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  • [[तन्त्र|तंत्रशास्त्र]] की दृष्टि से '''अधिकार''' शब्द का मूल्य साधनात्मक है। साधना में प्रवेश पाने के लिए जिस योग्यता, क्षमता की प्राप्ति आवश्यक ...अधिकारभेद का विस्तार मिलता है। अधिकार निर्णय में शैथिल्य के कारण तांत्रिक साधनाओं को कालांतर में आपाततः निंदित होना पड़ता है। ...
    ४ KB (३ शब्द) - ०१:५९, १ मार्च २०२०
  • १० KB (२२ शब्द) - ०५:४६, १५ जून २०२०
  • ४ KB (६ शब्द) - ११:१६, ६ मई २०२१
  • ...वा शैव या [[नाथ सम्प्रदाय|नाथ संप्रदाय]] से। यक्ष-देव-परंपरा के देवताओं और साधनाओं का सीधा प्रभाव शैव और बौद्ध कापालिकों पर पड़ा क्योंकि तीनों में ही प्राय: ...एक हो गए। भक्तिवादी उपासना में शिव उदार और भक्तवत्सल चित्रित किए गए। गुह्य साधनाओं में शिव का आदिम रूप न्यूनाधिक रूप में वर्तमान रहा जिसके अनुसार वे विलासी ...
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