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- ...ण्डल के [[गैस दानव]] ग्रहों के शक्तिशाली [[गुरुत्वाकर्षण]] के प्रभाव से इस क्षेत्र में फेंके गए हैं। इनमें से बहुत सी वस्तुएँ सूरज की परिक्रमा बड़ी टेढ़ी-मेढ़ * [[वरुण-पार वस्तुएँ]] ...३ KB (२० शब्द) - ०९:५३, ५ मार्च २०२०
- ...र [[काइपर घेरा|काइपर घेरे]] से भी बाहर एक [[बिखरा चक्र|बिखरे चक्र]] नाम के क्षेत्र में स्थित हैं। २०११ में ऍरिस और डिस्नोमिया सूरज से ९६.६ [[खगोलीय इकाई]] की * [[वरुण-पार वस्तुएँ]] ...५ KB (९५ शब्द) - ०४:३७, १५ जून २०२०
- ...क्षेत्र है। सौर मण्डल के [[काइपर घेरा|काइपर घेरे]] और [[बिखरा चक्र]] वाले क्षेत्र - जो वैसे बहुत बाहर की ओर माने जाते हैं - दोनों और्ट बादल के हज़ार गुना अधि == और्ट बादल के क्षेत्र == ...४ KB (२२ शब्द) - १०:५७, १५ मार्च २०२०
- माकेमाके [[पोलीनेशिया]] क्षेत्र के [[ईस्टर द्वीप]] के धर्म में एक देवता थे जिनको मानवजाति की सृष्टि करने का * [[वरुण-पार वस्तुएँ]] ...५ KB (१८ शब्द) - १३:४४, २ मार्च २०२०
- ...े तो सफ़ेद है, लेकिन उसपर एक लाल रंग का क्षेत्र देखा गया है। संभव है के इस क्षेत्र में प्लूटो की तरह अन्य लालिमा प्रदान करने वाले पदार्थ हों। * [[वरुण-पार वस्तुएँ]] ...७ KB (२० शब्द) - २२:११, २७ नवम्बर २०२०
- ...े के बाद अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ ने निर्णय लिया कि उसका नाम लास एंजेल्स क्षेत्र में प्राचीनकाल से बस रहे तोन्गवा (<small>Tongva</small>) नामक [[इंडियन (अमे * [[वरुण-पार वस्तुएँ]] ...९ KB (२१५ शब्द) - ०४:२२, १६ जून २०२०
- ...िखरी हुई वस्तुएँ नारंगी रंग में, सौर मण्डल के चार बाहरी ग्रह नीले रंग में, वरुण (नॅप्ट्यून) के इर्द-गिर्द की वस्तुएँ पीले रंग में और बृहस्पति के इर्द-गिर्द ...सृजनात्मक दौर से बची हुई रह गयी। काइपर घेरा का क्षेत्र क्षुद्रग्रह घेरे के क्षेत्र से २० गुना चौड़ा और २०० गुना ज़्यादा फैला हुआ है।<ref name=beyond>{{cite we ...११ KB (५८४ शब्द) - २२:३६, ३ जून २०२१
- ...किसी पिंड को निश्चित ऊँचाई से गिराया जाता है और समान अवधि में उसके द्वारा पार की हुई दूरियाँ नाप ली जाती हैं। इससे g के मान की गणना की जाती है। इस विधि क | [[वरुण (देव)|वरुण]] (Neptune) ...१८ KB (३८२ शब्द) - १८:१३, २७ जुलाई २०२१
- ...्त’ है। अवेस्ता के देवताओं में- जो भारतीय आर्यों से मिलते-जुलते हैं-मित्र, वरुण, आर्यमन् और यमी (यम) है। वैदिक साहित्य में इधर आर्यों ने दिन-दिन विकास प्रा दक्षिणेन तु नीलस्य मेरोः पार्श्वे तथोत्तरे। उत्तराः कुरवो विप्राः पुण्याः सिद्धनिषेविताः॥<br /> ...१४० KB (७१४ शब्द) - १९:५५, ३ फ़रवरी २०१८
- ...चली आ रही है, किन्तु इस पर सबसे अधिक प्रभाव आदर्शवाद का पड़ा है। शिक्षा के क्षेत्र में आदर्शवाद को प्रमुखता देने वालों में सर्वप्रथम प्लेटो, कॉमेनियस, पेस्टाल ...ा के चरम स्वरूप को जानने के लिए आदर्शवादियों के अनुसार मनुष्य को चार सोपान पार करने होते हैं। प्रथम सोपान पर उसे अपने ‘प्राकृतिक स्व’ का विकास करना होता ह ...७१ KB (२४५ शब्द) - ०५:०३, ५ फ़रवरी २०२१
- ...का इस्तेमाल, मोटे तौर पर सामाजिक मानदंडों, [[नीतिशास्त्र|नैतिक मूल्यों]], पारंपरिक रिवाजों, [[धर्म|धार्मिक]] मान्यताओं, राजनीतिक प्रणालियों और विशिष्ट कल ...लोग|स्लाविक]] और अन्य सजातीय समूहों की विरासत, के साथ-साथ जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में [[विवेकवाद|तर्कवाद]] की परंपरा, जिसका विकास यूनानी मत के दर्शन, शास्त ...८९ KB (७२८ शब्द) - १७:५२, ८ अक्टूबर २०२०
- ...ातार 3 पारी के लिए भारत गणराज्य की [[प्रधानमन्त्री]] रहीं और उसके बाद चौथी पारी में 1980 से लेकर 1984 में उनकी राजनैतिक हत्या तक भारत की प्रधानमंत्री रहीं ...े सन् 1975 में [[आपातकाल (भारत)|आपातकाल]] लागू किया। उन्होंने एवं काँग्रेस पार्टी ने 1977 के आम चुनाव में पहली बार हार का सामना किया। सन् 1980 में सत्ता म ...८६ KB (५५२ शब्द) - ०३:५७, १४ अगस्त २०२१