रामप्रसाद पोटाई


इन्हे बस्तर (छत्तीसगढ़) का गांधी कहा जाता है। इनसे प्रभावित होकर पं.जवाहर लाल नेहरू ने उन्हे भारतीय संविधान सभा का सदस्य बनाया। इन्हे कांकेर जिला जनपद सभा का प्रथम अध्यक्ष बनने का गौरव प्राप्त है। सन 1950मे डॉ॰ रामप्रसाद पोटाई को कांकेर का प्रथम मनोनीत सांसद बनाया गया।
प्रारंभिक जीवन एवं शिक्षा[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

ठाकुर रामप्रसाद पोटाई, का जन्म साधन संपन्न परिवार में 1923 ई. में कांकेर तहसील के कन्हारपुरी ग्राम में हुआ था। इनके बचपन का नाम फरसो था। इनके पिता घमसान सिंह पोटाई कांकेर रियासत के संपन्न मालगुजार थे। इनकी माता का नाम दुलारी बाई पोटाई था। ठाकुर रामप्रसाद पोटाई की शिक्षा पर उनके पालकों द्वारा विषेश ध्यान दिया गया। इनकी प्रारंभिक शिक्षा कन्हारपुरी के खानगी स्कूल में तथा हाईस्कूल की शिक्षा 1925 ई. से कांकेर के क्राफर्ड हाई स्कूल वर्तमान में नरहरदेव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कांकेर छत्तीसगढ़ से प्राप्त की थी। बीए और वकालत की शिक्षा राबर्टसन काॅलेज जबलपुर और हिस्लाप काॅलेज नागपुर से प्राप्त की। उस समय नागपुर मध्य प्रांत की राजधानी होने के साथ-साथ राजनीतिक गतिविधियों का केन्द्र भी था। पोटाई जी अपने काल के बस्तर अंचल के प्रथम आदिवासी नवयुवक हुए जिन्होने वकालत की शिक्षा ग्रहण की थी। वे एक लम्बी दौड़ और उंची कूद के अच्छे एथलीट भी थे।
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