खोज परिणाम
दिखावट
इस विकि पर "हिन्दू धर्म सुधार आन्दोलन" नाम का पृष्ठ बनाएँ! खोज परिणाम भी देखें।
- ...न्दू पुनरुत्थान आन्दोलन''' कहते हैं। आधुनिक काल में सबसे पहले हिन्दू सुधार आन्दोलन [[बंगाल का नवजागरण|बंगाली पुनर्जागरण]] के समय आरम्भ हुआ था। *[[हिन्दू धर्म]] ...१ KB (४ शब्द) - १४:५४, ९ फ़रवरी २०२१
- '''ब्राह्म समाज''' [[भारत]] का एक सामाजिक-धार्मिक आन्दोलन था जिसने [[बंगाल का नवजागरण|बंगाल के पुनर्जागरण]] युग को प्रभावित किया। इसक 1. हिन्दू धर्म की कुरूतियों को दूर करते हुए,बौद्धिक एवम् तार्किक जीवन पर बल देना। ...५ KB (५ शब्द) - १७:४४, ९ जून २०२१
- ...ष्ण मिशन दूसरों की सेवा और परोपकार को [[कर्म योग]] मानता है जो कि [[हिन्दू धर्म]] का एक महत्वपूर्ण सिद्धान्त है।<ref name="Centre Védantique Ramakrishna 20 {{साँचा:हिन्दू सुधार आन्दोलन}} ...७ KB (१९५ शब्द) - १६:२८, ११ दिसम्बर २०२०
- ...ी समय सन् 1951 में स्नातन धर्म को आधार बनाकर चिन्मय आन्दोलन का उदय हुआ। इस आन्दोलन के प्रवर्तक स्वामी चिन्मयानन्द थे। उन्होनें स्वामी शिवानन्द से सन्यास की दी ...ज्ञान यज्ञ किए गए और उसके बाद श्रोताओं ने स्वाध्याय मण्डल स्थापित कर अपने धर्म ग्रन्थों का अध्ययन प्रारम्भ किया। इस प्रकार दस वर्ष तक अनेक नगरों में चिन्म ...८ KB (४३ शब्द) - ०१:३४, १६ जून २०२०
- ...से असहमत भी होते हैं किंतु गौरतलब है कि आलोचनाओं के फलस्वरूप ही कई सामाजिक सुधार संभव हो पाए। प्रारंभिक हिन्दू सुधारकों ने भी भेदभाव व कुरीतियों के खिलाफ आव हिन्दू धर्म की कई रीतियाँ जिनका समय समय पर विरोध किया जाता रहा है, उनमें से प्रमुख हैं- ...११ KB (४७४ शब्द) - १२:१६, २७ जनवरी २०२१
- ...[मुसलमान|मुसलमानों]] तथा [[ईसाई|ईसाइयों]] की शुद्धि कराकर सत्य सनातन वैदिक धर्म में वापसी कराई थी। 11 फरवरी 1923 को [[स्वामी श्रद्धानन्द]] ने 'भारतीय शुद्ध ...मुख्य उद्देश्य उनकी पतित, तुच्छ और निकृष्ट अवस्था में सामाजिक एवं धार्मिक सुधार करना था। <ref>Dayanand and the Shuddhi Movement Indian Political Tradition, ...२३ KB (३०२ शब्द) - २२:४०, २७ फ़रवरी २०२१
- ...]] की [[भक्ति]] का प्रचार-प्रसार किया गया। [[सिख धर्म]] के उद्भव में भक्ति आन्दोलन की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। <ref> Johar, Surinder (1999). Guru Gobin ...रूप ग्रहण कर लिया। किन्तु यह धारा दक्षिण भारत से उत्तर भारत कैसे आई, उसके आन्दोलनात्मक रूप धारण करने के कौन से कारण रहे, इस पर विद्वानों में पर्याप्त मतभेद ह ...४३ KB (१६० शब्द) - १०:०३, १४ जुलाई २०२१
- ...[[ऐनी बैसेण्ट]] ने भी ब्रह्मचर्य के आदर्श का समर्थन किया है। उन्हें हिन्दू धर्म से बड़ा प्रेम था और उन्होंने निश्चयपूर्वक कहा कि पश्चिम की शिक्षा पूर्व के ...य बनाना है। वे धर्म के परिम्परागत रूप का विरोध करते थे और चाहते थे कि बालक धर्म के वास्तविक स्वरूप को समझें और अपने दिन-प्रतिदिन के जीवन में उसका अभ्यास कर ...४२ KB (११९ शब्द) - १४:४९, १५ जून २०२०
- '''होम रूल आन्दोलन''' अखिल [[भारतीय]] होम रूल लीग, एक राष्ट्रीय राजनीतिक संगठन था जिसकी स्थापन ...कार्यरत हो गयी। इस आन्दोलन का उद्देश्य स्व-राज्य की प्राप्ति था परन्तु इस आन्दोलन में शस्त्रों के प्रयोग की अनुमति नहीं थी। ...७४ KB (१०३ शब्द) - १०:५७, ६ मई २०२१
