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डस्पीना (उपग्रह)

भारतपीडिया से
अंगूठाकार बनाने में त्रुटि हुई: फ़ाइल गायब है
वॉयेजर द्वितीय यान द्वारा ली गयी तस्वीरों पर आधारित, डस्पीना का कंप्यूटर चित्र (नीला गोला वरुण ग्रह को दर्शाता है जिसके इर्द-गिर्द डस्पीना परिक्रमा करता है

डस्पीना सौर मण्डल के आठवें ग्रह वरुण का एक उपग्रह है। यह वरुण के सारे उपग्रहों में से उससे तीसरा सबसे समीप परिक्रमा करने वाला उपग्रह है। डस्पीना का औसत व्यास १५० कि॰मी॰ है और इसका आकार बेढंगा है (यानि गोल नहीं है)। इस उपग्रह का रंग गाढ़ा प्रतीत होता है। वैज्ञानिकों का अनुमान है के वरुण का यह चन्द्रमा वरुण के साथ-साथ निर्मित नहीं हुआ था, बल्कि उस मलबे के कुछ जमावड़े से बन गया है जब वरुण नें अपने से पास गुज़रते हुए ट्राइटन को अपने शक्तिशाली गुरुत्वाकर्षण के क़ब्ज़े में लेकर उसे अपना उपग्रह बना लिया। उस दौरान वरुण के इर्द-गिर्द घूम रहे पुराने उपग्रहों में गुरुत्वकर्षण के बदलते प्रभाव से काफ़ी टकराव हुए थे जिनसे वे उपग्रह ध्वस्त हो गए और अपना मलबा छोड़ गए और डस्पीना उसी का नतीजा है। ट्राइटन को छोड़कर, वरुण के अन्य उपग्रहों का निर्माण कुछ ऐसे ही हुआ था।[]

वरुण के कुछ अन्य अंदरूनी चंद्रमाओं की तरह, डस्पीना भी धीरे-धीरे वरुण के समीप आता जा रहा है और वैज्ञानिकों का विचार है कि कुछ समय बात यह या तो वरुण के वायुमंडल में गिरकर ध्वस्त हो जाएगा या वरुण की रोश सीमा के अन्दर आने से उसके गुरुत्वाकर्षण द्वारा तोड़कर एक उपग्रही छल्ले के लिए मलबा बन जाएगा।

अन्य भाषाओँ में[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

डस्पीना को अंग्रेज़ी में "Despina" कहते हैं।

इन्हें भी देखें[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

सन्दर्भ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

  1. ""वरुण के अंदरूनी उपग्रहों का एक गत्यात्मक इतिहास (अ डाएनैमिकल हिस्टरी ऑफ़ द इन्नर नॅप्टयूनियन सैटलाइट्ज़, अंग्रेज़ी में)"". आइकैरस. ९९(२)
    ३९०.doi:10.1016/0019-1035(92)90155-Z.[१]Retrieved 20 मई 2011.