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ऐलिस प्रयोग

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साँचा:लार्ज हैड्रान कोलाइडर ऐलिस प्रयोग का पूर्ण नाम ए लार्ज आयन कोलाइडर एक्सप्रिमेंट जिसका हिन्दी अनुवाद एक विशाल आयन संघट्ट प्रयोग (साँचा:Lang-en) है। यह सर्न लार्ज हैड्रान कोलाइडर नामक त्वरक पर आँकड़े इकट्ठा करने वाले ७ कण भौतिकी प्रयोगो में से एक है। यह भारी आयनों की टक्कर के अध्ययन के लिए इष्टतम है।

भौतिक उद्देश्य[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

इस प्रयोग को भारी आयनों की टक्कर के अध्ययन के लिए निर्मित किया गया है। इसकी सहायता क्वार्क-ग्लुओन प्लाज्मा का अध्ययन किया जाता है जो पदार्थ की चार मूल अवस्थावों (ठोस, द्रव, गैसप्लाज़्मा) से भिन्न है।

संसूचक परिचय[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

आँकड़े विश्लेषण[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

इस प्रयोग के आँकड़ों को विश्लेषित करने के लिए सर्न द्वारा विकसित अलिरूट (ALIROOT) नामक संसूचक विशेष सॉफ्टवेयर का में लिया जाता है। यह रूट का संसूचक के लिए विशेष रूप से दिशात्मक संशोधन किया गया सॉफ्टवेयर है।

उपलब्धियाँ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

अगस्त २०१२ में ऐलिस प्रयोग के वैज्ञानिकों ने दावा किया कि उनके प्रयोग ने ५.५×१०१२ (५.५ टेरा) डिग्री ताप के साथ क्वार्क-ग्लूऑन प्लाज्मा का निर्माण किया, जो कि किसी भी प्रयोग द्वारा आजतक प्राप्त अधिकतम तापमान है।[]

सन्दर्भ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

  1. याहू समाचार Archived 18 अगस्त 2012 at Web Archive - नेचर (पत्रिका) - सर्न के वज्ञानिकों ने आज तक का अधिकतम मानव निर्मित तापमान प्राप्त किया।

बाहरी कड़ियाँ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]