सामग्री पर जाएँ
मुख्य मेन्यू
मुख्य मेन्यू
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
मार्गदर्शन
मुखपृष्ठ
हाल में हुए बदलाव
बेतरतीब पृष्ठ
मीडियाविकि के बारे में सहायता
भारतपीडिया
खोजें
खोजें
दिखावट
खाता बनाएँ
लॉग-इन करें
व्यक्तिगत उपकरण
खाता बनाएँ
लॉग-इन करें
लॉग-आउट किए गए संपादकों के लिए पृष्ठ
अधिक जानें
योगदान
वार्ता
"
काबा
" सम्पादित करें
पृष्ठ
चर्चा
हिन्दी
पढ़ें
सम्पादित करें
स्रोत सम्पादित करें
इतिहास देखें
उपकरण
उपकरण
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
क्रियाएँ
पढ़ें
सम्पादित करें
स्रोत सम्पादित करें
इतिहास देखें
सामान्य
कड़ियाँ
पृष्ठ से जुड़े बदलाव
विशेष पृष्ठ
पृष्ठ की जानकारी
दिखावट
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
चेतावनी:
आपने लॉग-इन नहीं किया हुआ है। अगर आप सम्पादन करते हैं तो इस पृष्ठ के सम्पादन इतिहास में आपका IP पता दृश्य होगा। अगर आप
लॉग-इन
करते हैं या
खाता बनाते हैं
तो दूसरी सुविधाओं के साथ-साथ आपके सम्पादनों का श्रेय आपके सदस्यनाम पर दिया जाएगा।
ऐन्टी-स्पैम जाँच। इसे
नहीं
भरें!
{{Infobox religious building | building_name = काबा<br>''का'आ़बा Ka'aba'' | native_name = ٱلْكَعْبَة | native_name_lang = ar | image = Beyt-i Haram.jpg | alt = | caption = पवित्र काबा के पास तीर्थयात्री | map_type = | map_size = | map_caption = | location = [[मक्का (शहर)|मक्का]], [[हेजाज]], [[सउदी अरब]] | coordinates = {{coord|21|25|21.0|N|39|49|34.2|E|display=inline,title}} | religious_affiliation = [[इस्लाम]] | rite = | region = | municipality = | consecration_year = | status = | functional_status = | heritage_designation = | leadership = | patron = | website = | architecture = | architect = | architecture_type = | architecture_style = | administration = | founded_by = | groundbreaking = | year_completed = | specifications = | length = | width = | height_max = {{convert|13.1|m|ft|abbr=on}} | materials = }} {{इस्लाम}} '''काबा''' या '''ख़ाने काबा''' (<small>[[अरबी भाषा|अरबी]]: {{Nastaliq|ur|الكعبة}}, [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]]: ''Ka'aba'', अरबी उच्चारण: ''का'आ़बा''</small>) [[मक्का (शहर)|मक्का]], [[सउदी अरब]] में स्थित एक घनाकार (क्यूब के आकार की) इमारत है जिसे [[इस्लाम]] का सबसे पवित्र स्थल माना जाता है।<ref>{{cite web|url=https://www.bbc.com/hindi/international-45239046|title=हज से पहले काबा में होती थी कई ईश्वरों की पूजा|access-date=19 अगस्त 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180819160322/https://www.bbc.com/hindi/international-45239046|archive-date=19 अगस्त 2018|url-status=live}}</ref> इस्लामी परंपरा के अनुसार इस भवन को सबसे पहले, [[अब्राहम|इब्राहीम]] के समय में खुद, [[अब्राहम|इब्राहिम]] ने बनाया था। यह ईमारत, [[मक्का]] के [[मस्जिद अल-हरम|मस्जिद-अल-हरम]] के बीचो-बीच स्थित है। [[क़ुरआन|क़ुरान]] और इस्लामी [[शरीयत|शरिया]] के अनुसार दुनिया के सारे मुसलामानों पर यह लागु है की वे नमाज़ के समय काबा की और मुँह कर के नमाज़ अदा करें।