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- [[संगीत श्री]]- एन.सी.इ.आर.टी. [[श्रेणी:संगीत]] ...८५१ बाइट (१ शब्द) - १३:४०, ९ मई २०२१
- [[संगीत श्री]]- एन.सी.इ.आर.टी. [[श्रेणी:संगीत]] ...९३७ बाइट (२ शब्द) - २३:२४, २७ जनवरी २०१७
- '''जानकी प्रसाद''' (१८२६ - १८९८) एक [[संगीत]]कार थे जिन्होने [[कथक|कत्थक]] के [[बनारस घराना|बनारस घराने]] की प्रतिष्ठा ...२ KB (३४ शब्द) - ०३:०६, १५ जून २०२०
- '''किराना घराना''' [[शास्त्रीय संगीत|भारतीय शास्त्रीय संगीत]] और गायन की [[हिंदुस्तानी ख़याल गायकी]] की परंपरा को वहन करने वाले हिंदुस् ...का वास्तविक संस्थापक माना जाता है। उस्ताद करीम खाँ [[कर्नाटक संगीत|कर्णाटक संगीत]] शैली में भी पारंगत थे। इनका [[मैसूर दरबार]] से गहरा संबंध था। ...४ KB (९१ शब्द) - ११:०३, १६ जून २०२०
- | genre = [[हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत]] ...ृत्यु :3 अप्रेल 2017 - 84 वर्ष) [[हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत|हिंदुस्तानी संगीत]] की विख्यात गायिका थीं जिनका सम्बन्ध [[जयपुर घराना|अतरौली जयपुर घराने]] स ...३ KB (१४० शब्द) - ११:०६, १६ जून २०२०
- ...[पटियाला]] घराने से ताल्लुक रखते थे। उन्होंने शास्त्रीय और अर्धशास्त्रीय [[संगीत]] में तमाम तरह के प्रयोग किये हैं और खू़ब ग़ज़लें भी गाईं हैं। 'ग़ालिब का अ [[श्रेणी:संगीत]] ...२ KB (३५ शब्द) - १३:३८, ४ सितम्बर २०२०
- ...पटवर्धन, नारायण राव व्यास तथा वी.ऐ. क्शालकर हुए जिन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत का खूब प्रचार किया। नत्थू खाँ ग्वालियर महाराज जियाजी राव शिंदे के गुरु थे। ...ंडित तथा शिष्य राजा भैया पूंछवाले, रामपुर के प्रसिद्ध मुस्ताक हुसेन भी इसी घरानेके गायक थे। ग्वालियर घराने की शैली की ...४ KB (१८ शब्द) - १४:०४, ५ जनवरी २०२१
- ...ा वादक थे। मिश्रा ने छह साल की उम्र में ही अपने पिता बद्री प्रसाद मिश्र से संगीत की बारीकियां सीखी। छन्नूलाल मिश्रा को नौ साल की उम्र में उनके पहले गुरू उस् उन्होंने पहले अपने पिता, बद्री प्रसाद मिश्रा के साथ संगीत सीखा और तब किराना घराने के 'उस्ताद अब्दुल गनी खान' ने उन्हें शिक्षित किया। ...५ KB (१२ शब्द) - १९:१२, ७ जनवरी २०२१
- ...विशेश रुचि रही। मटमारि वीरण्णा इनके प्रथम गुरु थे। बाद में वडवाटि ने अपना संगीत अभ्यास श्री वेंकटप्पा के यहाँ पूर्ण किया। ...पंडित सिद्दराम जम्ब्लदिण्णि से [[हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत|हिन्दुस्तानी संगीत]] में शिक्षा ली। सिद्दराम जम्ब्लदिण्णि ग्वालियर व जयपुर घराने से थे। दस साल ...४ KB (८३ शब्द) - ०८:५०, १५ जून २०२०
- ...जाता है। इसके इतिहास के बारे में अनेक मत हैं किंतु अपनी पुस्तक ''''भारतीय संगीत वाद्य में प्रसिद्ध विचित्र वीणा वादक डॉ लालमणि मिश्र ''''ने इसे प्राचीन त्र ...//www.omenad.net/articles/bsv_sitar1.htm '''सितार का स्वरूप'''] - ''भारतीय संगीत वाद्य'' के कुछ अंश ...६ KB (७० शब्द) - ०४:००, २६ अगस्त २०२१
