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- ...da Afghanistan - Art gréco-bouddhique D 69 2.jpg|right|thumb|300px|महात्मा बुद्ध के सिर पर स्थित ऊष्णीष]] [[गौतम बुद्ध|महात्मा बुद्ध]] के सिर पर स्थित अण्डाकार संरचना को [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] में '''उष्णीष ...६८४ बाइट (१९ शब्द) - १४:३९, ५ अप्रैल २०२०
- ..., मीनू पब्लिकेशन्स इलाहाबाद, पृष्ठ-५५६</ref> ज्ञान प्राप्ति के बाद महात्मा बुद्ध निरंजना नदी के तट पर अजपाल नामक वटवृक्ष के नीचे उरुवेला में रहते थे। [[श्रेणी:गौतम बुद्ध]] ...२ KB (६ शब्द) - २२:५८, ४ मार्च २०२०
- [[File:Buddha in Sarnath Museum (Dhammajak Mutra).jpg|thumb|गौतम बुद्ध]] '''बुद्धावतार''' भगवान् [[विष्णु]] के दश अवतारों में ९वाँ [[अवतार]] और चौबीस अवतारों ...२ KB (४२ शब्द) - ००:४३, ४ अगस्त २०२१
- ...श]] काल की [[चीन]] के [[हेबेई|हेबेई प्रान्त]] से मिली [[गौतम बुद्ध|महात्मा बुद्ध]] की मूर्ति]] ...उस स्थिति को कहा जाता है जिसमें वह पूरा ज्ञान और [[अवगम|बोध]] पाकर सम्यमसंबुद्ध (जिसे [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] में 'सम्यक्सम्बोधि' की अवस्था कहते हैं) [[नि ...३ KB (७२ शब्द) - ०७:५६, ३ मार्च २०२०
- ...हो जाता है। ये सूत्र इस मामले में अनन्य हैं कि बुद्ध ने इन्हें पूर्ववर्ती बुद्ध से सुना था। अन्य संस्कृत ग्रन्थों की भाँति आर्यसंघाट सूत्र भी महात्मा बुद्ध के शिष्यों द्वारा कंठस्थ कर लिया गया था और बाद में तालपत्रों आदि पर लिपिबद् ...३ KB (३६ शब्द) - २२:०१, ९ फ़रवरी २०२१
- ...से निकला धर्म और दर्शन है । इसके प्रस्थापक महात्मा बुद्ध शाक्यमुनि ([[गौतम बुद्ध]]) थे । वे छठवीं से पाँचवीं शताब्दी ईसा पूर्व तक जीवित थे । उनके गुज़रने के ...ी स्थिति का अंत । "मैं केवल एक ही पदार्थ सिखाता हूँ - दुःख और दुःख निरोध" (बुद्ध) । बौद्ध धर्म के अनुयायी [[आर्य अष्टांग मार्ग]] के अनुसार जीकर अज्ञानता और ...३ KB (११ शब्द) - १७:०१, ९ जुलाई २०१८
- ...b|250px|ऋषिपत्तन के मृगवन में पंचवर्गीय भिक्षुओं को उपदेश देते हुए महात्मा बुद्ध]] ...वर्तनसूत्र''' ([[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] में) बौद्ध ग्रन्थ है जिसमें [[गौतम बुद्ध]] द्वारा ज्ञानप्राप्ति के बाद दिया गया प्रथम [[उपदेश]] संगृहित है। ...२ KB (२२ शब्द) - ०८:३३, २० मार्च २०२१
- ...[[संस्कृत भाषा|संस्कृत]]) या '''विपस्सना''' ([[पालि भाषा|पालि]]) यह [[गौतम बुद्ध]] द्वारा बताई गई एक बौद्ध योग साधना हैं। विपश्यना का अर्थ है - विशेष प्रकार ...जीने की कला है। भूत की चिंताएं और भविष्य की आशंकाओं में जीने की जगह भगवान बुद्ध ने अपने शिष्यों को आज के बारे में सोचने केलिए कहा। विपश्यना सम्यक् ज्ञान है ...३ KB (५४ शब्द) - २२:३२, १७ जून २०२०
- '''गंधकुटी''' बुद्ध, केवली या भगवान के विराजने का स्थान। ...ीर|महावीर स्वामी]] की 50, 50 और 75 दंड, लंबी चौड़ी ऊँची थी। [[सारनाथ]] में बुद्ध की भी गंध कुटी अथवा मूलगंधकुटी थी। ...२ KB (५ शब्द) - १९:००, १० मार्च २०२१