<ref name="eoi317">Wensinck, A. J; Ka`ba. Encyclopaedia of Islam IV p. 317</ref> [[हज]] तीर्थयात्रा के दौरान भी मुस्लिमों को [[तवाफ़]] नामक महत्वपूर्ण धार्मिक रीत पूरी करने का निर्देश है, जिसमें काबे की सात परिक्रमाएँ की जाती हैं।<ref name="ref17hapix">[http://books.google.com/books?id=LmAxAAAAIAAJ Arabia reborn], George Kheirallah, University of New Mexico Press, 1952, ''... The Tawaf begins at the Black Stone, and is performed in seven rounds, the first three at a running walk (harwala), and the others at an ordinary walking pace, with the Ka'ba to the left throughout the circuits ...''</ref> ==नामकरण== अरबी शब्द ''का'आ़बा'' (كَعْبَة) का शाब्दिक अर्थ होता है "घनाकार"(क्यूब)। इसके अलावा, क़ुरान में इसे "अल-बैत" ({{lang-ar|ٱلْبَيْت|lit=the house|link=no}}) और ''बैती''({{lang-ar|بَيْتِي|lit=मेरा घर|link=no}}) [2:125, 22:26], ''बैतिक अल-मुह़र्रम'' ({{lang-ar|بَيْتِكَ ٱلْمُحَرَّم|lit=आपका अनुल्लंघनीय घर|link=no}}) [14:37], ''अल-बैत अल-ह़राम'' ({{lang-ar|ٱلْبَيْت ٱلْحَرَام|lit=पवित्र गृह|link=no}}) [5:97], ''अल-बैत अल-अ़तीक़'' ({{lang-ar|ٱلْبَيْت ٱلْعَتِيق|lit=प्राचीन घर|link=no}}) [22:29], भी कहा गया है। तथा काबा के इर्द-गिरद के क्षेत्र को ''अल-मस्जिद अल-हराम'' भी कहा गया है। ==संरचना== ==इस्लामी धारणा और व्युत्पत्ति== [[क़ुरआन|क़ुरान]] के कई आयतों में काबा और उसकी व्युत्पत्ति का उल्लेख है। क़ुरान में उल्लेखित कहानी के अनुसार, काबा [[अल्लाह]] के लिए बनाया गया पहला प्रार्थनागृह है, जिससे [[अब्राहम|इब्राहिम]] और उनके पुत्र [[इस्माइल]] ने अल्लाह के कहने पे "बक्का" (वर्त्तमान मक्का) में निर्मित किया था। इस कहानी का उल्लेख निम्न आयतों में मिलता है: {{quote|''यकीनन लोगों (की इबादत) के वास्ते जो घर सबसे पहले बनाया गया वह तो यक़ीनन यही (काबा) है जो बक्का (मक्का) में है बड़ी (खैर व बरकत) वाला और सारे जहाँ के लोगों का रहनुमा''|सुरा अल-इमरान(३); आयात ९६<ref>https://www.islamicfinder.org/quran/surah-aal-i-imraan/96/?translation=hindi-suhel-farooq-khan-and-saifur-rahman-nadwi सुरा अल-इमरान आयात ९६ (हिंदी अनुवाद)]</ref><ref>{{cite web|last1=Shakir, Ed.|first1=M. H.|title=The Quran|url=http://www.perseus.tufts.edu/hopper/text?doc=Perseus%3Atext%3A2002.02.0003%3Asura%3D3%3Averse%3D96|accessdate=10 January 2018|quote=And another version: "[96] Most surely the first house appointed for men is the one at Bekka, blessed and a guidance for the nations."}}</ref>}} {{quote|''और (ऐ रसूल वह वक्त याद करो) जब हमने इबराहीम के ज़रिये से इबरहीम के वास्ते ख़ानए काबा की जगह ज़ाहिर कर दी (और उनसे कहा कि) मेरा किसी चीज़ को शरीक न बनाना और मेरे घर को तवाफ और क़याम और रूकू सुजूद करने वालों के वास्ते साफ सुथरा रखना''|सुरा अल-हज(२२), आयात २६<ref>https://www.islamicfinder.org/quran/surah-al-hajj/26/?translation=hindi-suhel-farooq-khan-and-saifur-rahman-nadwi</ref><ref>{{cite web|last1=Shakir, Ed.