Deprecated: Caller from MediaWiki\Revision\RevisionStore::loadSlotRecordsFromDb ignored an error originally raised from MediaWiki\Extension\SmartCommons\Store\MetadataStore::updateMetadata: [1054] Unknown column 'scf_url' in 'SET' in /www/wwwroot/enwiki/w/includes/debug/MWDebug.php on line 385
"हिन्दू ज्योतिष" के परिणाम खोजें - भारतपीडिया सामग्री पर जाएँ

खोज परिणाम

देखें (पिछले २० | ) (२० | ५० | १०० | २५० | ५००)
  • ...ोतिष में इसके अतिरिक्त फलित के लिये कारकांश का प्रयोग किया जाता है। जैमिनि ज्योतिष में पद या आरुढ लग्न भी फलित का एक महत्वपूर्ण भाग है। '''जैमिनी ज्योतिष कारक''' ...
    ५ KB (३२ शब्द) - ०३:३८, १५ जून २०२०
  • ...में रहते थे और भगवान श्री कृष्ण के भक्त थे, इनके ग्रन्थो में कृष्णभक्ति और ज्योतिष की तरफ़ काफ़ी रुचि मिलती है, सिद्धान्तलेश की टीका नाम इन्होने कृष्णालंकार ह [[श्रेणी:ज्योतिष]] ...
    ३ KB (१ शब्द) - १९:२०, २६ मार्च २०१७
  • [[श्रेणी:ज्योतिष]] ...
    ८७० बाइट (० शब्द) - १२:५०, २ मार्च २०१७
  • ...े गये वैदिक वर्णन का प्रयोग के रूप में समझा जाना होता है, जमिनी पद्धति में ज्योतिष के प्रत्येक फ़र्मूले को विभिन्न लोगों की कुन्डलिया और जन्म समय को खुद के द् [[श्रेणी:ज्योतिष]] ...
    २ KB (२ शब्द) - ०६:५१, १९ सितम्बर २०२०
  • [[श्रेणी:ज्योतिष]] ...
    ९८० बाइट (१ शब्द) - १२:५०, २ मार्च २०१७
  • '''कालपुरुष''' की परिकल्पना भारतीय ज्योतिष में मिलती है जिसमें समस्त राशिचक्र को मनुष्य के शरीर के समतुल्य वर्णित किया [[भदावरी ज्योतिष]] के अनुसार समय पर जो सामने है वही कालपुरुष की छवि कही गई है। [[ब्रहमा]], [ ...
    ४ KB (५७ शब्द) - १०:५३, १६ जून २०२०
  • [[श्रेणी:हिन्दू ज्योतिष]] ...
    ५ KB (८५ शब्द) - १०:४८, १५ अगस्त २०२१
  • ...रूप से मकर जल से संबंधित जीव है, वह जल जो अस्तित्व और प्रजनन का स्रोत है। ज्योतिष में, मकर, बारह राशियों में से एक है। ...
    २ KB (८ शब्द) - २१:४०, ४ मार्च २०२०
  • ...विधानुसार आधा महीना या दो सप्ताह के समय को भी एसा कह दिया जाता है। हालाँकि ज्योतिष शास्त्र, भारतीय पंचांग या काल गणना की हिन्दू पद्धति के अनुसार तकनीकी रूप से ...असर तेरह पक्ष और तेरह मास के अन्दर अपना प्रभाव जरूर देता है। इसको धर्म एवं ज्योतिष के ग्रंथों में 'विश्वघस्त्र पक्ष' कहा गया है। धर्मग्रंथों में विश्वघस्त्र प ...
    ६ KB (२६ शब्द) - १८:२६, ३० नवम्बर २०१४
  • राहु काल के सम्बन्ध में ज्योतिष मत वैदिक ज्योतिष के अनुसार प्रत्येक दिन का एक भाग राहु काल होता है। सूर्योंदय और सूर्यास्त क ...
    ६ KB (१८ शब्द) - १९:२९, १५ जून २०२०
  • ==[[ज्योतिष]] में== अट्टारह [[पुराण|पुराणों]] की भांति ज्योतिष में १८ सिद्धान्त हैं, जो निम्नलिखित हैं- ...