- ...नहीं मारा गया था। कुछ [[सूत्र|सूत्रों]] में यह बात सामने आती है कि महात्मा बुद्ध इस बात पर बल देते थे कि उनके अनुयायी किसी ऐसे प्राणी का मांस न खाएं जो संवे ...३ KB (६३ शब्द) - ०१:५४, १३ मई २०२१
- [[थेरवाद]] परम्परा के अनुसार '''प्रथम बौद्ध संगीति''' [[गौतम बुद्ध|महात्मा बुद्ध]] के परिनिर्वाण के अगले वर्ष (५४३ - ५४२ ईसापूर्व) हुई थी। किन्तु [[महायान]] ...२ KB (१९ शब्द) - ००:३७, २४ जुलाई २०२१
- ...x|right|एक संस्कृत पाण्डुलिपि में चार आर्यसत्यों का उपदेश देते हुए महात्मा बुद्ध (नालन्दा, बिहार)]] ...ps://www.motivatorindia.in/2019/09/gautam-buddha-in-hindi.html |title=गौतम बुद्ध का सम्पूर्ण जीवन |access-date=23 सितंबर 2019 |archive-url=https://web.archi ...६ KB (४२८ शब्द) - २३:५५, १७ सितम्बर २०२०
- |holiday_name=बुद्ध पूर्णिमा<br />वेसाक |official_name=बुद्ध पूर्णिमा<br />वैशाख पूजा<br />वैशाख<br />वेसाक<br />विसाख बुचा<br />सागा दा ...१६ KB (४१२ शब्द) - १३:३५, १६ जून २०२१
- ...0px|[[गांधार (जनपद)|गन्धार]] से पहली सदी ईसवी में बनी [[गौतम बुद्ध|महात्मा बुद्ध]] की मूर्ति]] ...की दो प्रमुख शाखाओं में से एक है। दूसरी शाखा का नाम [[थेरवाद]] है। महायान बुद्ध धर्म [[भारत]] से आरम्भ होकर उत्तर की ओर बहुत से अन्य [[एशिया|एशियाई देशों]] ...८ KB (१७४ शब्द) - १६:०८, १५ जून २०२०
- [[चित्र:Avatars.jpg|right|thumb|250px|हिन्दू धर्म में [[गौतम बुद्ध]] को [[विष्णु]] के दस [[अवतार|अवतारों]] में से एक माना जाता है। (नीचे, दाहि ...नों ही [[भारत]]भूमि से उपजे हैं। हिन्दू धर्म के वैष्णव संप्रदाय में [[गौतम बुद्ध]] को [[दशावतार|दसवाँ अवतार]] माना गया है हालाँकि बौद्ध धर्म इस मत को स्वीका ...१३ KB (३२३ शब्द) - २३:३५, २० जुलाई २०२१
- बौद्ध पन्थ में धर्मचक्र का विशेष महत्व है। [[गौतम बुद्ध|बुद्ध]] ने [[सारनाथ]] में जो प्रथम धर्मोपदेश दिया था उसे ''[[धम्मचक्कप्पवत्तनसुत् धम्मचक्र के आठ पहिये तथागत बुद्ध के बताए हुए [[आर्य आष्टांगिक मार्ग|अष्टांगिक मार्ग]] को दर्शाते है। ...९ KB (२४५ शब्द) - १२:०९, २ मई २०२१
- ...को ही वज्रयान का सर्वोच्च देवता स्थिर किया गया और यह माना गया कि पंचध्यानी बुद्धों का उन्हीं से विकास हुआ। ...। प्राय: वज्रधर और वज्रसत्व को एक मान लिया जाता है। आदिबुद्ध इन सभी ध्यानी बुद्धों के जनक हैं और साथ ही तांत्रिक बौद्ध देवमंडल के सर्वोच्च देवता हैं। ...१२ KB (१३ शब्द) - २२:००, ५ मार्च २०२०
- [[चित्र:Stone-Sera16.JPG|300px|thumb|महात्मा बुद्ध के चित्र के साथ पत्थर पर लिखा गया मंत्र]] ...४ KB (२८५ शब्द) - ०९:५१, १० जून २०२१
- महात्मा बुद्ध के परिनिर्वाण के अल्प समय के पश्चात से ही उनके उपदेशों को संगृहीत करने, उनक ...७ KB (५६ शब्द) - ०७:५९, १२ अगस्त २०२१
- ...ं स्थित एक नगर है, जिसका गहरा ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है। यहाँ [[महात्मा बुद्ध]] ने [[बोधि वृक्ष]] के तले [[निर्वाण]] प्राप्त करा था। बोधगया [[राष्ट्रीय र ...ोधगया में [[बोधि वृक्ष|बोधि पेड़़]] के नीचे [[तप]]स्या कर रहे भगवान [[गौतम बुद्ध]] को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। तभी से यह स्थल [[बौद्ध धर्म]] के अनुयायियों ...३७ KB (१४१ शब्द) - १०:५६, ३ जनवरी २०२१