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हिन्दू वर्ण व्यवस्था: अवतरण इतिहास

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११ अगस्त २०२१

  • सद्यपिछला ११:४०११:४०, ११ अगस्त २०२१ 2401:4900:4043:70c0:ac21:6df1:910c:c709 वार्ता ५,९१९ बाइट्स +५,९१९ जब ब्रह्मा जी चारों वर्णों का विभाजन कर चुके थे उसके पश्चात यमराज जी ने ब्रह्मा जी से कहा कि हमें पाप पुण्य जीवन मरण के लिए कौन बताएगा किसके प्राण हरण करना है किस को स्वर्ग में भेजना है किसको नर्क में भेजना है उसके लिए ब्रह्मा जी को अपनी भूल का अहसास हुआ और उन्होंने पांचवा वह अपनी काया से शायद बनाया जिससे भगवान चित्रगुप्त उत्पन्न हुए