के लिए प्रयुक्त तर्क करने की एक विधि है जो प्राचीनकाल से ही भारतीय और यूरोपीय दर्शन के केन्द्र म ...ा है। उनका [[प्रत्ययों का सिद्धांत]] इसी पद्धति पर आधारित है। द्वंद्वात्मक तर्क की विषयवस्तु ज्ञान मीमांसा एवं वास्तविकता का स्वभाव है। अफलातून के अनुसार य ...१५ KB (५३ शब्द) - १४:०५, २ जनवरी २०२१
- |main_interests = गणित, [[तर्क]], [[गणित में दार्शनिकी]] ...ge Boole}}) (०२ नवम्बर १८१५ - ०८ दिसम्बर १८६४) ब्रिटेन के एक गणितज्ञ एवं [[दार्शनिक]] थे। वे [[तर्कशास्त्र]] को एक [[बीजगणित|बीजगणितीय]] रूप देने के लिये प्रसि ...५ KB (१४० शब्द) - ०३:४५, १५ जून २०२०
- ...शास्त्र]] और कानून, और भाषाविज्ञान सहित विभिन्न विषयों पर भी लिखा था। उनके दार्शनिक कार्यों में अरिस्टोटल पर कई टिप्पणियां शामिल थीं, जिसके लिए उन्हें पश्चिम म ...र्य नहीं था, बल्कि कुछ अभिजात वर्गों के बीच भी अनिवार्य था। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि यदि बाइबल का पाठ कारण और दर्शन के आधार पर निष्कर्ष निकालने के लिए प ...१३ KB (३७४ शब्द) - ००:२२, २७ सितम्बर २०२०
- ...ृष्टिकोण जिसके तार्किक आधार मूलत: वे ही समझे जाते हैं और जिनका उपयोग जर्मन दार्शनिक [[जार्ज विल्हेम फ्रेड्रिक हेगेल|हेगेल]] ने अपने सिद्धांतों के निर्माण में क ...ाधारित तथा अनुभवगत विषमता से परिपूर्ण है नवहेगेलवादी हेगेल के द्वंद्वात्मक तर्क के इस मूल आधार सिद्धांत से अत्यंत प्रभावित थे कि प्रत्येक तार्किक तथ्य में ...१२ KB (१४ शब्द) - १०:५८, ६ मार्च २०२०
- {{ज्ञानसन्दूक दार्शनिक ...ंसीसी]] [[गणित|गणितज्ञ]], [[भौतिक शास्त्र|भौतिकज्ञ]] और [[धर्म|धार्मिक]] [[दार्शनिक]] थे। पास्कल ने [[अनुप्रयुक्त विज्ञान|व्यावहारिक विज्ञान]] पर काम करते हुए ...१० KB (१६२ शब्द) - १७:०१, ९ अगस्त २०२०
- ...विवेचना करता है। [[दर्शन]] [[यथार्थ]] की परख के लिये एक [[दृष्टिकोण]] है। दार्शनिक चिन्तन मूलतः जीवन की अर्थवत्ता की खोज का पर्याय है। वस्तुतः दर्शनशास्त्र स् ...ामान्य आधारों व नियमों का करने, यथार्थ के विषय में चिंतन की तर्कबुद्धिपरक, तर्क तथा संज्ञान के सिद्धांत विकसित करने की आवश्यकता से दर्शनशास्त्र का एक विशिष ...२३ KB (१०८ शब्द) - ००:३०, १२ अगस्त २०२१
- ...उड़ाई गई। अफलातून ([[प्लेटो]]) के कुछ संवादों के नाम सोफ़िस्त कहे जानेवाले दार्शनिकों के नामों पर हैं। उनमें [[सुकरात]] और प्रमुख सोफ़िस्तों के बीच विवाद प्रस् ...र्शनिकों ने ही यूनानी सभ्यता का मानवीकरण किया। इनसे पूर्व, कभी किसी यूनानी दार्शनिक ने मनुष्य को सभ्यता एवं संस्कृति का निर्माता नहीं समझा था। एकियन सभ्यता में ...१० KB (२१ शब्द) - ०१:४८, १६ जून २०२०
