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इस विकि पर "संस्कृत खंडकाव्य" नाम का पृष्ठ बनाएँ! खोज परिणाम भी देखें।
- [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] साहित्य में इसकी जो एकमात्र परिभाषा [[साहित्य दर्पण]] में उपलब्ध है वह इस ...ें समग्र जीवन न ग्रहण कर केवल उसका खंड विशेष ही ग्रहण किया गया हो। अर्थात् खंडकाव्य में एक खंड जीवन इस प्रकार व्यक्त किया जाता है जिससे वह प्रस्तुत रचना के रूप ...५ KB (६ शब्द) - १७:५५, २ मार्च २०२०
- ...यं कवि द्वारा प्रकाशित (निःशुल्क वितरण के लिए); दूसरा संस्करण : 'राष्ट्रिय संस्कृत संस्थान, जयपुर से/२०१०) </ref> जो [[जयपुर]] के नगर-सौंदर्य, दर्शनीय स्थानों ''"यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे भट्ट मथुरानाथजी जैसे संस्कृत कविता के प्रसिद्ध हस्ताक्षर द्वारा रचित इस उत्कृष्ट कृति के लिए एक परिचयात् ...९ KB (२२५ शब्द) - ०९:५७, ६ मई २०२१
- ...और "कथा" दोनों ही शब्द [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] "कथ" धातु से उत्पन्न हैं। संस्कृत साहित्यशास्त्र में "[[कथा]]' शब्द का प्रयोग एक निश्चित काव्यरूप के अर्थ में इसके विपरीत कथानक (चाहे वह [[महाकाव्य]] की हो अथवा [[खण्डकाव्य|खंडकाव्य]], [[नाटक]], [[उपन्यास]] या [[लोकगाथा]] की हो) का वह तत्त्व है जो उसमें वर् ...११ KB (१५४ शब्द) - ०९:४४, ६ मई २०२१
- ...श्रव्य काव्य दो प्रकार का होता है, गद्य और पद्य। पद्य काव्य के महाकाव्य और खंडकाव्य दो भेद कहे जा चुके हैं। गद्य काव्य के भी दो भेद किए गए हैं- कथा और आख्यायिक सामान्यत: [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] के काव्य-साहित्य के दो भेद किये जाते हैं- दृश्य और श्रव्य। दृश्य काव्य शब ...३० KB (२८४ शब्द) - २३:४४, ४ जुलाई २०२१
- ...]] के महाकवि थे।<ref>[[कलानाथ शास्त्री]] :'संस्कृत के गौरव शिखर'(राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान, नई दिल्ली, प्रकाशन 1998)</ref> ...ई उसके प्रवर्तक के रूप में कविकलानिधि श्रीकृष्ण भट्ट का नाम स्मरणीय है। वे संस्कृत, प्राकृत, ब्रजभाषा और अपभ्रंश के सिद्धहस्त पंडित थे। व्याकरण, न्याय, मीमांस ...३६ KB (७५९ शब्द) - १०:२६, ६ मई २०२१
- ...से [[कश्मीर]] का साहित्य [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] में था। नीचे काश्मीर के संस्कृत के प्रमुख साहित्यकारों के नाम दिये गये हैं- .... 5th century. Widely regarded as the greatest poet and dramatist in the [[संस्कृत भाषा|Sanskrit]] language. ...२७ KB (९४५ शब्द) - १०:२८, ६ मई २०२१
- ...। । यह भगवान राम की [[समकालीन]] तथा आदि कवि [[वाल्मीकि]] द्वारा लिखा गया [[संस्कृत]] का एक अनुपम महाकाव्य, [[स्मृति]] का वह अंग है। इसे [[आदिकाव्य]]<ref>'रामा ...भारतीय लोग उचित ज्ञान के अभाव तथा विदेशी सत्ता के प्रभाव के कारण अपनी ही [[संस्कृति]] को भूलने लग गये।{{Citation needed}} ऐसी स्थिति को अत्यन्त विकट जानकर जनज ...५९ KB (४२१ शब्द) - १६:२४, २५ अगस्त २०२१