    ८ KB (२५ शब्द) - १०:४३, २६ मार्च २०२१
  • ...ंहिता और '''होरा'''। [[फलित ज्योतिष]] का दूसरा नाम है - '''होराशास्त्र'''। ज्योतिष के फलित पक्ष पर जहाँ विकसित नियम स्थापित किए जाते हैं, वह '''होराशास्त्र '' * सारांश:- [[भदावरी ज्योतिष]] [[सूर्य]] की '''होरा''' राजसेवा के लिये उत्तम है। [[चन्द्रमा]] की होरा सर ...
    १० KB (५५ शब्द) - ०३:१९, १६ जून २०२०
  • ..., तथा ५) करण यह पंचांग के पंच अंग हैं | [[खगोल शास्त्र|खगोलशास्त्र]] और [[ज्योतिषी]] में विभिन्न पंचांगों का प्रयोग होता है। इतिहास में कई संस्कृतियों ने पंच * २००० ईपू - ज्योतिष पर आधारित वैदिक काल के भारतीय खगोलशास्त्र की पंचांग तालिकाएँ ...
    ७ KB (९९ शब्द) - ०२:५५, ४ अगस्त २०२०
  • ...या से [[आर्य]], मिथरा से [[मित्र]], [[द्यौष्पिता]] और ज़ीउस से [[बृहस्पति (ज्योतिष)|बृहस्पति]],यज्ञ से यज्ञ तक, नरिसंग से नरसंगसा, [[इंद्र]], गंधर्व से [[गंधर ...
    ३ KB (२०५ शब्द) - ११:५०, २५ जनवरी २०२१
  • '''केतु''' ([[चित्र:U+260B.svg|16px]]) [[भारतीय ज्योतिष]] में उतरती [[:w:Lunar node|लूनर नोड]] को दिया गया नाम है। केतु एक रूप में [[भारतीय ज्योतिष]] के अनुसार [[राहु]] और केतु, [[सूर्य]] एवं [[चंद्र]] के परिक्रमा पथों के आ ...
    १३ KB (१९९ शब्द) - ००:५५, २८ अगस्त २०२१
  • === ज्योतिष और अष्टधातु का महत्व === ...्टधातु का कड़ा धारण करने से अवश्य ही लाभ प्राप्त होता है साथ ही किसी योग्य ज्योतिष के परामर्श से राहु का जप और दान भी कर सकते है यह उपाय अवश्य ही राहत प्रदान ...
    १० KB (२४ शब्द) - १६:०३, १२ जून २०२१
  • [[श्रेणी:ज्योतिष]] ...
    ३ KB (० शब्द) - १२:४८, २ मार्च २०१७
  • ...हुँचाया। उनकी अन्य रचनाएँ - विनय पत्रिका, दोहावली, गीतावली, बरवै रामायण एक ज्योतिष ग्रन्थ रामाज्ञा प्रश्नावली का भी निर्माण किया। ...
    ७ KB (१३७ शब्द) - १३:३३, १६ जून २०२१
  • ...'''डेविड फ्राली''' (१९५०-) वैदिक परम्परा के प्रमुख बुद्धिजीवी हैं। वह [[फल ज्योतिष]] और [[आयुर्वेद]] दोनों में प्रवीण हैं। [[अमेरिका]] के [[साण्टा फे]] नगर से ...ता एवं प्रतिष्ठा है। उनके ज्ञान की विस्तृत परिधि में [[आयुर्वेद]], वैदिक-[[ज्योतिष]], [[तंत्र]], [[योग]] तथा वैदिक [[दर्शन]] समाहित है। उनके अध्ययन का मुख्य आ ...
    ७ KB (३८३ शब्द) - २१:५१, १ सितम्बर २०२०
  • ...व इनके जन्म के समय सभी ग्रह उच्च के थे। जिससे ये चक्रवर्ती सम्राट बने। पर ज्योतिष के अनुसार जब सूर्य उच्च हों तो बुध उच्च नहीं हो सकते तो इनके जन्म के बुध मे ...
    ४ KB (२० शब्द) - ०२:४०, २६ अगस्त २०२१
देखें (पिछले २० | ) (२० | ५० | १०० | २५० | ५००)