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ऐनी स्टीवेनसन

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ऐनी स्टीवेनसन[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

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ऐनी स्टीवेनसन

जीवन परिचय[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

ऐनी स्टीवेनसन का जन्म ३ जनवरी, १९३३ को हुआ था। वह अमेरिकी- ब्रिटिश कवि और लेखक हैं। वह विशिष्टता के बिना बुद्धिमान हैं। उनकी तकनीक निर्दोष और उनकी कल्पना ज्वलंत हैं। ऐनी के माता-पिता लुईस डेस्टलर स्टीवेनसन और सी एल स्टीवेनसन सिनसिनाटी हाई स्कूल में मिले थे। वह कैम्ब्रिज इंग्लैंड में साथ रहे थे। विटजेंस्टीन में उनकी बेटी ऐनी का जन्म हुआ था। जब ऐनी छह महीने कि थी, उनके माता-पिता अमेरिका लौट आए थे। वह न्यू इंग्लैड में बली-बडी है। वह तीनों बेटियों में सबसे बडी थी। उन्होंने मिशिगन स्कूल में पढाई कि थी। उनके पिता समर्पित पियानोवादक थे और कविताओं के प्रेमी थे। उनकी माँ उपन्यास लिखती थी और एक प्रतिभाशालि कथाकार थी। स्टीवनसन ने पियानो और सैलओ सिखा था और १९ कि उम्र में उन्होंने यह सोच लिया था कि वह एक पेशवर संगीतकार बनेगी। उसने मिशिगन विश्वविदयालय में संगीत और भाषा पढी, जहाँ धीरे-धीरे उन्होंने अपनी सुनवाई खो दी, तब उन्होंने लेखक बनने का निर्णय किया। १९५४ में अपनी स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद वह ब्रिटेन लौट आई, जहाँ पर उन्होंने अपना अधिकतर जीवन जिया था। ऐनी ने अपने बच्चपन के दोस्त से शादी कि थी परंतु वह शादी सफल नहीं हुई और उन्होंने यह निर्णय किया कि वह अकेले ही जीवन बिताएगी।

साहित्यिक व्यवसाय[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

१९६० में उन्होंने कैम्ब्रिज, ग्लासगो,डंडी और ऑक्सफोर्ड में रह कर लिखना शरू किया। वह डन्डी विश्वविद्यालय में एक लेखक के पद से रहती थी और ईवेनगेलिन पैटरसन में अन्य काव्य पत्रिका कि स्थापन कि थी। १९७९ में उन्होंने माइकल फार्ले के साथ 'कविता पुस्तकशाला' शुरु किया, फिर १९८२ में वह सुंदरलैंड चली गई। ऐनी ने एक दर्जन से ज्यादा कविताँ सस्करणों में लिखी है। उन्होंने विवादस्पद जीवनचर्या के निबंध और साहित्यिक आलोचना कि किताबें लिखी हैं। उनकी प्रमुख रचनाएँ है- अमेरिका में जीवन, सीमा से एक रिपोर्ट, ए लाफइ ऑफ़ सिल्वया प्याथ(१९८९) और एलिजाबेथ बिशप के दो महत्वपूर्ण अध्ययन लिखे हैं। २००७ में ऐनी को लैंगन लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया था उनकी अंग्रेजी भाषा के योगदान को ध्यान मे रखते हुए। उन्हें कविता फाउंडेशन से अवहेलनात्मक परास्नातक पुरस्कार प्राप्तकर्ता है।

लेखन शैली[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

ऐनी स्टीवनसन कि कविताओं की सही समझ आने के लिए लोगों को गहराई में जाकर सोचना पड़ता हैं। उनकी कविताँ तीन भागों में बटी हुइ है- एक समय,एक जनजाति, एक युद्ध। पारिवारिक कविताओं के साथ वह दूसरे खंड में चलती है जिसमें अस्तित्व के लिए मानसिक संर्घष है, जो समय और हानि पर समाप्त होता है। उनका मनना है कि प्रत्येक शब्द का वजन होता है इसलिए कविताओं को धीरे-धीरे पड़ना चाहिए समझ कर। वह अक्सर अपने दिमाग से कवितारएँ लिखती है परंतु वह यह ध्यान रखती है कि किसी कि भावनाओं को चोट ना पहुँचे। उन्होंने किसी भी कविता कि पंक्ति को आकस्मिक या बिना सोचे-समझे नही लिखा है। वह एक उज्जवल और सटीक कवयित्री है।

अंत[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

वह एक प्रतिबिन्तित कवयित्री हैं। उनकी कविताएँ प्रशनों से भरी होती है, जो व्यक्ति को सोचने पर मजबोर कर देती है। उनकी कविताओं ने बहुत से पुरस्कार जीते है। वह उन कवयित्रियों में से थी जिनकी कविताएँ दिलों पर छाप छोड़ देती हैं। उनहोंने चीजों के किनारों पर, कलात्मक और भौगोलिक रूप में रहने वाली भावना को कभी नही छोड़ा और इसी कारण वह इतनी स्पष्ट है।

उल्लेख[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

१-https://www.poetryarchive.org/poet/anne-stevenson

२-https://en.wikipedia.org/wiki/Anne_Stevenson

३-https://quod.lib.umich.edu/cgi/t/text/text-idx?cc=mqr;c=mqr;c=mqrarchive;idno=act2080.0040.420;g=mqrg;rgn=main;view=text;xc=1

४-http://www.anne-stevenson.co.uk/