मंजू रानी
मंजू रानी (जन्म 26 अक्तूबर 1999), रिठाल फोगट गाँव, हरियाणा से एक भारतीय एमेचर मुक्केबाज़ हैं।[१] उन्होंने उलान-उदे, रूस में 2019 एआईबीए महिला विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में रजत पदक जीता।[२] उन्होंने बुल्गारिया में प्रतिष्ठित स्ट्रैंड्जा मेमोरियल बॉक्सिंग टूर्नामेंट 2019 में रजत पदक जीता और उसी वर्ष थाइलैंड ओपन और इंडिया ओपन में कांस्य पदक जीते।[३]
व्यक्तिगत जीवन और पृष्ठभूमि[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
रानी का जन्म 26 अक्तूबर 1999 को हरियाणा के रोहतक ज़िले के रिठाल फोगट गाँव में हुआ था। रानी का सात भाई-बहन का एक बड़ा परिवार है. सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ़) में जवान रहे उनके पिता की 2010 में कैंसर से मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद उनकी पेंशन पर ही पूरा परिवार आश्रित था।
रानी का कहना है कि जब वह बड़ी हो रही थीं, तो उचित आहार या बॉक्सिंग ग्लव्स की एक जोड़ी को वहन करना भी मुश्किल था।[४]
रानी के परिवार में खेल का कोई इतिहास नहीं था. हालाँकि खेल उनके गाँव में लोकप्रिय था. गाँव की अन्य लड़कियों के नक्शेकदम पर चलते हुए रानी ने शुरू में कबड्डी खेलना शुरू किया लेकिन उनके कोच ने उन्हें बॉक्सिंग करने की सलाह दी।
2012 के लंदन ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में मुक्केबाज़ी दिग्गज एमसी मैरीकॉम के कांस्य पदक जीतने से प्रेरित होकर, रानी ने मुक्केबाज़ी खेलना शुरू किया।[५][६]
उपलब्धियाँ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
अपने गृह राज्य के लिए चयनित नहीं होने के बाद रानी पंजाब चली गईं और जनवरी 2019[७] में सीनियर नैशनल चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीता.
फ़रवरी 2019 में उन्होंने बुल्गारिया के स्ट्रैंड्जा मेमोरियल टूर्नामेंट में रजत पदक जीता, जो यूरोप के सबसे पुराने प्रतिस्पर्धात्मक बॉक्सिंग टूर्नामेंट्स में से एक है।[८]
युवा मुक्केबाज़ मंजू रानी ने उसी वर्ष थाइलैंड ओपन और इंडिया ओपन में कांस्य पदक जीते।[९]
एआइबीए महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप 2019[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
वर्ल्ड चैम्पियनशिप में पहली बार भाग लेते हुए रानी लाइट फ़्लाइवेट वर्ग के फ़ाइनल में पहुँचीं और रजत पदक जीतने में कामयाब रहीं, जबकि उनके अन्य भारतीय साथियों जैसे एमसी मैरीकॉम, जमुना बोरो और लवलीना बॉरगोहेन को कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा।[१०] फ़ाइनल में पहुँचने के दौरान, हरियाणा की इस लड़की ने शीर्ष क्रम के उत्तर कोरियाई खिलाड़ी किम हयांग मी को 4-1 से हराया था।[११]
संदर्भ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
- ↑ "मंजू रानीः वो मुक्केबाज़ जिनके पास दस्ताने ख़रीदने तक के पैसे नहीं थे". BBC News हिंदी. [१]Retrieved 2021-02-18.
- ↑ PTI, {{{first}}}"Manju Rani settles for silver at Women's World Boxing Championships".Sportstar'.[२]Retrieved 2021-02-18.
- ↑ (2019-10-17)."'Will do everything to change colour to gold,' says World boxing Champion silver medalist Manju Rani".DNA India'.[३]Retrieved 2021-02-18.
- ↑ "मंजू रानीः वो मुक्केबाज़ जिनके पास दस्ताने ख़रीदने तक के पैसे नहीं थे". BBC News हिंदी. [४]Retrieved 2021-02-18.
- ↑ "मंजू रानीः वो मुक्केबाज़ जिनके पास दस्ताने ख़रीदने तक के पैसे नहीं थे". BBC News हिंदी. [५]Retrieved 2021-02-18.
- ↑ world-boxing-championships/article29672495.eceसाँचा:Dead link
- ↑ world-boxing-championships/article29672495.eceसाँचा:Dead link
- ↑ world-boxing-championships/article29672495.eceसाँचा:Dead link
- ↑ AM IST Manju Rani made a brilliant debut campaign at the Wom en's final to Russia's Ekaterina Paltceva.
- ↑ world-boxing-championships/article29672495.eceसाँचा:Dead link
- ↑ AM IST Manju Rani made a brilliant debut campaign at the Wom en's final to Russia's Ekaterina Paltceva.