खोज परिणाम
दिखावट
इस विकि पर "रासो काव्य" नाम का पृष्ठ बनाएँ! खोज परिणाम भी देखें।
- ...का विशाल काव्य ग्रंथ है। राजाओं के युद्धों और विवाहों के सरल वर्णनों से इस काव्य की भावभूमि का विस्तार हुआ है। [[वीर रस]] के साथ-साथ [[शृंगार रस]] की भी प्र [[श्रेणी:काव्य]] ...३ KB (१५ शब्द) - १४:३७, २२ अगस्त २०२१
- ...पहली रचना होने का सम्मान प्राप्त है। [[पृथ्वीराज रासो]] हिंदी का सबसे बड़ा काव्य-ग्रंथ है। इसमें 10,000 से अधिक [[छंद]] हैं और तत्कालीन प्रचलित 6 भाषाओं का ...कर दिया गया। इनके द्वारा रचित पृथ्वीराज रासो हिंदी भाषा का पहला प्रामाणिक काव्य माना जाता है। ...९ KB (३४ शब्द) - ००:०१, २७ अगस्त २०२१
- वृहद् आकार की तथा किसी महान कार्य का वर्णन करने वाली [[काव्य]]रचना को '''महाकाव्य''' (epic) कहते हैं। [[चित्र:Beowulf.firstpage.jpeg|right|thumb|300px|'बियोवुल्फ' नामक महाकाव्य का प्रथम पृष्ठ]] ...१२ KB (५१ शब्द) - १०:१५, ६ मई २०२१
- ...ी साहित्य एवम् राजनीति शास्त्र, सामाजिक एवम् राजनैतिक विश्लेषक,(सुप्रसिद्ध काव्य "दिल की आहट").200 से अधिक कविताएं प्रकाशित। सुनील मिश्रा 7 वर्ष अंतर्राष्ट् ...13-1999); भीमायण महाकाव्य, वीरांगना झलकारी बाई महाकाव्य, जग जीवन ज्योति महाकाव्य, गुरू दक्षिणा (नाटक), देवासुर संग्राम (नाटक) ...१२ KB (१२६ शब्द) - ०१:२८, ९ अगस्त २०२१
- *अमरसिंहभिषेक-काव्य, पिलानी १९५३ *रास तथा रासान्वयी काव्य (सह संपादन), प्रकाशक: नागरी प्रचारिणी सभा, वाराणसी १९५९ ...२९ KB (७१४ शब्द) - ०६:०८, १५ जून २०२०
- ...तर्कशास्त्र, गणित, ज्योतिष विज्ञान, खगोल शास्त्र, चिकित्सा शास्त्र एवं महाकाव्यों का अध्ययन किया। परम्परा से प्राप्त प्रतिभा तो इनमें भरपूर थी। [[फ़ारसी भा "वीर विनोद – मेवाड़ का इतिहास", राजस्थान के इतिहास से सम्बन्धित एक विशालकाय काव्य ग्रन्थ है। यह पाँच भागों में है। यह ग्रन्थ सन् 1886 ई. में रचकर तैयार हुआ थ ...२२ KB (२९७ शब्द) - १३:१८, २ जनवरी २०२१
- ...अंतिम होने के कारण सभी पूर्ववर्ती मतों के सारसंकलन के रूप में उपलब्ध है।महाकाव्य में भारत को भारतवर्ष अथवा भरत का देश कहा गया है तथा भारत निवासियों को भारती == महाकाव्य के लक्षण == ...४० KB (२१३ शब्द) - १०:१५, ६ मई २०२१
- ...ास्त्रों के साथ-साथ उन्होंने वेदों का भी गहन अध्ययन किया था। ईश्वरविलास महाकाव्य में अश्वमेध यज्ञ के वर्णन-प्रसंग में इनके ज्ञानगांभीर्य को देखा जा सकता है। ...स्प है जिसका अभिलेख इसी वंश के विद्वानों ने '''"कुलप्रबंध"''' नामक संस्कृत काव्य में अभिलिखित भी कर दिया है। दक्षिण भारत के अधिकांश विद्वान् [[शंकराचार्य]] ...३६ KB (७५९ शब्द) - १०:२६, ६ मई २०२१
- ...e web|url=http://tdil.mit.gov.in/CoilNet/IGNCA/bund0016.htm|title=बुन्देली काव्य का ऐतिहासिक संदर्भ|access-date=[[२३ जून]] [[२००९]]|format=|publisher=टीडीआई ...९२ KB (१,८५८ शब्द) - ०१:४६, ९ अगस्त २०२१
- ...cite web|url= http://www.hindinest.com/bhaktikal/009.htm|title= भक्तिकालीन काव्य में होली|access-date= 4 मार्च 2008|format= एचटीएम|publisher= हिंदीनेस्ट.कॉम ...६८ KB (१,६३८ शब्द) - २१:५४, २५ अगस्त २०२१