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- ...या '''वस्तु''' या '''मूर्त वस्तु''' कहा जाता है) [[पदार्थ]] के [[समरूपता (दर्शन)|अभिज्ञेय]] संग्रह है, जो [[त्रिविम अवकाश]] में कुछ सीमा-शर्तों (बाउण्डरी क ...१ KB (१४ शब्द) - १४:०९, ५ मार्च २०२०
- ...ल सामाजिक एवं आर्थिक विकास की मूल प्रेरक है। बहुत पहले इसको [[दर्शनशास्त्र|दर्शन शास्त्र]] का अंग मानकर नैचुरल फिलॉसोफी या प्राकृतिक दर्शनशास्त्र कहते थे, क * [http://santoshpathak.blogspot.com/2005/07/i-liked-this-article.html भारतीय दर्शन और भौतिक विज्ञान] ...१२ KB (१५२ शब्द) - ११:३५, ९ जून २०२१
- [[श्रेणी:भौतिकी दर्शन]] ...१० KB (२१७ शब्द) - २३:२५, २२ सितम्बर २०२०
- [[श्रेणी:प्राकृतिक दर्शन]] ...४ KB (८३ शब्द) - १०:४२, १५ जून २०२०
- ...्रिक|यूकैरियोटिक कोशिका]] के आरेख में राइबोसोम (३) सहित उपकोशिकीय घटकों के दर्शन ...२ KB (५७ शब्द) - १३:४५, ६ जुलाई २०२१
- '''प्रत्यक्षवाद''' या '''तथ्यवाद''' (positivism) के [[दर्शन]] के अनुसार केवल वही ज्ञान प्रामाणिक ज्ञान (authentic knowledge) है जो ज्ञा ...(Positivism) कुछ प्राचीन विचारकों की शिक्षा में विद्यमान था, परंतु इसे एक दर्शन शाखा का पद देने का श्रेय [[आगस्त काँत]] (1798-1857) को है। काम्ट के सिद्धां ...५ KB (४१ शब्द) - १७:१९, १२ अक्टूबर २०१९
- ==भारतीय दर्शन में पदार्थ== ...िष्ट अर्थ में नहीं किया गया, प्रत्युत उन सभी विषयों का, जिनका विवेचन उन-उन दर्शनों में है, पदार्थ नाम दे दिया गया। ...९ KB (५८ शब्द) - २३:५५, १५ अगस्त २०२१
- वैशेषिक दर्शन 'भौम' (terrestrial) और 'दिव्य' (celestial) को इसके स्रोत के रूप में निरुपित यदि भौतिक विज्ञान और वैशेषिक दर्शन के साथ-साथ अंशुबोधिनी के आधार पर 'शब्द' (तरंग वृत्ति: wave aspect) का क्रमब ...१० KB (७५ शब्द) - १३:३६, ३ फ़रवरी २०१८
- ...्त्र" को एक दूसरे के स्थान पर काम में लिया जाता था। १७वीं सदी तक प्राकृतिक दर्शन ही दर्शनशास्त्र की अलग शाखा के रूप में विकसित होने लग गयी। इसे आज "प्राकृति ...यूटन के गति नियम|नियमों]] को शामिल किया जाता है। वर्तमान समय में प्राकृतिक दर्शन को भी प्राकृतिक विज्ञान के रूप में उल्लिखीत करना आम प्रचलन हो गया है। १९वीं ...६ KB (२७ शब्द) - १२:४३, ३ फ़रवरी २०२१
- ...और [[सिद्धान्त (थिअरी)|सिद्धान्तों]], और उनके कारणों की विवेचना करता है। [[दर्शन]] [[यथार्थ]] की परख के लिये एक [[दृष्टिकोण]] है। दार्शनिक चिन्तन मूलतः जीवन ...पर अपने-अपने अनुभवों एवं परिस्थितियों के अनुसार भिन्न-भिन्न प्रकार के जीवन-दर्शन को अपनाया। ...२३ KB (१०८ शब्द) - ००:३०, १२ अगस्त २०२१
- ...]] में शिक्षा पाई। 1856 से 1860 तक आप ऐबर्डीनके मार्शल कालेज में प्राकृतिक दर्शन (Naturalphilosophy) के प्रोफेसर रहे। सन् 1860 से 68 तक आप [[लंदन]] के किंग ...११ KB (२०९ शब्द) - १४:४३, ९ दिसम्बर २०२०
