Deprecated: Caller from MediaWiki\Revision\RevisionStore::loadSlotRecordsFromDb ignored an error originally raised from MediaWiki\Extension\SmartCommons\Store\MetadataStore::updateMetadata: [1054] Unknown column 'scf_url' in 'SET' in /www/wwwroot/enwiki/w/includes/debug/MWDebug.php on line 385
"सृष्टि रचना" के परिणाम खोजें - भारतपीडिया सामग्री पर जाएँ

खोज परिणाम

देखें (पिछले २० | ) (२० | ५० | १०० | २५० | ५००)
  • १ KB (२५ शब्द) - १९:४४, १७ जनवरी २०२१
  • ४ KB (९ शब्द) - १६:४१, १७ जनवरी २०२१
  • ३ KB (२३ शब्द) - ०१:०३, २२ अगस्त २०२१
  • ९ KB (२०४ शब्द) - १३:२५, १० जुलाई २०२१
  • ७ KB (१९ शब्द) - ०९:३०, १३ अप्रैल २०२१
  • यद्यपि उत्पति पुस्तक की रचनाशैली पर सुमेरी-बाबुली महाकाव्य एन्मा-एलीश तथा गिल्गमेश की गहरी छाप है और उसक ...ारा लेकर स्पष्ट करना चाहा है कि ईश्वर ही विश्व तथा उसके समस्त प्राणियों का सृष्टिकर्त्ता है। अत: उस ग्रंथ में विश्व के प्रारंभ का समय अथवा विज्ञान के अनुसार ...
    ९ KB (२५३ शब्द) - ०८:१६, १६ जून २०२०
  • ११ KB (२७२ शब्द) - १६:२४, २१ मई २०२१
  • ...ाइबिल का पुराना नियम यहूदी धर्मग्रन्थ [[तनख़|तनख़]] का ही संस्करण है। इसका रचनाकाल १३वीं शताब्दी ई.पू. से पहली शताब्दी ई.पू. के बीच का है। पुराने अहदनामे म ...
    ७ KB (३०२ शब्द) - ०९:२०, २२ मार्च २०२१
  • १२ KB (५६ शब्द) - ०८:३३, ८ जून २०२१
  • ४ KB (३ शब्द) - १७:०५, १ मार्च २०१७
  • विसृष्टौ सृष्टिरूपा त्वं स्थितिरूपा च पालने। <br /> हे जगन्मयी देवि! इस जगत की उत्पत्ति के समय तुम सृष्टिरूपा हो और पालनकाल में स्थितिरूपा हो।<br /> ...
    २० KB (१८६ शब्द) - १६:४५, १७ जनवरी २०२१
  • १० KB (५८ शब्द) - २३:४०, २२ सितम्बर २०२०
  • ८ KB (३६ शब्द) - १०:३७, ३ मार्च २०२०
  • १० KB (७३ शब्द) - १५:५५, २३ मई २०२१
  • == रचनाएँ == ...हुए हैं। "रास झूमूरा"; भूषण हेरोवा, ब्रह्ममोहन और "कटोराखेलावा" उनकी अन्य रचनाएँ हैं। माधवदेव के गीतों की भाषा [[ब्रजावली]] है किन्तु वर्णनात्मक अंश असमिय ...
    ७ KB (१२३ शब्द) - ००:४६, १४ जून २०२१
  • १५ KB (१९ शब्द) - १४:०३, १२ अगस्त २०२१
  • रचनाकाल की दृष्टि से [[बाइबिल]] का प्रामाणिक रूप इब्रानी भाषा का प्राचीनतम साहित ...भविष्य संबंधी उक्तियों का समावेश है। उदहारणार्थ, आदम और हौवा की जीवनी। इन रचनाओं को बाइबिल में स्थान नहीं मिला। इन्हें अप्रामाणिक साहित्य कहा जाता है। इस ...
    ११ KB (१३ शब्द) - २३:४४, २१ सितम्बर २०१४
  • ९ KB (१३३ शब्द) - १९:४७, २३ जनवरी २०२१
  • ६ KB (२० शब्द) - १६:४४, २९ जुलाई २०२०
  • ...80 पुस्तकें अप्रकाशित हैं शेष पुस्तकें प्राप्य नहीं हैं। इनकी कुछ प्रकाशित रचनाएं हैं - ...ष्पदी, ब्रह्मसमंवय, देवतानिवित्, वैदिक कोष, कादम्बिनी आदि लगभग 120 प्राप्य रचनाएं हैं। ...
    १२ KB (२० शब्द) - ११:११, २ सितम्बर २०२०
देखें (पिछले २० | ) (२० | ५० | १०० | २५० | ५००)