खोज परिणाम
दिखावट
इस विकि पर "भक्ति काल के संत" नाम का पृष्ठ बनाएँ! खोज परिणाम भी देखें।
- ...ादास]] जी थे, जिन्होंने '[[भक्तमाल]]' धार्मिक ग्रन्थ की रचना की थी। [[भक्तिकाल]] के कवियों में स्वामी अग्रदास के शिष्य [[नाभादास]] का विशिष्ट स्थान है।<re * [[भक्ति काल]] ...४ KB (११५ शब्द) - ०५:२३, १६ जून २०२०
- '''सूरजदास''' एक प्राचीन [[संत]] एवं [[कवि]] थे। इन्होने भगवान [[श्रीराम]] पर आधारित संक्षित्प्त पुस्तक [[ ...गोस्वामी तुलसीदास]] ने [[रामचरितमानस]] की रचना 1574 ईस्वी में की थी और फिर संत सूरजदास की रचना रामजन्म का कालखंड लगभग 1470-1475 ईस्वी का बताते हैं। सुराजद ...८ KB (७६३ शब्द) - ०६:२१, ८ सितम्बर २०२०
- ...] के अलावा २७ पद, १५४ साखियां, चितावणि व ककहारा जोग ग्रंथ इनके द्वारा रचित संत साहित्य की अमूल्य निधियां हैं। इन्हें '''पीपा बैरागी''' के नाम से भी जाना ज ...व दिशा में [[गागरौन दुर्ग|गागरोन]] में हुआ था।<ref>{{cite web |title=हमारे संत/ पीपा जी |url=http://www.livehindustan.com/news/tayaarinews/tayaarinews/art ...९ KB (७० शब्द) - २१:२७, ७ अगस्त २०२१
- ...के सांस्कृतिक इतिहास में '''भक्ति आन्दोलन''' एक महत्वपूर्ण पड़ाव था। इस काल में सामाजिक-धार्मिक सुधारकों द्वारा समाज में विभिन्न तरह से [[भगवान]] की [[ ...दक्षिण भारत में [[आलवार सन्त|आलवारों]] एवं [[नायनमार|नायनारों]] से हुआ जो कालान्तर में (800 ई से 1700 ई के बीच) उत्तर भारत सहित सम्पूर्ण [[दक्षिण एशिया]] ...४३ KB (१६० शब्द) - १०:०३, १४ जुलाई २०२१
- [[भारतीय साहित्य]] में [[वैदिक सभ्यता|वैदिक काल]] से लेकर गाथा काल तक रामसंज्ञक अनेक महापुरुषों का उल्लेख मिलता है किंतु उनमें सर्वाधिक प्रसिद ...ों से विभूषित साकेतविहारी 'युगल सरकार' का व्यंजक बताया किंतु निर्गुणमार्गी संतों ने उसे योगियों के चित्त को रमानेवाले, सर्वव्यापक, सर्वातर्यामी, जगन्निवास ...१६ KB (३३ शब्द) - ०८:००, ३ मार्च २०२०
- ...न उनका बहुत सा समय उपासना में ही बीतता था। उनकी माता का नाम राणुबाई था। वे संत एकनाथ जी के परिवार की दूर की रिश्तेदार थी। वे भी सूर्य नारायण की उपासिका थी ...दावरी नदी में खड़े होकर राम नाम और गायत्री मंत्र का जाप करते थे। दोपहर में केवल ५ घर की भिक्षा मांग कर वह प्रभु रामचंद्र जी को भोगलगाते थे। उसके बाद प्रस ...२५ KB (२६३ शब्द) - १२:३०, १६ मई २०२१
- | काल = [[भक्ति काल]] ...चा को मरवाने के लिए बहुत से मलिकों को नियुक्त किया था जिसके कारण यह नाम उस काल से काफी प्रचलित हो गया था। [[इरान]] में मलिक जमींदार को कहा जाता था व इनके ...२४ KB (७९८ शब्द) - १७:४७, ३ मई २०२१
- ...मेहता''' ({{lang-gu|નરસિંહ મહેતા}}; 15वीं शती ई.) [[गुजराती भाषा|गुजराती]] भक्तिसाहित्य की श्रेष्ठतम विभूति थे। उनके कृतित्व और व्यक्तित्व की महत्ता के अनुर ...मकालीनता के आधार पर कुछ इतिहासकारों ने उन्हें 15वीं शती ई. में रखा और बहुत काल तक "वृद्धमान्य समय" (1414-81 ई.) निर्विवाद स्वीकृत किया जाता रहा परंतु; क.म ...२८ KB (१०१ शब्द) - १२:४९, २७ जनवरी २०२१
- सभी ईसाई प्राय: इस बात से सहमत हैं कि ईसा ने केवल एक ही चर्च की स्थापना की थी, किंतु अनेक कारणों से ईसाइयों की एकता अक्षुण् ..." इससे स्पष्ट हो जाता है कि चर्च का सबसे महत्वपूर्ण तत्व आध्यात्मिक ही है। संत पौलुस ने चर्च के इस आध्यात्मिक तथा रहस्यात्मक पक्ष पर बहुत बल दिया है। ईसा ...६९ KB (३८५ शब्द) - ११:४७, ८ जनवरी २०२१
- ...समाज में रह रहे हैं। परंतु प्राचीन ऋषि-मुनियों को इस भौतिक समृद्धि से न तो संतोष हुआ और न चिर आनंद की प्राप्ति ही हुई। अत: उन्होंने इसी सत्य और ज्ञान की प ...है और अपने ज्ञान के अनुरूप अपने चरित्र का संचालन करना अनिवार्य नहीं समझता। केवल पाश्चात्य रहस्यवादी और समाधीवादी विचारक ही इसके अपवाद हैं। ...२३ KB (१०८ शब्द) - ००:३०, १२ अगस्त २०२१
