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- *(1) '''[[खगोल शास्त्र|खगोल या अंतरिक्ष विज्ञान]]''' (Astronomy) जिसके अंतर्गत आकाशीय पिण्डों का अ ...प्रकार मनुष्य और प्रकृति की पारस्परिक अंतर्क्रिया के परिणामस्वरूप नये-नये सांस्कृतिक तत्व उत्पन्न होते हैं जिनकी व्याख्या करना भूगोल का परम उद्देश्य है। ...२३ KB (११० शब्द) - १८:११, ४ जनवरी २०२१
- ...गा तथा उसे प्रसन्न करने हेतु अनेकों उपायों का सहारा लिया- इन उपायों में से मानव ने नृत्य को अराधना का प्रमुख साधन बनाया। इतिहास की दृष्टि में सबसे पहले उपलब्ध साक्ष्य गुफाओं में प्राप्त आदिमानव के उकेरे चित्रों तथा हड़प्पा और मोहनजोदड़ो की खुदाईयों में प्राप्त मूर्तिया ...१९ KB (११४ शब्द) - ०९:२५, ६ मई २०२१
- ...कर्षों के बीच कार्य-कारण संबंध स्थापित करते हुए पृथ्वीतल की विभिन्नताओं का मानवीय दृष्टिकोण से अध्ययन ही भूगोल का सार तत्व है। पृथ्वी की सतह पर जो स्थान वि ...्युत्पत्तिक धारणाएँ तथा वर्गीकरण की प्रणाली विकसित करनी होती है। अत: भूगोल मानवीय ज्ञान की वृद्धि में तीन प्रकार से सहायक होता है: ...४९ KB (३५३ शब्द) - ११:३९, १३ जुलाई २०२१
- ...लता छिपी हुई है। वह प्रकृतिवाद के समर्थक हैं। प्रकृति के माध्यम से वह जटिल मानव भाव प्रस्तुत करते हैं। विख्यात विद्वान और आलोचक [[गोविन्द चन्द्र पाण्डेय|गो ...िर्फ कवि एक बीते शैशव और सुदूर प्रदेश की स्मृतियों से अभिभूत है बल्कि अपनी सांस्कृतिक धरोहर की बदलती परिस्थिति की आशंकाओं से भी चिन्तित है। उनकी कविताएं अनुभव रस ...१९ KB (८४७ शब्द) - १४:२२, २६ अक्टूबर २०२०
- ...ीय अभिव्यक्तियों का एक रसमय प्रदर्शन है। यह एक सार्वभौम कला है, जिसका जन्म मानव जीवन के साथ हुआ है। बालक जन्म लेते ही रोकर अपने हाथ पैर मार कर अपनी भावाभिव ...अगर ऐसा नहीं होता तो यह कला-धारा पुराणों- श्रुतियों से होती हुई आज तक अपने शास्त्रीय स्वरूप में धरोहर के रूप में हम तक प्रवाहित न होती। इस कला को हिन्दू देवी- ...२६ KB (४१८ शब्द) - ०९:२४, ६ मई २०२१
- मानव एक सामाजिक प्राणी है। वह सदैव समाज में रहता है। प्रत्येक समाज को बनाये रखने ...व प्रैस्थस''' के मतानुसार, प्रशासन “वांछित उद्देश्यों की प्राप्ति के लिये मानवीय तथा भौतिक साधनों का संगठन एवं संचालन है।” '''एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटेनिका'' ...४२ KB (४३९ शब्द) - ११:४९, १ जुलाई २०२१
- [[पर्यावरण]] (हवा, पानी और/या भूमि संसाधनों) में सुधार करने, मानव निवास और अन्य जीवों के लिए स्वच्छ जल, वायु और ज़मीन प्रदान करने और [[प्रदूष ...केंद्रित करते हैं। दूसरी ओर पर्यावरण "रासायनिक" इंजीनियर, पर्यावरणीय रसायन शास्त्र, उन्नत हवा और जल के उपचार प्रौद्योगिकियों और अलगाव की प्रक्रिया पर ध्यान के ...३३ KB (५६३ शब्द) - ०७:५६, १७ अक्टूबर २०२०