|first1=M. H.|title=The Quran|url=http://www.perseus.tufts.edu/hopper/text?doc=Perseus%3Atext%3A2002.02.0003%3Asura%3D22%3Averse%3D26|accessdate=10 January 2018|quote=And another version: "[26] And when We assigned to Ibrahim the place of the House, saying: Do not associate with Me aught, and purify My House for those who make the circuit and stand to pray and bow and prostrate themselves."}}</ref>}} {{quote|''और (वह वक्त याद दिलाओ) जब इबराहीम व इसमाईल ख़ानाए काबा की बुनियादें बुलन्द कर रहे थे (और दुआ) माँगते जाते थे कि ऐ हमारे परवरदिगार हमारी (ये ख़िदमत) कुबूल कर बेशक तू ही (दूआ का) सुनने वाला (और उसका) जानने वाला है''|सुरा अल-बक़रा(२), आयात १२७<ref>https://www.islamicfinder.org/quran/surah-al-baqara/127/?translation=hindi-suhel-farooq-khan-and-saifur-rahman-nadwi</ref><ref>{{cite web|last1=Shakir, Ed.|first1=M. H.|title=The Quran|url=http://www.perseus.tufts.edu/hopper/text?doc=Perseus%3Atext%3A2002.02.0003%3Asura%3D2%3Averse%3D127|accessdate=10 January 2018|quote=And another version: "[127] And when Ibrahim and Ismail raised the foundations of the House: Our Lord! accept from us; surely Thou art the Hearing, the Knowing:"}}</ref>}} [[File:Masjid al-Haram panorama.JPG|thumb|center|800px|मस्जिद अल-हराम के बीच स्थित काबा]] ==धार्मिक महत्व== ===कि़बला=== {{main|क़िबलाह}} इस्लामिक शब्दावली के अनुसार, ''कि़बला'', प्रार्थना के समय रुख करने वाली दिशा को कहा जाता है। इसका उल्लेख क़ुरान की सुरा अल-बक़रा की आयत १४३ और १४४ में मिलता है।{{cite quran|2|143|e=144}} इस्लामिक नियमों के अनुसार नमाज़ अदा करते समय या प्रार्थना करते समय इस दिशा में मुड़ कर ही प्रार्थना की जाती है। इस्लामिक परंपरा के अनुसार काबा ही किबला की दिशा होती है। ===तवाफ़=== {{मुख्य|हज|उमरा|तवाफ़}} [[File:Tawaf Ifadha 2016 with Amm Salim.webm|thumb|right|250px|तवाफ़ करते हुए हाजी, २०१६]] इस्लाम के अनुसार प्रत्येक सक्षम मुस्लमान से यह उम्मीद की जाती है की वह अपने जीवन में कमसेकम एक बार हज करे। [[हज]] एक इस्लामिक तीर्थयात्रा है, जो इस्लामिक सांवत के ''ज़ु अल-हिज्जा'' के महीने में किया जाता है, जिसमें प्रत्येक यात्री को [[मक्का]] जा कर कुछ नियमानुसार कार्य करने होते हैं। यह प्रथा इस्लाम के पांच स्तंभों का भी हिस्सा है। इसके अलावा एक छोटी तीर्थ यात्रा भी होती ही, जिसे [[उमरा]] कहा जाता है। इन दोनों यात्राओं में यात्रियों को ७ बार काबा की परिक्रमा करनी होती है। इस क्रिया को तवाफ़ कहा जाता है। इस प्रथा का सम्बन्ध [[मुहम्मद स॰ अ॰]] की जीवन से है, जिन्होंने मक्का पर कब्ज़ा करने के बाद, हज करते समय ऐसा किया था। मगर इस्लामिक परंपरा के अनुसार, मक्का तक तीर्थ यात्रा करने की प्रथा अरबों में इस्लाम के आने के अनेक वर्ष पहले, [[नबी|पैगम्बर]] [[अब्राहम|इब्राहीम]] के ज़माने से चली आ रही है। हज यात्रा विश्व की सबसे प्रसिद्द धार्मिक यात्राओं में से एक है जिसमे प्रत्येक वर्ष १८ लाख तीर्थ यात्री मक्का आते हैं।