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इस विकि पर "प्राचीन भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी" नाम का पृष्ठ बनाएँ! खोज परिणाम भी देखें।
- ...िया। कुछ भारतीय ग्रंथों के अनुवाद हुए, कुछ भारतीय विद्वान इस्लाम के शिक्षा और ज्ञान के केन्द्रों में बुलाकर नियुक्त किये गये। ...//web.archive.org/web/20120515135059/http://www.bhartiyapaksha.com/?p=6476 प्राचीन भारत के शास्त्र] ...२ KB (२५ शब्द) - १५:३६, १५ जून २०२०
- {{विज्ञान का इतिहास}} ...रहा है और आज भी जनता दोनो को अलग नहीं कर पाती। खगोलिकी (सिद्धान्त ज्योतिष) और फलित ज्योतिष केवल कुछ शताब्दी पहले ही एक-दूसरे से अलग हुए हैं।<ref>{{Cite w ...५ KB (३२२ शब्द) - ०५:१३, १७ सितम्बर २०२०
- '''मरणोत्तरविद्या''' या '''एश्चटोलॉजी''' (अंग्रेजी- Eschatology) ज्ञान-विज्ञान की वह शाखा है जिसके अंतर्गत [[निर्वाण]] या [[मृत्यु]] के बाद की स्थितियों क ...सृष्टि, परिणति एवं उद्धार तथा सभी वस्तुओं के परम अन्त के विषय की चर्चा से। प्राचीन ग्रन्थों में प्रथम स्वरूप पर ही अधिक बल दिया गया है, किन्तु आजकल वैज्ञानिक ...३ KB (१९ शब्द) - १८:३३, २४ अप्रैल २०१८
- |name=विज्ञान भारती |focus=[[विज्ञान]], [[स्वदेशी विज्ञान]], [[स्वास्थ्यसेवा]], [[क्षमता निर्माण]] ...७ KB (२२३ शब्द) - ०९:०४, ६ मई २०२१
- ...atics) [[सिक्का|सिक्कों]], कागजी मुद्रा आदि के संग्रह एवं उसके अध्ययन का [[विज्ञान]] है। ...किया जाता है तथा उनके सूक्ष्म अध्ययन से उस समय के समाज की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अवस्था को जाना जा सकता है। यह एक छंद भी है | ...२ KB (२६ शब्द) - ११:१९, ५ फ़रवरी २०२१
- [[चित्र:The Forensic Science Mu.jpg|right|thumb|300px|बैंकाक के फोरेंसिक विज्ञान संग्रहालय में मानवशास्त्रीय वस्तुएँ]] ...ि कैसे भाषा, सामाजिक जीवन को प्रभावित करती है। '''जैविक''' या '''शारीरिक नृविज्ञान''' में मनुष्य के जैविक विकास का अध्ययन किया जाता है। ...११ KB (५५ शब्द) - १५:५०, २ जनवरी २०२१
- ...[[१६ अक्टूबर]], [[२००९]]) [[हिन्दी]] और [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेजी]] में [[विज्ञान]]-लेखन को लोकप्रिय ...ली ही उनके जीवन का अंतिम पड़ाव बनी। यहीं उन्होंने [[विवाह]] किया, घर बसाया और रहे। एक दिलचस्प तथ्य यह भी है कि सिविल मैरिज के दौरान कोर्ट के सम्मुख मुले ...९ KB (२२२ शब्द) - २०:१८, २९ जून २०२१
- '''भाषा विज्ञान कोश''' [[भाषाविज्ञान]] से सम्बन्धित सैद्धान्तिक एवं व्यावहारिक विषयों का विश्वकोश (encyclopedia) ...श के द्वितीय संस्करण के समय [[ज्ञानमण्डल लिमिटेड, वाराणसी]] से ही '' 'भाषा विज्ञान कोश'' ' के रूप में एक स्वतन्त्र ग्रन्थ प्रस्तुत करके 'हिन्दी साहित्य कोश' क ...१० KB (१०३ शब्द) - १०:००, १४ मार्च २०२०
- प्राचीन लेखों को पढ़ना और उनके आधार पर [[इतिहास]] का पुनर्गठन करना '''पुरालेखविद्या''' (Palaeography) 1. प्राचीन लेखों की [[लिपि]] का अध्ययन और उसके आधार पर प्राचीन तथ्यों को प्रकाशित करना। ...११ KB (४१ शब्द) - १५:३५, २ मार्च २०२०
- {{विज्ञान}} ...र:CollageFisica.jpg|right|thumb|350px|भौतिकी के अन्तर्गत बहुत से प्राकृतिक विज्ञान आते हैं]] ...१२ KB (१५२ शब्द) - ११:३५, ९ जून २०२१