- यथार्थवाद ही एक ऐसी विचारधारा है जिसका बीजारोपण मानव-मस्तिष्क में अति प्राचीन काल में ही हो गया था। यथार्थवाद किसी एक सुगठित दार ...्ध [[मानस शास्त्र|मनोवैज्ञानिक]] पंडित [[विलियम जेम्स]] (1842-1910), शिक्षाशास्त्री [[जॉन डिवी|जॉन ड्युई]] (John Dewey, 1859-1952) तथा ग्रेट ब्रिटेन के डाक्टर ...४९ KB (४४८ शब्द) - २२:२५, १५ जून २०२०
- "पश्चिमी संस्कृति" शब्द का इस्तेमाल, मोटे तौर पर सामाजिक मानदंडों, [[नीतिशास्त्र|नैतिक मूल्यों]], पारंपरिक रिवाजों, [[धर्म|धार्मिक]] मान्यताओं, राजनीतिक प्र ...िक सोच में तर्कहीनता और [[धर्मतंत्र]] के विरूद्ध मुक्त विचार, [[मानवाधिकार|मानवाधिकारों]], समानता एवं [[लोकतंत्र|लोकतांत्रिक]] मूल्यों में व्यापक तर्कसंगत ...८९ KB (७२८ शब्द) - १७:५२, ८ अक्टूबर २०२०
- ...गद्य में अधिक समृध है। गणित, ज्योतिष, इतिहास, भूगोल, आलोचना, व्याकरण, भाषाशास्त्र आदि के संबंध में रचनाएँ प्रस्तुत हुई। इस काल के इतिहासकारों में पोलीबियस, स ...पर विजय के बाद का, अर्थात् ग्रेको-रोमन साहित्य गद्य में इतिहास और आलोचना शास्त्र की दृष्टि से ही महत्वपूर्ण है। रोम के ईसाई धर्म में दीक्षित होने के बाद प्र ...४८ KB (६५ शब्द) - ०९:४९, ६ मई २०२१
- ...सत्य की अनुभूति में प्रकृति का महान उपयोग है। प्रकृति ही ध्यानी सन्तों का शास्त्र है। ज्ञान की प्राप्ति की प्रक्रिया में वे प्रकृति का सहारा लेते हैं और उसी ...ान]] की भूमि को अपने ज्ञान और उदार चर्याओं द्वारा सींचा है तथा इन देशों के सांस्कृतिक अभ्युत्थान में अपूर्व योगदान किया है। ...२० KB (१४४ शब्द) - १५:३७, २ जून २०२१
- ...झने की कोशिश की है। दर्शन ग्रन्थों को '''दर्शनशास्त्र''' भी कहते हैं। यह [[शास्त्र]] शब्द ‘शासु अनुशिष्टौ’ से निष्पन्न है। ...हीं कहा जा सकता। किन्तु इतना स्पष्ट है कि [[उपनिषद काल]] में दर्शन एक पृथक शास्त्र के रूप में विकसित होने लगा था। ...७६ KB (५०५ शब्द) - ०३:४८, १८ जुलाई २०२१
- गुरुनानक ने अपने एक सबद में कहा है कि पण्डित पोथी (शास्त्र) पढ़ते हैं, किन्तु विचार को नहीं बूझते। दूसरों को उपदेश देते हैं, इससे उनका ...मरदास, गुरु रामदास और गुरु अर्जुनदेव। [[शेख़ फरीद]], [[जयदेव]], [[त्रिलोचन शास्त्री|त्रिलोचन]], [[सधना]], [[नामदेव]], [[वेणी]], [[स्वामी रामानन्दाचार्य|रामानं ...५८ KB (५५४ शब्द) - ०१:१९, ५ जुलाई २०२१