- ...से देखा जाता है। बनारस घराने में जन्मे पंडित राजन और पंडित साजन मिश्रा को संगीत की शिक्षा उनके दादा जी पंडित बड़े राम जी मिश्रा और पिता पंडित हनुमान मिश्रा ...े रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं ! साजन जी का पुत्र - 'स्वरांश' भी निरंतर संगीत साधना में रत है ! ...४ KB (३८ शब्द) - २०:३५, २५ अप्रैल २०२१
- |Genre=[[हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत]] - खयाल |Occupation=[[हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत|हिन्दुस्तानी]] शास्त्रीय गायक| ...५ KB (३५ शब्द) - १०:२५, १९ मई २०२१
- | genre = [[हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत ...[ब्रिटिश भारत के प्रेसीडेंसी और प्रांत|ब्रिटिश भारत]] में जन्मे थे। उन्हें संगीत की शिक्षा अपने पिता, अली बक्श ख़ान से मिली। वे [[ठुमरी]] [[दादरा]], [[ग़ज़ल ...४ KB (१२६ शब्द) - ११:५५, १५ जून २०२०
- | genre = [[हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत]] ...ंगीतज्ञ थे। इस घराने के संगीतज्ञों ने ही ईरान के लोकवाद्य ‘रबाब’ को भारतीय संगीत के अनुकूल परिवर्द्धित कर ‘सरोद’ नामकरण किया। मात्र बारह वर्ष की आयु में एकल ...१० KB (७७ शब्द) - १३:५२, ५ फ़रवरी २०२१
- | known for = [[हिन्दुस्तानी संगीत]] | awards = [[पद्म श्री]]<br>[[संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार]] ...७ KB (३४० शब्द) - २१:०९, १५ जून २०२०
- {{भारतीय संगीत}} ...|url= |format= |access-date= |edition= |date= |year= |month= |publisher= संगीत सदन प्रकाशन|location= [[इलाहाबाद]]|language= हिन्दी|id= |doi = |pages= 91|c ...१० KB (४११ शब्द) - १३:५५, १९ जनवरी २०२१
- ...ी शास्त्रीय संगीत]] के क्षेत्र में एक विशिष्ट प्रतिभा थे, जिन्होंने भारतीय संगीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वे भारतीय समाज मे ...ाहौर]] में [[गान्धर्व महाविद्यालय|गान्धर्व विद्यालय]] की स्थापना कर भारतीय संगीत को एक विशिष्ट स्थान दिया। इसके अलावा उन्होंने अपने समय की तमाम धुनों की स्व ...१४ KB (५६ शब्द) - ०९:१३, १० सितम्बर २०२०
- ...बड़े ग़ुलाम अली ख़ान]] साहब से तालीम ली है। वे अपनी ग़जलों में प्रायः ख़ुद संगीत देते हैं। इसके अलावा भी उन्होने दूसरों की सुरबद्ध ग़जलें भी गाई हैं। [[श्रेणी:शास्त्रीय संगीत]] ...७ KB (१९७ शब्द) - १०:२८, २७ अगस्त २०२१
- | genre = [[शास्त्रीय संगीत]] ...(जन्म: २५ दिसम्बर १९५२) एक प्रतिष्ठित [[भारतीय]] [[हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत|हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीतकार]], गीतकार, गायक और गुरु हैं। उन्हें हिंदुस् ...११ KB (३५५ शब्द) - ०५:२७, १६ जून २०२०
- |genre = [[हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत|हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत]] ...'' (जन्म - २८ जनवरी १९३० - १७ अगस्त २०२०) [[भारत]] के प्रसिद्ध [[शास्त्रीय संगीत|शास्त्रीय]] गायकों में से एक हैं। जसराज का संबंध [[मेवाती घराना|मेवाती घरान ...२० KB (१,१८६ शब्द) - १९:०५, १६ जुलाई २०२१