- ...ै। ऐसा कहा जाता है कि विज्ञान के 'ज्ञान-भण्डार' के बजाय [[वैज्ञानिक विधि]] विज्ञान की असली कसौटी है। प्रकृति में उपस्थित वस्तुओं के क्रमबध्द अध्ययन से ज्ञान प्राप्त करने को ही विज्ञान कहते हैं। ...२० KB (४७२ शब्द) - २२:१६, २७ अगस्त २०२१
- |name = भारतीय मानवविज्ञान सर्वेक्षण विभाग |caption = कोलकाता स्थित [[भारतीय संग्रहालय]], भा.मा.वि.विभाग का मुख्यालय ...५ KB (२०२ शब्द) - ०८:३३, ११ दिसम्बर २०२०
- ...ोल सुविधा टीम ने यह सुनिश्चित करना था कि उपग्रह स्वस्थ रहे और उस पर सूर्य और चंद्रमा ग्रुत्वकर्षण का कोई बुरा प्रभाव न हो। <ref>{{Cite web|title=कृति इस [[श्रेणी:विज्ञान में महिलाएं]] ...५ KB (२७२ शब्द) - ०९:२५, १० फ़रवरी २०२१
- ...ुरातत्व]] और [[मानविकी]] में नये अनुसंधानों ने यह साबित कर दिया है कि भारत और यूरोप के सम्पर्क अनादिकाल से आरम्भ होकर मध्ययुग होते हुए आधुनिक युग में भी == प्राचीन काल == ...३ KB (४ शब्द) - १०:४३, १४ मार्च २०२०
- ...प्राचीन भारतीय साहित्य भरा हुआ है। इन सुगंधियों के तैयार करने की एक कला थी और उसका अपना एक शास्त्र था। किंतु एतत्संबंधित जो ग्रंथ 12वीं-13वीं शती के पूर् (1) शोधन; (2) आचमन; (3) विरेचन; (4) भावन; (5) पाक; (6) बोधन; (7) धूपन और (8) वासन। ...९ KB (१५ शब्द) - ०८:४८, ६ मई २०२१
- ...ए आवश्यक है। इसमें आरम्भिक शिक्षा और उसके बाद ली जाने वाली अतिरिक्त शिक्षा और प्रशिक्षण भी सम्मिलित है। ...ञान]] में अंधविश्वास, प्रयोग तथा उस प्रकार के निरीक्षण का, जिसके अंत में [[विज्ञान]] का निर्माण होता है, विचित्र मिश्रण रहा है। ये तीनों सिद्धांत आज भी कार्य ...१८ KB (१७ शब्द) - १५:३१, ४ मार्च २०२०
- ...ता है। स्मरण रखना चाहिए कि इतिहास न तो साधारण परिभाषा के अनुसार विज्ञान है और न केवल काल्पनिक दर्शन अथवा साहित्यिक रचना है। इन सबके यथोचित संमिश्रण से [[ ...सर्तकता और संयम की अनिवार्यता अत्यंत आवश्यक है। उनके बिना ऐतिहासिक कल्पना और कपोलकल्पना में कोई भेद नहीं रहेगा। ...९ KB (१११ शब्द) - २२:०६, २५ अगस्त २०२०
- ...0px|दिल्ली का [[लौह स्तंभ|लौह स्तम्भ]] प्राचीन [[भारतीय धातुकर्म का इतिहास|भारतीय धातुकर्म]] का एक नमूना है।]] [[भारत]] में रसायन शास्त्र की अति प्राचीन परंपरा रही है। पुरातन ग्रंथों में [[धातु]]ओं, [[अयस्क|अयस्कों]], उनकी [[खान ...२१ KB (३३२ शब्द) - १०:५६, ६ मई २०२१
- ...्मार|म्यांमार]], [[इंडोनेशिया|इण्डोनेशिया]] और [[मंगोलिया]] विश्व के सबसे प्राचीन तांत्रिक मठ आगम मठ में विद्यमान रहा है। ...षेप में कहा जा सकता है कि परम अद्वैत विज्ञान का सूक्ष्मातिसूक्ष्म विश्लेषण और विवरण जैसा तंत्र ग्रंथों में है, वैसा किसी शास्त्र के ग्रंथों में नहीं है। ...१९ KB (२८० शब्द) - १८:०३, २० जून २०२१
- (राज मतलब शासन और नीति मतलब उचित समय और उचित स्थान पर उचित कार्य करने की कला) अर्थात् नीति विशेष के द्वारा शासन करन ...जकड़ रखा है और इससे जूझने के सिवाय कोई अन्य रास्ता नहीं है ।राजनीतिक संगठन और सामूहिक निर्णय के किसी ढांचे के बिना कोई भी समाज जीवित नहीं रह सकता । ...१४ KB (९८ शब्द) - २१:५१, ८ अगस्त २०२१