<ref name="Saudi Arabia says Hajj 2016 receives 1.8 million pilgrims">{{cite web|title=Saudi Arabia says Hajj 2016 receives 1.8 million pilgrims|url=http://english.alarabiya.net/en/News/middle-east/2016/09/12/Saudi-Arabia-says-Hajj-2016-receives-1-8-million-pilgrims.html|website=Al Arabiya English|accessdate=6 October 2016|language=English|date=12 September 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20161009101912/http://english.alarabiya.net/en/News/middle-east/2016/09/12/Saudi-Arabia-says-Hajj-2016-receives-1-8-million-pilgrims.html|archive-date=9 अक्तूबर 2016|url-status=live}}</ref> ==इतिहास== [[File:Adriaan-Reland-Verhandeling-van-de-godsdienst-der-Mahometaanen MG 0723.tif|thumb|1718 में काबा का दृश्य। एड्रियान रेलैण्ड]] इसलामी अभिलेखेखों और पुरातात्विक शोध से यह सिद्ध होता है की यह भवन कई बार, युद्ध, और प्राकृतिक आपदाओं की वजह से नष्ट हुआ है, तथा मरम्मत और पुनर्निर्मित भी किया गया है। [[उमय्यद]] सेना और [[अब्दुल्लाह इब्न अल-ज़ुबैर]] के बीच युद्ध में [[मक्का की घेराबंदी (683)|मक्का की पहली घेराबंदी के दौरान]] ( रविवार , 31 अक्टूबर 683 ईस्वी , पैगम्बर मुहम्मद स॰अ॰ के निधन के ५१ वर्ष बाद) आग से इस संरचना को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया गया था।<ref>{{cite web|url=https://www.telegraph.co.uk/news/2017/10/31/day-683-ad-kaaba-holiest-site-islam-burned-ground/|title=On this day in 683 AD: The Kaaba, the holiest site in Islam, is burned to the ground|access-date=19 अक्तूबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181020011523/https://www.telegraph.co.uk/news/2017/10/31/day-683-ad-kaaba-holiest-site-islam-burned-ground/|archive-date=20 अक्तूबर 2018|url-status=live}}</ref> इस घटना का बाद, इब्न अल-ज़ुबैरी, जो उमय्यद खिलाफत के विरोधी थे, ने हज़रात [[अली इब्न अबी तालिब|अली]] की मृत्यु से [[उमय्यद]] खिलाफत के मज़बूती से अरब भूमि पर पकड़ बनाने के बीच के समय में मक्का पर शासन किया था। इब्न अल-जुबैर ने इस दौरान काबा को पुनः निर्मित किया, जिसमें उन्होंने हतीम की दीवार को भी काबा की संरचना में शामिल कर के बनवाया था। उन्होंने ऐसा एक इस्लामी मान्यता के आधार पर किया (जिसका उल्लेख कई [[हदीस]] संग्रहों में पाया जाता है) कि हतीम [[अब्राहम|इब्राहिम]] द्वारा निर्मित काबा की मूल नींव के अवशेष थे, और मुहम्मद स॰अ॰ काबा का पुनर्निर्माण करना चाहते थे ताकि इसे काबा में शामिल किया जा सके। तत्पश्चात, काबा को 692 में [[मक्का]] की दूसरी घेराबंदी के दौरान, उमय्यद आक्रमणकारियों द्वारा पत्थरों से बमबारी कर, ध्वस्त कर दिया गया था, जिसमें उमाय्याद सेना का नेतृत्व अल-हज्जाज इब्न यूसुफ ने किया था। अब्दुल मलिक इब्न मरवान के अंतर्गत, मक्कई विद्रोह के पतन और इब्न अल-ज़ुबैर की हत्या से उमय्यदों ने अंततः सभी इस्लामी शहरों को अपने शासन के अंतर्गत कर लिया, तथा यह घटना [[दूसरी फ़ितना]] का अंत साबित हुई। 