- ...ई]], [[तमिल नाडु|तमिलनाडु]], भारत) [[हिन्दू]] राष्ट्रवादी नेता एवं [[सनातन धर्म]] के प्रचारक हैं। वे [[जनता पार्टी]] के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं। वे [ ...न सम्बन्धों में सुधार, भारत द्वारा इजरायल की राजनैतिक स्वीकारोक्ति, आर्थिक सुधार और हिन्दू पुनरुस्थान आदि अनेक उल्लेखनीय कार्य उन्होंने किये हैं। ...४५ KB (५६० शब्द) - १७:४४, १४ अगस्त २०२१
- ...देश के सभी आर्यसमाजो को यह निर्देश भिजवाया कि 'सब सदस्य अपना धर्म ' सनातन धर्म' लिखवाएं। क्योंकि 'हिंदू' शब्द विदेशियों की देन हैं और 'फारसी भाषा' में इसक उनके जीवन में ऐसी बहुत सी घटनाएं हुईं, जिन्होंने उन्हें [[हिन्दू]] धर्म की पारम्परिक मान्यताओं और ईश्वर के बारे में गंभीर प्रश्न पूछने के लिए विवश ...६८ KB (५५३ शब्द) - १२:४०, ११ जुलाई २०२१
- | known_for = [[भारतीय स्वतंत्रता संग्राम|भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन]], [[हिन्दुत्व]] | religion = [[हिन्दू धर्म में नास्तिकता|हिन्दू नास्तिक]]<ref>{{Cite book | title = Time Warps: The In ...७७ KB (१,५२८ शब्द) - १३:५४, ३० मई २०२१
- ...ोंने मात्र हिंदू धर्म की ही पत्रिका के रूप में पहचान देने की बजाय उसमे सभी धर्मों के आचार्यों, जैन मुनियों, रामानुज, निंबार्क, माध्व आदि संप्रदायों के विद् ...मान छू तक नहीं गया था। वे आजीवन आम आदमी के लिए सोचते रहे। इस देश में सनातन धर्म और धार्मिक साहित्य के प्रचार और प्रसार में उनका योगदान उल्लेखनीय है। गीता प ...३४ KB (१०६ शब्द) - १६:१६, १४ फ़रवरी २०२१
- | religion = [[हिन्दू धर्म]] === पाकिस्तान से संबंधों में सुधार की पहल === ...५० KB (१,०४५ शब्द) - १०:२५, १७ अगस्त २०२१
- ...ें मुसलमानों के अधिकारों की रक्षा और स्वशासन के लिए चौदह सूत्रीय संवैधानिक सुधार का प्रस्ताव रखा। 1918 में जिन्ना ने पारसी धर्म की लड़की से दूसरी शादी की। उनके इस अन्तर्धार्मिक विवाह का पारसी और कट्टरपन् ...३५ KB (२११ शब्द) - १२:०५, ९ अगस्त २०२१
- उस समय [[हिन्दू धर्म|हिन्दु समाज]] में [[विधवा]]ओं की स्थिति बहुत ही शोचनीय थी। उन्होनें [[विधवा ...ृत अध्ययन की सुगम प्रणाली निर्मित की। इसके अतिरिक्त शिक्षाप्रणाली में अनेक सुधार किए। समाजसुधार उनका प्रिय क्षेत्र था, जिसमें उन्हें कट्टरपंथियों का तीव्र व ...३३ KB (४९३ शब्द) - २१:०३, २५ अगस्त २०२१
- |known_for = [[भूदान आन्दोलन]] ...में समाज केेे समावेशी विकास के लिए कार्य कर रही हैं जो निश्चित रूप से समाज सुधार का प्रेरणा ही है। ...८६ KB (३६९ शब्द) - १९:०५, १० जनवरी २०२१
- ...ी जी के विचारों पर [[हिन्दू धर्म|हिंदू]], [[जैन धर्म|जैन]], [[ईसाई]] आदि [[धर्म]] और [[जॉन रस्किन|रस्किन]], [[लेव तोलस्तोय|टाल्सटाय]] और [[थोरो]] जैसे दार् [[ख़िलाफ़त आन्दोलन|खिलाफत आंदोलन]] ने प्रारंभिक भारतीय साम्यवाद के उद्भव में योगदान दिया। कई भ ...५२ KB (६४९ शब्द) - २२:५५, ३१ मई २०२१
- ...ाषा]] सम्पूर्ण भारतीय उपमहाद्वीप में फैली हुए थी और तब तक यहाँ पर [[हिन्दू धर्म]] का उद्धव हो चुका था और [[ऋग्वेद]] की रचना भी हो चुकी थी। <ref name="Combi ...rsity Press]]|isbn=978-0-19-882905-8|page=16}}</ref> इसी समय बौद्ध एवं जैन धर्म उत्पन्न हो रहे होते हैं। ...१७० KB (५,३९६ शब्द) - १७:०६, १ अगस्त २०२६