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इस विकि पर "बौद्ध स्थापत्य" नाम का पृष्ठ बनाएँ! खोज परिणाम भी देखें।
- ...ण कट स्थापत्य गुफाएं हैं। यह स्थल [[द्वितीय शताब्दी ई.पू.]] के हैं। यहां [[बौद्ध धर्म]] से सम्बंधित चित्रण एवं शिल्पकारी के उत्कृष्ट नमूने मिलते हैं। इनके स ...३ KB (७ शब्द) - २१:४८, १४ जून २०१५
- ...उपयोग किया और संपूर्ण देश में व्यापक रूप से लेखनकला का प्रचार हुआ। धार्मिक स्थापत्य और [[मूर्ति कला|मूर्तिकला]] का अभूतपर्वू विकास अशोक के समय में हुआ। परंपरा ...त्व के लिए अशोक के समय अपनी चरम सीमा पर पहुँच चुकी थी। इन स्तंभों का उपयोग स्थापत्यात्मक न होकर स्मारकात्मक था। ...१३ KB (५८ शब्द) - ०८:००, ३ जुलाई २०२१
- ...rvard University Press. pp. 181–183. ISBN 978-0-674-91525-1.</ref> बाद में बौद्ध भिक्षुओं के निवास के लिए निर्मित कक्षों को विहार कहा जाने लगा। इन कक्षों के ...शिक्षा में धार्मिक विषयों के अलावा अन्य विषय भी शामिल थे, और इसका केन्द्र बौद्ध विहार ही था। इनमें से सबसे प्रसिद्ध, [[बिहार]] का [[नालन्दा महाविहार]] था। ...११ KB (२६५ शब्द) - ००:०३, १ अगस्त २०२१
- {{ज्ञानसन्दूक अवकाश|बौद्ध| |observedby=[[बौद्ध]] ...१६ KB (४१२ शब्द) - १३:३५, १६ जून २०२१
- [[भारतीय धर्म|भारतीय धर्मों]] ([[सनातन धर्म]], [[जैन धर्म]], [[बौद्ध धर्म]], [[सिख धर्म]] आदि) [[हिन्दू धर्म|हिन्दुओं]] के [[उपासनास्थल]] को ''' ...लों का हित हो और उन्हें पता चल सके कि उनके धर्म में क्या है। उदाहरण के लिए बौद्ध विहारों की तुलना हिन्दू मठों या ईसाई मोनेस्ट्रीज़ से की जा सकती है। लेकिन ' ...१२ KB (७८ शब्द) - ०६:२२, ९ जुलाई २०२१
- [[जापान]] में पगोडे बौद्ध धर्म के साथ चीन से आए। अधिकांश वर्तमान जापानी पगोडे 17वीं शताब्दी के बने हु *[[हिन्दू मंदिर स्थापत्य]] ...१४ KB (७८ शब्द) - २२:५२, २४ सितम्बर २०२०
- * [[साँची का स्तूप|साँची]] [[बौद्ध स्तूप|के बौद्ध स्तूप]], [[मध्य प्रदेश]] | [[साँची का स्तूप|साँची]] के बौद्ध स्तूप ...२१ KB (४०४ शब्द) - १५:४१, १९ अगस्त २०२१
- ...कर्णवेध आदि संस्कार उस समय भी प्रचलित थे जैसे आज हैं। सिंहलियों में प्राय: बौद्ध भिक्षुओं तथा ऊँचे वर्ग के लोगों के मृत शरीरों को [[दाह संस्कार|जलाने]] की प ...लित था। राजा ही राज्य का सर्वोच्च सत्ताधिकारी था। आध्यात्मिक विषयों में वह बौद्ध भिक्षुओं से सलाह लिया करता था। राज परिवार से संबंधित मामलों पर विचार होते स ...२१ KB (८४ शब्द) - १०:५८, २३ अगस्त २०२०
- ...्ध स्मारक गुफाएँ जो [[२०० ईसा पूर्व|द्वितीय शताब्दी ई॰पू॰]] के हैं। यहाँ [[बौद्ध धर्म]] से सम्बन्धित चित्रण एवम् शिल्पकारी के उत्कृष्ट नमूने मिलते हैं।<ref> ...होता है, जैसे शताब्दियों तक अजन्ता समेत, लगभग सभी बौद्ध मन्दिर, उस समय के बौद्ध मत के शासन और आश्रय के अधीन बनवाये गये हों। ...२६ KB (४३५ शब्द) - १४:१३, १५ अगस्त २०२१
- बौद्ध, जैन तथा ब्राह्मण मतों का प्रसार दक्षिण भारत में हो चुका था। विजयनगर के राज == स्थापत्य कला == ...३६ KB (३४४ शब्द) - १३:११, २१ अगस्त २०२१
- {{मुख्य|भारतीय स्थापत्य}} ...र, जावा में प्रांबनाम का बिहार, कलासन मंदिर और बोरोबंदर स्तूप आदि हिंदू और बौद्ध वास्तु के व्यपक प्रसार के प्रमाण हैं। जावा में भारतीय संस्कृति के प्रवेश के ...३३ KB (१०१ शब्द) - १५:१२, १४ जनवरी २०२१
- '''जातक''' या '''जातक पालि''' या '''जातक कथाएं''' [[बौद्ध ग्रंथ]] [[त्रिपिटक]] का [[सुत्तपिटक]] अंतर्गत [[खुद्दकनिकाय]] का १०वां भाग ...चले आते हुए लोक-आख्यानों का आधार उनमें हो सकता है, पर उनका सम्पूर्ण ढाँचा बौद्ध धर्म के नैतिक आदर्श के अनुकूल है। बुद्ध वचनों का वर्गीकरण नौ अंगों के रूप म ...१३० KB (४७४ शब्द) - २०:३८, ४ अप्रैल २०२१
- ...n:Oxford University Press]]|isbn=978-0-19-882905-8|page=16}}</ref> इसी समय बौद्ध एवं जैन धर्म उत्पन्न हो रहे होते हैं। ...िए तथा उच्च जीवन सतर के लिए जाना जाता है क्योंकि [[अशोक|सम्राट अशोक]] ने [[बौद्ध धम्म]] की स्थापना की तथा शस्त्र मुक्त सेना का निर्माण किया।{{sfn|Singh|2009 ...१७० KB (५,३९६ शब्द) - १७:०६, १ अगस्त २०२६