- ...हस द्वारा उचित नहीं ठहराया जा सकता है। दूसरी ओर, यह व्यापक रूप से शून्य या मानव अस्तित्व के कम महत्त्व के होने के कारण निराशा की मनोदशा को प्रदर्शित करने क नीत्शे ने नास्तिवाद को दुनिया खाली करने और विशेष रूप से मानव अस्तित्व के अर्थ, उद्देश्य, सुबोध सच है, या आवश्यक मूल्य के रूप में परिभाषि ...८७ KB (१,६६४ शब्द) - १५:५२, २ जनवरी २०२१
- ...' [[मानव]] [[समाज]] का अध्ययन है। यह [[सामाजिक विज्ञान]] की एक शाखा है, जो मानवीय [[सामाजिक संरचना]] और [[सामाजिक गतिविधि|गतिविधियों]] से सम्बन्धित जानकारी ...ै। 20वीं शताब्दी के मध्य के [[भाषाई परिवर्तन|भाषाई]] और [[सांस्कृतिक बदलाव|सांस्कृतिक परिवर्तनों]] ने तेज़ी से सामाज के अध्ययन में [[व्याख्यात्मक सिद्धांत का अध् ...१४६ KB (१,७५५ शब्द) - ०१:४४, २६ अगस्त २०२१
- ...रण दिया है। उसके वर्णनों से हर्षकालीन भारत की सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक तथा सांस्कृतिक अवस्था का परिचय मिलता है। ...चुआन गये। वहां दोनों भाई कोंग हुई मठ में दो-तीन वर्ष पढ़े। वहीं अभिधर्मकोष शास्त्र का अध्ययहन भी किया। वहीं इसने बौद्ध भिक्षु बनने की बात की। तेरह वर्ष मात्र ...२६ KB (५१६ शब्द) - १९:३४, २४ मार्च २०२१
- ...[[रामायण]] और [[महाभारत]] की रचना में संगीत का मुख्य प्रभाव रहा। भारत में सांस्कृतिक काल से लेकर आधुनिक युग तक आते-आते संगीत की शैली और पद्धति में जबरदस्त परिवर ...s.laguanz.com/|title=India Songs}}</ref> इसका तात्पर्य यही जान पड़ता है कि मानव इतनी उच्च कला को बिना किसी दैवी प्रेरणा के, केवल अपने बल पर, विकसित नहीं कर ...७६ KB (६१० शब्द) - १२:३६, १५ अगस्त २०२१
- ...तुलनात्मक अनुप्रयुक्त भाषाविज्ञान'''। यह स्पष्ट करना भी उचित होगा कि एक ओर मानव अनुवाद तथा यान्त्रिक अनुवाद, तथा दूसरी ओर लिखित अनुवाद और मौखिक अनुवाद के व ...ँ सामने आने लगी, जिसने इन क्षेत्रों में अनुवाद अनुसन्धान को गति प्रदान की। मानव अनुवाद तथा लिखित अनुवाद के परम्परागत क्षेत्रों पर भी भाषा अध्ययन की नई दृष् ...२९४ KB (१,६७९ शब्द) - १७:५०, १३ अगस्त २०२१
- ==शास्त्रीय संस्कृति== संस्कृति में सांस्कृतिक प्रतीक बनाता हैं, जैसे कि अलादीन, सिनाबाद द सेलाल और अली बाबा। अरबी कविता औ ...८१ KB (२,०८३ शब्द) - १९:३२, १३ मई २०२१
- ...ञा (नाम या शब्दावली) के किसी भी विषय का अर्थ समझाना सम्भव नही है। (अतः) इस शास्त्र के आरम्भ में ही परिभाषा दी जा रही है।'') <br /> ...द ऐसे शब्दों को कहते हैं जो सामान्य व्यवहार की भाषा के शब्द न होकर [[भौतिक शास्त्र|भौतिकी]], [[रसायन]], [[प्राणिविज्ञान]], [[दर्शनशास्त्र|दर्शन]], [[गणित]], [ ...८१ KB (८११ शब्द) - १५:२३, ६ मई २०२१