खोज परिणाम
दिखावट
इस विकि पर "वर्ण" नाम का पृष्ठ बनाएँ! खोज परिणाम भी देखें।
पृष्ठ शीर्षक मिलान
- '''व्यंजन''' ([[:en:consonant]]) वर्ण का प्रयोग वैसी ध्वनियों के लिये किया जाता है जिनके [[उच्चारण]] के लिये किसी ...्यंजन]] गिये गये हैं, उनके '''[[अन्तर्राष्ट्रीय ध्वन्यात्मक वर्णमाला|IPA]] वर्णाक्षरों''' के साथ। ...८ KB (३७१ शब्द) - १९:१२, २३ अगस्त २०२१
- ...ाते हैं। हिन्दी भाषा में मूल रूप से ग्यारह स्वर होते हैं। ग्यारह स्वर के [[वर्ण]] : अ,आ,इ,ई,उ,ऊ,ऋ,ए,ऐ,ओ,औ आदि। हिन्दी भाषा में [[ऋ]] को आधा स्वर([[अर्धस्वर ...का वैज्ञानिक वर्गीकरण और उनके [[अन्तर्राष्ट्रीय ध्वन्यात्मक वर्णमाला|IPA]] वर्णाक्षर दिये गये हैं : ...१० KB (४२५ शब्द) - १६:१७, २८ अगस्त २०२१
- ...alik 2005 p.48"/> इन और अन्य सनातन ग्रंथों ने सिद्धांत रूप में समाज को चार वर्णों में वर्गीकृत किया:<ref name="Doniger 1999 186">{{cite book |last=Doniger ...वर्गों में से एक से संबंधित हैं, उन्हें ''सवर्ण'' कहा जाता है। जो लोग किसी वर्ण से संबंध नहीं रखते थे, उन्हें ''अवार्ण'' कहा जाता था।<ref>{{cite book|title ...६ KB (३०६ शब्द) - ११:४०, ११ अगस्त २०२१
पृष्ठ के टेक्स्ट में मिलान
- ...न वर्णों के बीच अलग सा रिश्ता बनता जा रहा है । कहा जाता है कि हिटलर भारतीय वर्ण व्यवस्था से बहुत प्रभावित हुआ था । [[हिन्दू वर्ण व्यवस्था|पूर्ण लेख पढ़ें]] ...२ KB (५ शब्द) - २३:३६, १९ सितम्बर २००९
- ...रत्नाकर|संगीत रत्नाकर]]{{Ref_label|संगीतरत्नाकर|क|none}} के अनुसार, नियमित वर्ण समूह को '''अलंकार''' कहते हैं। सरल शब्दों में, स्वरों के नियमानुसार चलन को ...स:-"सांनिध, निधप, धपम, पमग, मगरे, गरेसा"। एक अन्य उदाहरण मे आरोही व अवरोही वर्ण साथ मे देखें……… ...३ KB (३६ शब्द) - ०७:४८, २७ अगस्त २०२१
- ...ा दिखाई देते हैं, यानी कि शुद्ध वर्णक्रमिक या एक रंगीय / ''मोनोक्रोमैटिक'' वर्ण। == वर्ण प्रदर्शन वर्णक्रम == ...६ KB (१७७ शब्द) - १०:४७, १५ जून २०२०
- ...ाह से उत्पन्न संतान के विषय में ऐसा सामान्य मत जान पड़ता है कि उसे माता के वर्ण के अनुरूप मानते हैं। इसका एक विपरीत उदाहरण बौद्ध जातकों में फिक ने 'भद्दसाल ...५ KB (१३ शब्द) - ०२:१५, १ मार्च २०२०
- ...तरंग]] के [[वर्णक्रम]] (स्पेक्ट्रम) में यह मानव द्वारा दर्शन योग्य [[लाल]] वर्ण से नीचे (या अध:) होती है। इसका तरंग दैर्घ्य 750 [[नैनोमीटर|nm]] and 1& ...किरण|विद्युत चुम्बकीय तरंग]] जिनकी आवृत्ति मानव द्वारा दर्शन योग्य [[लाल]] वर्ण से नीचे या अध: होती हैं। इन्हें अँग्रेजी में ''इन्फ्रारेड'' कहा जाता है। ...४ KB (८० शब्द) - ००:५३, २ मार्च २०२१
- ...rn-religions/hinduism/sudra</ref> भारत में [[हिन्दू वर्ण व्यवस्था]] के चार वर्णों में से एक है।{{sfn|Varadaraja V. Raman|2006|pp= 200–204}} जो कि जन्म के आ * [[हिन्दू वर्ण व्यवस्था|वर्ण व्यवस्था]] ...४ KB (२९९ शब्द) - १०:२५, १५ अगस्त २०२१
- ...alik 2005 p.48"/> इन और अन्य सनातन ग्रंथों ने सिद्धांत रूप में समाज को चार वर्णों में वर्गीकृत किया:<ref name="Doniger 1999 186">{{cite book |last=Doniger ...वर्गों में से एक से संबंधित हैं, उन्हें ''सवर्ण'' कहा जाता है। जो लोग किसी वर्ण से संबंध नहीं रखते थे, उन्हें ''अवार्ण'' कहा जाता था।<ref>{{cite book|title ...६ KB (३०६ शब्द) - ११:४०, ११ अगस्त २०२१
