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प्रवेशद्वार:सिख धर्म/Intro

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on गुरुवार, १३ अगस्त २०२६
सिख धर्म विश्व का पाँचवां संगठित धर्म है

खंडा
खंडा

सिख धर्म (IPA: साँचा:Audio-IPA या साँचा:Audio-IPA-nohelp; साँचा:Lang-pa, साँचा:IAST, IPA: साँचा:Audio-IPA-nohelp) पंद्रहवीं शताब्दी में उपजा और सत्रहवीं शताब्दी में धर्म रूप में परिवर्तित हुआ था. यह उत्तर भारत (तथा वर्तमान पाकिस्तान) में पंजाब राज्य में जन्मा था. इसके प्रथम गुरु थे गुरु नानक देव जी, और फ़िर बाद में नौ और गुरु हुए. सिख धर्म: सिख एक ही ईश्वर को मानते हैं, पर उसके पास जाने के लिये दस गुरुओं की सहायता को महत्त्वपूर्ण समझते हैं । इनका धर्मग्रन्थ गुरु ग्रंथ साहिब है । अधिकांश सिख पंजाब (भारत) में रहते हैं । सिख एक ही ईश्वर को मानते हैं, जिसे वे एक-ओंकार कहते हैं । उनका मानना है कि ईश्वर अकाल और निरंकार है । सिख शब्द संस्कृत शब्द शिष्य से निकला है, जिसका अर्थ है शिष्य या अनुयायी. [][] सिख धर्म विश्व का नौवां बड्क्षा धर्म है। इसे पाँचवां संगठित धर्म भी माना जाता है। []

गुरु ग्रंथ साहिब सिख धर्म का प्रमुख धर्मग्रन्थ है। इसका संपादन सिख धर्म के पांचवें गुरु श्री गुरु अर्जुन देव जी ने किया। गुरु ग्रन्थ साहिब जी का पहला प्रकाश 16 अगस्त 1604 को हरिमंदिर साहिब अमृतसर में हुआ। 1705 में दमदमा साहिब में दशमेश पिता गुरु गोविंद सिंह जी ने गुरु तेगबहादुर जी के 116 शब्द जोड़कर इसको पूर्ण किया, इसमे कुल 1430 पृष्ठ है।

सन्दर्भ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

  1. सिंह, खुशवंत द इलस्ट्रेटेड हिस्ट्री आफ् सिख्स्. भारत:ऑक्स्फोर्ड विश्वविद्यालय मुद्रण.
  2. साँचा:Pa icon नाभा, कहान सिंह गुर शबद रत्नाकर - महान कोष/स्क्रिप्ट त्रुटि: "Lang" जैसा कोई मॉड्यूल नहीं है।.
  3. "Religions by adherents".[१]