- ==दर्शनीय उलझाव== ;दर्शन ...१० KB (६३९ शब्द) - १७:२७, १३ जून २०२१
- '''स्टोइक दर्शन''' (Stoicism) [[अरस्तु|अरस्तू]] के बाद [[यूनान]] में विकसित हुआ था। [[स्टोइक दर्शन]] या स्टोइकवाद एक प्राचीन ग्रीक दर्शन है जो कि 300 BC के आसपास [[सिटियम के निवासी जेनो]] द्वारा तपस्यावाद के परिष ...२० KB (११६ शब्द) - ०२:०२, १६ जून २०२०
- ...अब स्थिर मत अपनाने का समय आ गया है। [[धर्म]], [[विज्ञान]], [[दर्शनशास्त्र|दर्शन]], [[नीति]], [[राजनीति]] सभी सिद्धांत की अपेक्षा करते हैं। ...हम पीछे छोड़ आए हैं और सिद्ध नियम के आविष्कार की संभावना दिखाई नहीं देती। दर्शन का काम समस्त अनुभव को गठित करना है; दार्शनिक सिद्धांत समग्र का समाधान है। अ ...११ KB (३२४ शब्द) - १८:३९, ७ मार्च २०२०
- ...पुरातन काल से सोच विचार होता आ रहा है। [[कणाद]] (३०० ई. पू.) के [[वैशेषिक दर्शन]] में आकाश, दिक् और काल की धारणाएँ सुस्पष्ट दी गई हैं और इनके गुणों का भी ==भारतीय धर्म-दर्शन का दृष्टिकोण== ...२७ KB (७१ शब्द) - १४:००, १७ अप्रैल २०२१
- ...को इस नाम से पुकारा जाता है। एक एंडलुसियन दार्शनिक और विचारक थे जिन्होंने दर्शन, [[धर्मशास्त्र]], चिकित्सा, खगोल विज्ञान, भौतिकी, [[इस्लामी न्यायशास्त्र]] ...े बीच भी अनिवार्य था। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि यदि बाइबल का पाठ कारण और दर्शन के आधार पर निष्कर्ष निकालने के लिए प्रकट हुआ, तो पाठ को रूपक रूप से व्याख्य ...१३ KB (३७४ शब्द) - ००:२२, २७ सितम्बर २०२०
- ...बनावट और प्रक्रिया अध्ययन का प्रमुख विषय बन गई है। [[भारत]] में [[वैशेषिक दर्शन]] ने अणु पर विशेष विचार किया है। [[वैशेषिक दर्शन]] का उद्देश्य मौलिक पदार्थों या परतम जातियों का अध्ययन है। इन पदार्थों में ...१२ KB (४१२ शब्द) - ०१:४१, १ मार्च २०२०
- ...|दर्शन]] के लिये बहुत उर्वर रही है। बहुत से विद्वान मानते हैं कि '''यूनानी दर्शन''' ने सम्पूर्ण पाश्चात्य चिन्तन पर अमिट छाप छोड़ा है। ...स्थान में, प्लेटो और अरस्तू की व्यवस्था ही विवेचन का लक्ष्य बन गई। यूनानी दर्शन का जन्म आइओनिया में हुआ। थेल्स (624-550 ई.पू.) एनैक्सिमैंडर (611-547 ई.पू.) ...२८ KB (५८ शब्द) - १३:०३, २७ जून २०२१
- * [[भारतीय दर्शन में परमाणु]] ...१५ KB (३०६ शब्द) - ००:३८, २० जुलाई २०२१
- ...जीडेंशल यूनिवर्सिटी) का रूप धारण कर लिया था। इन गुरुकुलों में वेद, वेदांग, दर्शन, नीतिशास्त्र, इतिहास, पुराण, धर्मशास्त्र, दंडनीति, सैन्यशास्त्र, अर्थशास्त् ...ोम की शिक्षाप्रणाली पर यूनान का यह प्रभाव पड़ा कि वहाँ भी इतिहास, विज्ञान, दर्शन, वक्तृत्वकला और शास्त्रार्थकला की उच्च शिक्षा दी जाने लगी जिसके प्रभाव से स ...१५ KB (१३६ शब्द) - १५:२७, १५ अगस्त २०२१