- क वर्ण का दूसरा, चौथा अक्षर च वर्ण का दूसरा, चौथा अक्षर ...५ KB (१३७ शब्द) - १२:३४, २८ अगस्त २०२१
- ...कहलाते हैं। यह सम्प्रदाय वैदिक काल से ही अस्त्तित्व में है । सनातन धर्म की वर्ण व्यवस्था में सूर्य की उपासना का उलेख मिलता है । ब्राह्मणों में संध्या कर्म ...१,०१३ बाइट (२ शब्द) - २२:४२, ९ मार्च २०१८
- ...प्रयोग देखा गया है। हर शब्द को [[स्वर वर्ण|स्वर]] और [[व्यंजन वर्ण|व्यंजन वर्णों]] का [[स्वनविज्ञान|स्वानिक]] मिश्रण कर के बनाया जाता है। इन शब्दकोशों और ...३ KB (७५ शब्द) - १३:३३, १५ जून २०२०
- ...्यान में रखकर भी लोग अपना राशिफल जान लेते थे। इसलिये कह दिया जाता था कि इस वर्ण से नाम शुरु हो रहा है तो आने वाला वर्ष इस प्रकार का रहेगा। ...७ KB (० शब्द) - १३:२५, १ अगस्त २०२०
- ...ाशि होती है। जन्म के समय चन्द्र जिस नक्षत्र में स्थित होता है। उसके चरण के वर्ण से आरम्भ होने वाला नाम व्यक्ति का जन्म राशि नाम निर्धारित करता है। आईये चन् ...नामकरण संस्कार एक है। इस संस्कार में बालक का नाम चन्द्र राशि के नक्षत्र के वर्ण के आधार पर किया जाता है। ...७ KB (२१ शब्द) - ०१:३९, १५ जून २०२०
- ...और ७ वर्णों की आवृत्ति मिलती है। अन्तिम पंक्तियों में प्रायः ५, ७, ५, ७, ७ वर्ण होते हैं।<ref>जापानी कविताएँ, अनुवाद- सत्यभूषण वर्मा, सीमान्त पब्लिकेशंस इं ...२ KB (१० शब्द) - १८:१९, १२ मार्च २०२०
- सुन्दर महलों से युक्त वहां की भूमियां शुक्ल, कृष्ण, अरुण और पीत वर्ण की तथा शर्करामयी (कंकरीली), शैली (पथरीली) और सुवर्णमयी हैं। वहां दैत्य, दान ...२ KB (४ शब्द) - १४:३२, २९ अगस्त २०२०
- जहां एक या अनेक वर्णों की क्रमानुसार आवृत्ति केवल एक बार हो अर्थात एक या अनेक वर्णों का प्रयोग केवल दो बार हो, वहां छेकानुप्रास होता है। छेकानुप्रास का एक उदा [[वर्णों]] की [[आवृत्ति]] को [[अनुप्रास]] कहते हैं। उदाहरण - ...६ KB (२४ शब्द) - २३:०८, २४ अगस्त २०२१
- हिंदी वर्णमाला के समस्त वर्णों को व्याकरण में दो भागों में विभक्त किया गया है- स्वर और व्यंजन! ...बिना रुके हुए निकलती है, उन्हें 'स्वर' कहा जाता है। '''''व्यंजन''''' : जिन वर्णों का उच्चारण करते समय साँस कण्ठ, तालु आदि स्थानों से रुककर निकलती है, उन्हे ...१५ KB (२४९ शब्द) - १५:५१, २८ अगस्त २०२१
- ...अंग्रेज़ी]] में "Thalassa" कहते हैं। इसका सही उच्चारण थ़लैसा है जिसका पहला वर्ण "थ" से मिलता-जुलता लेकिन थोड़ा सा भिन्न "[[थ़]]" है। * [[थ़|"थ़" वर्ण का उच्चारण]] ...५ KB (६३ शब्द) - १९:१५, २० सितम्बर २०२०
- ...सिलेसियन [[वर्णमाला]] नहीं है। सिलेसियन वक्ता अपनी भाषा लिखने के लिए पोलिश वर्ण का ही प्रयोग करते हैं। 2006 में सभी सिलेसियन [[लिपि|लिपियों]] (जिन की संख्य ...२ KB (४८ शब्द) - ००:५६, १६ जून २०२०
- रामान्दाचार्य जी ने सर्व धर्म समभाव की भावना को बल देते हुए कबीर, रहीम सभी वर्णों (जाति) के व्यक्तियों को भक्ति का उपदेश किया। आगे रामानन्द संम्प्रदाय में मध्यकालीन वैष्णव आचार्यों ने भक्ति के लिए सभी वर्ण और जाति के लिए मार्ग खोला, ...७ KB (१३७ शब्द) - १३:३३, १६ जून २०२१
- === लघु वर्ण === ...७ KB (२५७ शब्द) - ०३:२८, २१ जून २०२१