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- ...ति]] को जानने का सर्वाधिक विश्वनीय और दिलचस्प माध्यम है। मुद्राओं की धातु, शिल्प और प्रतीकों के माध्यम से उनका काल और मूल्य निर्धारण किया जाता है तथा उनके स ...२ KB (२६ शब्द) - ११:१९, ५ फ़रवरी २०२१
- * संवेदना और शिल्प (शोध प्रबंध) (२००६) ...३ KB (११२ शब्द) - १९:४९, १ सितम्बर २०२०
- ...़ावा दिया जा सके। यह त्योहार सबसे विशिष्ट घटना है, जो [[कला]], [[शिल्पकर्म|शिल्प]], [[संगीत]], [[नृत्य]] और कई सांसकृतिक के कार्यक्रमों के रूप मे परंपराओं औ ...३ KB (७३ शब्द) - २१:५०, १५ जून २०२०
- ...बंधी नए प्रयोगों को ध्यान में रखकर रचे गए हैं जिस कारण आधुनिक युगबोध इनमें शिल्पित दिखाई देता है।<REF> ...३ KB (४९ शब्द) - १८:०२, १५ जून २०२०
- ...ामी]] हैं। इस पत्रिका की विशेषता यह है कि इसमें सभी विधाओं की भाव, भाषा और शिल्प तीनों पक्षों पर खरी उत्कृष्ट रचनाएँ ही प्रकाशित की जाती हैं। रचनाकारों के म ...३ KB (२७ शब्द) - २३:०६, १५ जून २०२०
- '''विश्वकर्मा''' एक भारतीय उपनाम है जो मूलतः शिल्पी (क्राफ्ट्समैंन) लोगों द्वारा प्रयोग में लाया जाता है। ...12}} {{subscription required}}</ref> और उन्हीं के नाम पर विभिन्न प्रकार के शिल्प कार्य करने वाली जातियाँ अपने को 'विश्वकर्म' कहतीं हैं। ...३ KB (१११ शब्द) - १२:२५, २० जुलाई २०२१
- ...संस्कृति]] में इस शब्द का अर्थ तन्वन, विस्तार, संयमन, प्रलंबन है। चित्र और शिल्प में मूल अंग्रेजी शब्द 'डाइमेंशन' का अर्थ 'सिम्त' होता था; जैसे भित्तिचित्र ...ंकर बैज के 'संथाल परिवार' जैसे शिल्प भी ऐसी ही यथार्थ घटनाओं या वस्तुओं की शिल्पानुकृतियाँ हैं। परंतु उनसे आगे बढ़कर अरूप भावनाओं को शुद्ध आकारों में रूपायि ...८ KB (३४ शब्द) - १८:४१, १ सितम्बर २०२०
- ...े लिए परिपाटियों को ललकारा था। ऐसा कोई अवसर नहीं था, जब उन्होंने हथकरघा या शिल्प की एक सुदूर परंपरा या रंगमंच की खोज व पोषण न की हो। उनकी ही दृष्टि और दृढ़ ...८ KB (२०६ शब्द) - १०:०५, १७ सितम्बर २०२०
- ...जाना जाता है। [[साँची का स्तूप|सांची के स्तूप]] के तोरणास्तंभ पर उत्कीर्ण शिल्प में मांगलिक चिहों से बनी हुई दो मालाएँ अंकित हैं। एक में 11 चिह्न हैं - सूर ...५ KB (२८ शब्द) - ०६:३५, ५ मार्च २०२०
- ...चित्रकला में ‘शिल्पांकन’ नामक शैली का विकास किया जो चित्रकला तथा ‘एप्लीक’ शिल्प विधा से फलक पर चित्रित करने की एक तकनीक है। ललितकला अकादमी एवं राजस्थान सूच ...१२ KB (२२२ शब्द) - २३:१९, ६ अक्टूबर २०२०
