सुन्नी इस्लाम

सुन्नी मुस्लिम इस्लाम के सबसे बड़े सम्प्रदाय सुन्नी इस्लाम को मानने वाले मुस्लिम हैं। सुन्नी इस्लाम को अहले सुन्नत व'ल जमाअत (अरबी: أهل السنة والجماعة "(मुहम्म्द के) आदर्श लोग और समुदाय") या संक्षिप्त में अहल अस- सुन्नाह (अरबी: أهل السنة) भी कहते हैं। सुन्नी शब्द अरबी के सुन्नाह (अरबी: سنة) से आया है, जिसका अर्थ (पैगम्बर मोहम्मद) की बातें और कर्म या उनके आदर्श है। सामान्य अर्थों में सुन्नी -पवित्र ईशसन्देश्टा मुहम्मद स० के निधन के पश्चात जिन लोगों ने मुहम्मद स० द्वारा बताये गये नियमों का पालन किया सुन्नी कहलाऐ।
इस समय सुन्नी मुस्लिम 90% है तथा ये आंकड़ा 5 गिरोह को मिलाकर बनता हैं।[२]
हऩफी इमाम अबु हनिफा के मुकल्लीद (मानने वाले) है भारत पाकिस्तान बांग्लादेश मे अधिकांश सुन्नी मुसलमान इस्लाम की इसी स्कूल ऑफ थॉट का अनुसंरण करते है
मालिकी इमाम मालिक के मुकल्लीद है अधिकांश उत्तरी अफ्रीकी देशो के सुन्नी इस पंथ का अनुसंरण करते है
हंबली इमाम अहमद बिन हंबल के मुकल्लीद है अधिकांश अरब देशो मे अनुसंरण करने वाले मिलते है
शाफई इमाम शाफई के मुकल्लीद है|
जबकी अहले हदीस सलफ़ी सुन्नी इन चारो पंथो से अलग सीधे मुहम्मद साहब को अपना इमाम मानते है और जैसे मुहमद साहब के साथी अनुयायी जिन्हे सहाबा कहा जाता है उन्होंने जो मतलब क़ुरान और मोहम्मद साहब की बातो का समझा उसको इस्लाम की सही शिक्षा और पंथ मानते है। हालाँकि सलफ़ी सुन्नी सभी इमामो का सम्मान करते है मगर अपना इमाम सिर्फ मुहम्मद साहब को मानते है|