- ...ुकाराम महाराज आदि. संत पुरुषोने वेदांत के ऊपर बहुत ग्रंथ लिखे है आज भी लोग संतो के उपदेशो के अनुकरण करते है। ...तों में काफी कुछ समानता है किन्तु अनेक स्थानों पर विरोध भी प्रतीत होता है। कालान्तर में यह आवश्यकता अनुभव की गई कि विरोधी प्रतीत होने वाले विचारों में समन ...४३ KB (५९ शब्द) - १४:३७, २ जून २०२१
- ...ै। यह संभवत: शक 905 (ई सन् 983) में उत्कीर्ण की गई होगी। यहाँ से यादवों के काल तक के लगभग 75 [[अभिलेख|शिलालेख]] आज तक प्राप्त हुए हैं। इनकी भाषा का संपूर् ...ीत होते हैं। वे [[नाथ सम्प्रदाय|नाथपंथीय]] थे। उनके साहित्य से इस पंथ के संकेत प्राप्त होते हैं। ...४४ KB (३०१ शब्द) - १०:१५, ६ मई २०२१
- ...ा है। इसी क्षेत्र का पुराना नाम '[[कोशल|कोसल]]' भी था जिसकी महत्ता प्राचीन काल से चली आ रही है।<ref>{{cite news ...यही है। [[रमई काका]] की लोकवाणी भी इसी भाषा में गुंजरित हुई। हिंदी के रीतिकालीन कवि द्विजदेव के वंशज अयोध्या का राजपरिवार है। इसी परिवार की एक कन्या का ...३३ KB (३३६ शब्द) - २२:२१, ११ अगस्त २०२१
- ...ईसा के जीवन की घटनाओं को किस दृष्टि से देखा है कि उनमें से क्या निष्कर्ष निकाला है। बाइबिल में प्रसंगवश लौकिक ज्ञान विज्ञान सम्बन्धी बातें भी आ गई हैं; उनपर तात्कालिक धारणाओं की पूरी छाप है क्योंकि बाइबिल उनके विषय में शायद ही कोई निर्देश द ...४६ KB (९२ शब्द) - २१:०९, १० मई २०२१
- ...ायण]] से लिया गया है। रामचरितमानस लोक ग्रन्थ है और इसे उत्तर भारत में बड़े भक्तिभाव से पढ़ा जाता है। इसके बाद [[विनय पत्रिका]] उनका एक अन्य महत्त्वपूर्ण काव ...ok | last=Kulshreshtha | first=A. | title=Sant Tulsidas Aur Unka Sahitya : संत तुलसीदास और उनका साहित्य | publisher=Diamond Pocket Books Pvt Ltd | year=२० ...५२ KB (९७० शब्द) - २१:२८, ७ अगस्त २०२१
- मध्ययुगीन [[यूरोप]] में [[देववाद]] की प्रधानता थी। [[संत अगस्तीन]] ने दिव्य नगर का संदेश दिया और [[टॉमस अक्वायनास]] ने सनातन नियम और ...के संदेशवाहक थे तो इरेसमस, मोर और मोंटेन ने "मनुष्य" पर ध्यान आकृष्ट किया। केपलर, गेलिलियो और न्यूटन ने भौतिकी के विकास कर क्रांतिकारी वैज्ञानिक दृष्टिको ...५० KB (३२० शब्द) - ०८:२५, ११ जून २०२१
- ...ड़ा। बचपन में ही इन्हें हनुमान कवच का पाठ सिखाया गया। निंबार्क संप्रदाय के संत ब्रजदास जी ने बालक को दीक्षा दी। कलकत्ता में आजादी आंदोलन और क्रांतिकारियों के साथ काम करने के एक मामले में तत्कालीन ब्रिटिश सरकार ने हनुमान प्रसाद पोद्दार सहित कई प्रमुख व्यापारियों को राजद ...३४ KB (१०६ शब्द) - १६:१६, १४ फ़रवरी २०२१
- ...जनागल कालवा,तंवर, सिगला, मंडाङ सिंहमार, पिंडार,भगत, बारुपाल, मिड़ल (मिरल),केम्मपाल, अहम्पा , पंवार, वनल ,पङिहार,लिलङ,जयपाल, ,चावणीया, तुर्किया,गाडी,देव |ISBN=8180330176}}</ref> वे एक [[संत]] [[ऋषि]] मेघ के वंशज होने का दावा करते हैं,<ref name="tribuneindia.com"/> ...५४ KB (१,४१२ शब्द) - १६:१२, २५ अगस्त २०२१
- ...ाते हैं। सबसे प्रामाणिक इतिहास की तस्वीरें हैं [[मुग़ल|मुगल काल]] की और इस काल में होली के किस्से उत्सुकता जगाने वाले हैं। [[अकबर]] का [[जोधाबाई]] के साथ ...हैं। इनमें से सबसे प्रसिद्ध कहानी है प्रह्लाद की। माना जाता है कि प्राचीन काल में [[हिरण्यकशिपु]] नाम का एक अत्यंत बलशाली असुर था। अपने बल के अहंकार में ...६८ KB (१,६३८ शब्द) - २१:५४, २५ अगस्त २०२१
- | spouse = काली (मत्स्यगन्धा) भक्तिज्ञानविरागाप्तं प्रणमामि पराशरम् ॥५॥ ...९७ KB (३२६ शब्द) - २१:३७, १० दिसम्बर २०२२