- अनीश कपूर को अपनी शिल्प कला में महारत के लिए 1991 में टर्नर पुरस्कार मिल चुका है और 2003 में सीबीई ...५ KB (५७ शब्द) - १८:३६, ५ जून २०२१
- ...तुओं को भी शामिल किया जा रहा है, जैसे पुरातात्विक संग्रह, तैलचित्र, चित्र, शिल्प और कला की अन्य रचनाएँ। आज दिनांक को व्यक्तिगत वस्तुएं होने के बावजूद इन वस् ...६ KB (२३ शब्द) - १०:१२, १५ जून २०२०
- ...ं, एक [[संत]] होते हैं जिन्हें किसी [[सम्प्रभु राज्य|राष्ट्र]], [[स्थान]], शिल्प, गतिविधि, वर्ग, कबीले, परिवार या व्यक्ति का स्वर्गीय अधिवक्ता या रक्षक माना ...नेक [[सूफ़ीवाद|सूफी]] संतों को किसी [[सम्प्रभु राज्य|राष्ट्र]], [[स्थान]], शिल्प, वर्ग या कबीले का रक्षक माना जाता रहा है<ref name=Lings>{{cite book |first= ...१२ KB (४५० शब्द) - २३:४६, १९ जून २०२०
- ...ashivishvavidyalay.wordpress.com/2009/07/20/lohia_indian_sculpture/ भारतीय शिल्प : राममनोहर लोहिया] ...७ KB (२०५ शब्द) - ०९:१८, ६ मई २०२१
- ...] के बाद उन्होंने [[समाज शास्त्र]] में स्नातकोत्तर ([[एम॰ए॰]]) किया और कला-शिल्प की औपचारिक शिक्षा ग्रहण की। ...ं थीं। उन्होंने 'नारी रक्षा समिति' (१९४६ - [[पंजाब (भारत)|पंजाब]]), 'महिला शिल्प कला केन्द्र' (१९४७ - [[ग्वालियर]]), 'आशा कला केन्द्र' (महू - [[मध्य प्रदेश] ...१७ KB (१९२ शब्द) - ०७:२९, १६ जून २०२०
- [[श्रेणी:मृत्तिका शिल्प]] ...७ KB (५१ शब्द) - २३:३१, १४ जून २०२०
- ...स फीट है। ऊपर और नीचे का भाग हिन्दू शिल्पकला का आदर्श है और बीच का मुस्लिम शिल्प का। कहा जाता है कि मन्दिर के शिल्पकार की सहायता [[अकबर]] के प्रभाव के कुछ ई ...का उत्तरी भारत में अपनी किस्म का एक ही नमूना है। खजुराहों के मन्दिर भी इसी शिल्प के हैं। मूलभूत योजनानुसार पाँच मीनारें बनवाई गयीं थीं, एक केन्द्रीय गुम्बद ...१६ KB (२५ शब्द) - १५:३२, ४ मार्च २०२०
- * कंप्यूटर के अवयव तथा कंप्यूटर-शिल्प (computer elements and architecture) ...११ KB (३४५ शब्द) - १९:०५, १६ अगस्त २०२१
- ...ेश्य होता है। धार्मिक गतिविधियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा पारंपरिक हस्त शिल्प, भोजन और दैनिक उपयोग की पारंपरिक वस्तुओं की बिक्री भी की जाती है। धार्मिक म ...९ KB (१४८ शब्द) - १६:२२, १५ जून २०२०
- :(१) अभिव्यंजना सिद्धान्त की स्वीकृति के उपरान्त ऐसी समस्त आलोचना, जो शिल्प-विधान और शैलीगत विशेषताओं पर आद्धृत है, अनावश्यक प्रतीत होने लगी। क्रोचे के अनुसार किसी कलाकार के काव्य अथवा शिल्प में ही सौन्दर्य की यथार्थ अभिव्यक्ति होती है। प्रकृति में कोई सौन्दर्य नहीं ...३९ KB (१८४ शब्द) - ०९:१६, ६ मई २०२१