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- [[श्रेणी:१८४८ जन्म]] ...१ KB (२९ शब्द) - २०:५८, ११ मार्च २०२१
- #[[महाराज प्रताप सिंह|प्रताप सिंह]] (१८ जुलाई १८४८ -२३ सितंबर १९२५). आपने पिता के उत्तराधिकारी; १८८५ में जम्मू और कश्मीर के मह [[श्रेणी:१८३० जन्म]] ...५ KB (८० शब्द) - १६:०८, १५ जून २०२०
- '''जॉन्स जैकब बर्ज़ीलियस''' (Jons Jacob Berzelius, Baron; १७७९ - १८४८) [[स्वीडन]] निवासी [[रसायन विज्ञान|रसायनज्ञ]] थे। बर्ज़ीलियस का योगदान रसाय बर्ज़ीलियस का जन्म [[वैफवरसुंडा]] (Vafversunda) नामक स्थान पर हुआ था। इन्होंने [[उप्साला विश्व ...८ KB (२७ शब्द) - ११:१७, १३ मार्च २०२०
- ...ान स्वरूप की नींव [[आदि शंकराचार्य|आदिगुरू शंकराचार्य]] ने रखी थी। शंकर का जन्म 5वीं शताब्दी ईसा पूर्व के में हुआ था जब भारतीय जनमानस की दशा और दिशा बहुत ब ...कि इसका जन्म [[बिहार]]-[[झारखण्ड]] के बैजनाथ धाम में हुआ था, जबकि कुछ इसका जन्म स्थान हरिद्वार में नील धारा के पास मानते हैं। इनके ईष्ट देव [[कपिलमुनि|कपिल ...२६ KB (७८ शब्द) - १०:३३, १५ अगस्त २०२१
- ...है, इनके प्रयोगों तथा विचारों ने प्रसिद्ध संचायक लीडेन जार (Leydenjar) को जन्म दिया। लगभग इसी समय विद्युत को पर्याप्त मात्रा में प्राप्त करने के प्रयत्न भ ...१८४७-१८५३) आदि ने विद्युत ऊर्जा संबंधी अन्य सिद्धांतों का विकास किया। सन् १८४८ में किर्खहाफ़ (Kirchoff, सन् १८२४-१८८७) ने विद्युद्धारा संबंधी नियमों को प् ...२६ KB (२१३ शब्द) - ०९:५७, २२ जुलाई २०२१
- ईश्वर चन्द्र विद्यासागर का जन्म [[बंगाल]] के [[पश्चिम मेदिनीपुर जिला|मेदिनीपुर जिले]] के वीरसिंह गाँव में ए ** ''बाङ्गालार इतिहास'' (१८४८ ; मार्शम्यान कृत ''हिष्ट्री आफ बेङ्गाल'' पर आधारित) ...३३ KB (४९३ शब्द) - २१:०३, २५ अगस्त २०२१
- ...रद, शिलासीत, गैरिक और बाद को गंधक, के प्रयेग से रसशास्त्र में एक नए युग को जन्म दिया। [[नागार्जुन]] पारद-गंधक-युग का सबसे महान् रसवेत्ता है। [[नागार्जुन ( ...धति को जन्म दिया। [[वर्जीलियस]] (१७७९-१८४८ ई.) ने तत्वों की संकेतपद्धति को जन्म दिया। रसायनज्ञों ने समीकरणों द्वारा एक नई भाषा निर्धारित की। [[रासायनिक समी ...४४ KB (३४८ शब्द) - ०९:४७, १३ अप्रैल २०२१