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जप

भारतपीडिया से
भूटान का एक बौद्ध स्त्री माला लेकर जप करती हुई

किसी मन्त्र को या देवता के नाम को बार-बार उच्चारित करना, जप कहलाता है। जप, हिन्दू धर्म[] जैन धर्म,[] सिख धर्म,[][] बौद्ध धर्म,[] आदि भारत के मूल धर्मों तथा शिन्तो धर्म में प्रचलित है।

सन्दर्भ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

  1. Sonic Theology: Hinduism and Sacred Sound. Motilal Banarsidass.ISBN 978-81-208-1261-1.
  2. Yoga in Jainism. Taylor & Francis.ISBN 978-1-317-57217-6.
  3. S Deol (1998), Japji: The Path of Devotional Meditation, साँचा:ISBN, page 11
  4. The Sikh and Sikhism. Atlantic Publishers.
  5. An Introduction to Tāntric Buddhism. Calcutta University Press.