693 ईस्वी में, अब्दुल मलिक ने अल-ज़ुबैर द्वारा बनायीं काबा को ध्वस्त कर काबा को पुनः अपने पुराने घनाकार नींव पर बना डाला। ९३० के हज के समय [[अबू ताहिर अल-जनाबी|शिआ क़रामतान आक्रमणकारियों]] ने काबा पे एक क्रूर हमले और रक्तपात के बाद, काबे में स्थित [[हज्रे अस्वद|काले पत्थर]] को चुरा कर अल-अहसा ले जाय गया था, जिसे अब्बासियों द्वारा ९५२ में वापस लाया गया।<ref>{{cite web|url=https://www.punjabkesari.in/national/news/holy-journey-of-mecca-medina-has-been-stopped-earlier-due-to-these-reasons-1159046|title=पहले भी इन कारणों से रोकी जा चुकी है मक्का-मदीना की पवित्र यात्रा, पढ़ें रिपोर्ट}}</ref> काबा की मूल आकृति तब से अब तक लगभग वैसी ही रही है। काबा की मौजूद संरचना अधिकांशतः १७ वीं शताब्दी में [[उस्मानी साम्राज्य|उस्मानों]] द्वारा बनायी गयी है, जब १६२९ में अत्यधिक वर्षा के के बाद काबा के दीवार ध्वस्त हो गए थे। उसके बाद, इस संरचना को मक्का में ही पाए जाने वाले ग्रेनाइट पत्थरों से बनाया गया। मौजूदा काबा उसी समय से बानी हुई है।<ref>{{cite web|url=http://www.bible.ca/islam/islam-kaba-history.htm|title=History of the Kaba|publisher=|access-date=18 फ़रवरी 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20190731012457/http://www.bible.ca/islam/islam-kaba-history.htm|archive-date=31 जुलाई 2019|url-status=dead}}</ref> <gallery> File:Tinted kaaba 1721Fischer von Erlach Architektur 010-800x600x300.jpg|काबा, १७२१ की छवि File:De Kaaba, in vogelvlucht gezien.jpeg|काबा का चित्र, ईरानी लागु चित्र, १८०० से १९०० के बीच बनायीं गयी है। मस्जिद में ७ मीनार देखे जा सकते हैं(वर्त्तमान समय में ९ मीनारें हैं।) File:Kaba.jpg|1880 में काबा की तस्वीर File:Masjid al-Haram 1.jpg|मस्जिद अल-हराम की 1907 की छवि File:Masjid al-Haram 1969.jpg|मस्जिद अल-हराम, १९६९ की तस्वीर </gallery> == इन्हें भी देखें == * [[२०१५ हज भगदड़]] * [[मक्का की घेराबंदी (683)]] * [[हज्रे अस्वद]] * [[अबू ताहिर अल-जनाबी]] * [[तवाफ़]] == सन्दर्भ == {{reflist|2}} [[श्रेणी:काबा]] [[श्रेणी:इस्लाम]] [[श्रेणी:इस्लाम का इतिहास]] [[श्रेणी:मक्का प्रान्त]]
सारांश:
भारतपीडिया पर किया कोई भी योगदान अन्य सदस्यों द्वारा बदला जा सकता है और हटाया भी जा सकता है। अगर आपको अपने लिखे हुए पाठ में संपादन होना नामंजूर है तो यहाँ पर न लिखें।
आप हमें यह भी वचन देतें हैं कि यह आपने स्वयं लिखा है अथवा सार्वजनिक क्षेत्र या किसी समान मुक्त स्रोत से प्रतिलिपित किया है (अधिक जानकारी के लिये
भारतपीडिया:कॉपीराइट
देखें)।
कॉपीराइट सुरक्षित कार्यों को बिना अनुमति के यहाँ न डालें!
रद्द करें
सम्पादन सहायता
(नए विंडो में खुलता है)
इस पृष्ठ पर प्रयुक्त साँचें:
साँचा:Cite quran
(
सम्पादित करें
)
साँचा:Cite web
(
सम्पादित करें
)
साँचा:Infobox religious building
(
सम्पादित करें
)
साँचा:Lang-ar
(
सम्पादित करें
)
साँचा:Main
(
सम्पादित करें
)
साँचा:Nastaliq
(
सम्पादित करें
)
साँचा:Quote
(
सम्पादित करें
)
साँचा:Reflist
(
सम्पादित करें
)
साँचा:इस्लाम
(
सम्पादित करें
)
साँचा:मुख्य
(
सम्पादित करें
)