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  • ...न्द्रभान था बताया कि उसमें यह शक्ति टीले पर बैठने के बाद स्वत: चली आती है, भोज ने सोचविचार कर टीले को खुदवाकर देखने का फैसला किया। जब खुदाई सम्पन्न हुई तो [[श्रेणी:राजा भोज]] ...
    ११ KB (२५३ शब्द) - १२:४४, १५ फ़रवरी २०२१
  • ...श'' तीन खण्डों में १९२०, १९२१ तथा १९३५ में प्रकाशित की। ''[[परमार भोज|राजा भोज]]'' नामक पुस्तक १९३२ में प्रकाशित की गयी<ref>''कल्चरल कॉणटूर्स ऑफ़ इंडिया'' * ''राजा भोज'', प्रकाशक: हिंदुस्तान अकादमी १९३२ ...
    ६ KB (१६२ शब्द) - १२:५१, १५ जून २०२०
  • ...num:{{#expr:100*1800000/3287263 round 0}}}}% || {{dts|860}} || [[मिहिर भोज|भोज 1]] <small> (''[[महाराजा]]'') </small> || [[कन्नौज]] || <ref>[http://empire ...
    १२ KB (५८६ शब्द) - २३:३१, ९ मई २०२१
  • ...द्राचार्य|हेमचन्द्र]] ( १२ वीं श०) का 'लघ्वर्हनीति' और धारानरेश [[राजा भोज|भोज]] (१२ वीं श०) का 'युक्तिकल्पतरु' का नाम विशेषरूप से उल्लेखनीय है। १४वीं से ...
    १४ KB (९८ शब्द) - २१:५१, ८ अगस्त २०२१
  • [[परमार भोज|राजा भोज]] द्वारा रचित [[समराङ्गणसूत्रधार|समरांगणसूत्रधार]] के 'यन्त्रविधान' नामक ३१ ...
    १३ KB (२५६ शब्द) - १७:५४, १५ जून २०२०
  • [[परमार भोज|भोज]] ने अपने [[सरस्वतीकंठाभरण|सरस्वती कण्ठाभरण]] में पूर्वपीठिका का स्तुति श्ल ...
    २२ KB (१४९ शब्द) - १०:०२, ६ मई २०२१
  • ...ें प्रवेश किया। भगवान श्रीकृष्णचन्द्र की द्वारिकापुरी अमरावती के समान मधु, भोज, दाशार्ह, अर्हकुकुर, अन्धक तथा वृष्णि वंशी यादवों से उसी प्रकार सुरक्षित रह भगवान श्रीकृष्णचन्द्र ने सम्पूर्ण राजाओं को परस्पर भिड़ाकर पृथ्वी के भार को बिना शस्त्रास्त्र ग्रहण किये ही हल्का ...
    १३ KB (२७ शब्द) - ११:४०, १८ जनवरी २०२१
  • ...य बार मन्दिर का पुनर्निर्माण सातवीं सदी में [[वल्लभीपुर|वल्लभी]] के मैत्रक राजाओं ने किया। आठवीं सदी में [[सिन्ध]] के अरबी गवर्नर ''जुनायद'' ने इसे नष्ट कर इसके बाद गुजरात के राजा भीम और [[मालवा]] के राजा भोज ने इसका पुनर्निर्माण कराया। सन 1297 में जब [[दिल्ली सल्तनत]] ने गुजरात पर क ...
    २९ KB (४२४ शब्द) - ००:५५, २१ अगस्त २०२१
  • ...ंतियाँ हैं। इसमें सबसे प्रसिद्ध किदवंती यह है कि आचार्य मानतुंग को जब राजा भोज ने जेल में बंद करवा दिया था। और उस जेल के 48 दरवाजे थे जिन पर 48 मजबूत ताले मानतुंग आचार्य 7वी शताब्दी में राजा भोज के काल में हुए है। मंत्र शक्ति में आस्था रखने वालो के लिए यह एक दिव्य स्तोत ...
    २३ KB (६३७ शब्द) - २१:०२, १० सितम्बर २०२०
  • ...भोज इस दिन एक बड़ा उत्सव करवाते थे जिसमें पूरी प्रजा के लिए एक बड़ा प्रीतिभोज रखा जाता था जो चालीस दिन तक चलता था। <ref>{{cite web|url= http://delhipubli ...
    ३१ KB (४८७ शब्द) - ०२:२५, २८ फ़रवरी २०२१
  • ...-विज्ञान है: ‘‘कौटिल्येन नरेन्द्रार्थे शासनस्य विधि: कृत:।’’ (''कौटिल्य ने राजाओं के लिये शासन विधि की रचना की है।'') इन शब्दों से स्पष्ट है कि आचार्य ने इ ...ीतिवाक्यामृत]], [[हेमचन्द्राचार्य|हेमचन्द्र]] का लघु अर्थनीति, [[परमार भोज|भोज]] का युक्तिकल्पतरु, [[शुक्राचार्य|शुक्र]] का [[शुक्रनीति]] आदि कुछ दूसरे सु ...