- | occupation = बौद्ध दार्शनिक शिक्षक (7) नागार्जुन के कीर्तिमंदिर का स्तंभ स्थानीय महनीय दार्शनिक ग्रंथ है '''माध्यमिक कारिका'''। नागार्जुन के पांडित्य, व्यापक दार्शनिकता, उ ...२३ KB (२६८ शब्द) - ०२:०४, ५ फ़रवरी २०२१
- ...े नाम लिए जाते हैं। "स्टोइक दर्शन" को तीन भागों में प्रस्तुत किया जाता है- तर्क, भौतिकी तथा नीति। == स्टोइक तर्क == ...२० KB (११६ शब्द) - ०२:०२, १६ जून २०२०
- ...वस्तुतः प्रत्येक विचारधारा के समर्थक उसकी पुष्टि के लिए किंचित सिद्धांत और तर्क अवश्य प्रस्तुत करते हैं और दूसरे के मन में उसके प्रति [[आस्था]] और विश्वास बीसवीं शताब्दी के छठे और सातवें दशक में बुर्जुआ दार्शनिकों के बीच यथार्थ के प्रति विज्ञानसम्मत दृष्टिकोण और विचारधारा के बेमेल होने ...११ KB (९७ शब्द) - ०९:३६, ३ नवम्बर २०२०
- ...सितम्बर 1887 - 12 जून 1976) [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] के विद्वान और महान [[दार्शनिक]] थे। १९१४ में पुस्तकालयाध्यक्ष से आरम्भ करते हुए वे १९२३ से १९३७ तक [[वारा ...में कहा जाता था। उनकी प्रारम्भिक शिक्षा-दीक्षा श्री मधुसूदन ओझा एवं शशिधर "तर्क चूड़ामणि" के निर्देशन में [[जयपुर]] मे प्रारंभ हुई। ...७ KB (६६ शब्द) - ०१:०२, १५ जून २०२०
- == दार्शनिक अवलोकन == == अहिंसा का तर्क == ...५ KB (५१ शब्द) - १३:३५, २४ अगस्त २०२०
- ...वित करता है। भारत-यूरोपीय भाषाओं की उत्पत्ति। [२१] [२२] [२३] जर्मन-अमेरिकी दार्शनिक, तुलनात्मक पौराणिक और इंडोलॉजिस्ट [[माइकल विटजेल]] के अनुसार, "स्वदेशी आर्य ...८ KB (३२६ शब्द) - ०१:०५, २९ जनवरी २०२१
- == समकालीन पाश्चात्य दार्शनिक परंपरा == ...व्यपक रूप से विकसित हो चुकी थी। [[हीगेलीय दर्शन]] में ज्ञानोपलब्धि के लिए तर्क को सर्वोपरि स्थान दिया गया। वास्तविकता तर्कसाध्य है और जो तर्कसाध्य है, वही ...३५ KB (१०८ शब्द) - २३:५३, १५ जून २०२०
- ...क आचार्यांने [[भाष्य]] भी लिखे हैं। ब्रह्मसूत्र में [[उपनिषद|उपनिषदों]] की दार्शनिक एवं आध्यात्मिक विचारों को साररूप में एकीकृत किया गया है। ...्थ है कि ये वेदान्त को पूर्णतः तर्कपूर्ण ढंग से प्रस्तुत करता है। (न्याय = तर्क) ...२३ KB (१,३४२ शब्द) - ०७:५१, २६ अगस्त २०२१
- ...रोमनों ने किया (यानी जहाँ तक पाश्चात्य राजनीतिक चिंतन का संबंध है)। यूनानी दार्शनिक [[प्लेटो|अफलातून]] (प्लेटो) ने न्याय की परिभाषा करते हुए उसे सद्गुण कहा, जि ...य की दृष्टि में सभी मनुष्य समान थे। अपनी कृति इन्स्टीच्यूट्स में जस्टिनियन तर्क-बुद्धि द्वारा विकसित या प्राप्त कानून तथा आम लोगों के कानून या आम कानून के ...१६ KB (१०१ शब्द) - ०७:३१, २४ अप्रैल २०२१