    ५४ KB (६५३ शब्द) - २१:३३, १२ अगस्त २०२१
  • ...करना चाहते थे। मंगोल भाषा में लिखा गया [[विक्रमादित्य]], [[परमार भोज|राजा भोज]] और [[कृष्ण]] की कथाएं वे अपने साथ लाए। ...ण्डी]] का [[काव्यादर्श]] आदि सम्मिलित हैं। इनमें से एक, "गिसन खां" अर्थात् राजाकृष्ण की कथाओं का उनकी सुपुत्री डॉ॰ सुषमा लोहिया ने अनुवाद किया है। वे भारती ...
    ३१ KB (५८३ शब्द) - ११:४०, ६ मई २०२१
  • ...त में वशिष्ठ मुनि के आश्रम में राज्यपरिवर के वनागमन के उपलक्ष्य में किए गए भोज का वर्णन मिलता है। चरक संहिता में भी मुर्गी के मांस का समर्थन अत्यंत पौष्टि ..., बगुला, अजगर आदि पशु हैं। रामायण और महाभारत में सूर्य और चंद्रमा से जन्मे राजाओं की कथाएँ मिलती हैं। कुछ कथाओं में राजपुत्रों का जन्म अनहोनी पस्थितियों मे ...
    २३ KB (१२ शब्द) - ०२:५३, १६ मार्च २०२०
  • ...ं ने हिंदी सीखी. इस युग की कहानियों में [[शिवप्रसाद सितारे हिन्द]] की राजा भोज का सपना महत्त्वपूर्ण है। ...
    २४ KB (१२० शब्द) - ०६:३९, ४ अगस्त २०२१
  • ...ोधन कात्यायन और भाष्यकार [[पतञ्जलि|पतंजलि]] किया। जिसका पुनरुद्धार [[परमार भोज|भोजदेवके]] '[[सरस्वतीकंठाभरण|सरस्वती कंठाभरण]]' में हुआ।) * हेमचंद्र अत्यन्त कुशाग्र बुद्धि थे। राजाकुमारपाल के सामने किसी मत्सरी ने कहा 'जैन प्रत्यक्ष देव सूर्य को नहीं मानते' ...
    ४६ KB (३५७ शब्द) - १७:०२, ९ जनवरी २०२१
  • ...पहर तक लोग नहाते हैं और शाम को नए वस्त्र पहनकर सबसे मिलने जाते हैं। प्रीति भोज तथा गाने-बजाने के कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं। ...ाई पड़ती हैं। बच्चे पिचकारियों से रंग छोड़कर अपना मनोरंजन करते हैं। प्रीति भोज तथा गाने-बजाने के कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं।<ref>{{समाचार सन्दर्भ|title ...
    ६८ KB (१,६३८ शब्द) - २१:५४, २५ अगस्त २०२१
  • ...ा है वह योगविद्वजनों के बीच समादरणीय एवं प्रसिद्ध माना जाता है। [[राजा भोज|भोज]] के राज्य का समय 1075-1110 विक्रम संवत माना जाता है। कुछ इतिहासकार इसे 16व ...
    ६३ KB (४९३ शब्द) - ११:४५, २८ मई २०२१
  • ...ी लाल गोस्वामी की " प्रणयिनी परिणय", राजा शिवप्रसाद 'सितारे हिंद' की "राजा भोज का सपना", भारतेंदु हरिश्चंद्र कृत "एक अद्भुत अपूर्व स्वप्न" भी अपने परंपराग ...कर प्रसाद) 1912 ई॰, परदेसी (विश्वम्भरनाथ जिज्जा) 1912 ई॰, कानों में कंगना (राजाराधिकारमणप्रसाद सिंह)1913 ई॰, रक्षाबंधन ([[विश्वंभर नाथ शर्मा 'कौशिक'|विश्वम ...
    ५१ KB (१०७ शब्द) - २०:१४, ४ अगस्त २०२१
  • |उत्सव = राखी बाँधना, उपहार, भोज ...
    ६५ KB (१,४३० शब्द) - १८:११, २३ अगस्त २०२१
  • ...्रण रहे। किशोर विनायक से किसी ने कह दिया था कि ब्रह्मचारी को किसी विवाह के भोज में सम्मिलित नहीं होना चाहिए। वे ऐसे कार्यक्रमों में जाने से अक्सर बचते भी ...मानो परीक्षा की घड़ी भी करीब आ गई। उन्होंने तय कर लिया कि विवाह के अवसर पर भोज से दूर रहेंगे. कोई टोका-टाकी न करे, इसलिए उन्होंने उस दिन उपवास रखने की घोष ...
    ८६ KB (३६९ शब्द) - १९:०५, १० जनवरी २०२१
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