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"जोधपुर के लोग" के परिणाम खोजें - भारतपीडिया

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  • ...महत्वपूर्ण संस्कृत ग्रंथों का संपादन [[राजस्थान प्राच्यविद्या प्रतिष्ठान]] जोधपुर के माध्यम से किया। इनका निधन कुछ दशक पूर्व अपने पुश्तैनी नगर बीकानेर में हु [[श्रेणी:राजस्थान के लोग]] ...
    १ KB (१२ शब्द) - १५:५७, ६ जून २०१७
  • '''बिश्वेश्वर नाथ रेऊ '''(१८९०-१९६६) जोधपुर रियासत के इतिहास विभाग, पुरातत्व विभाग, सरदार संग्रहालय, पुस्तक प्रकाश (पां ...भारत के प्राचीन राजवंश'', संपादक: भगवतीलाल राजपुरोहित, प्रकाशक: जयपुर पब्लिकेशन स्कीम २००० ...
    ६ KB (१६२ शब्द) - १२:५१, १५ जून २०२०
  • | office2 = [[पूर्व]] [[कुलपति]], [[जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय|जोधपुर विश्वविद्यालय]] | birth_place = सूरसागर, जोधपुर, राजस्थान ...
    १४ KB (९८ शब्द) - १०:२५, ७ मई २०२१
  • |constituency = [[जोधपुर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|जोधपुर]] |birth_place = [[जोधपुर]], राजस्थान, भारत ...
    १० KB (२१० शब्द) - २०:०९, १५ जून २०२०
  • ...ड़ने के लिए उतेजित हो गयी शेखावाटी ब्रिगेड के साथ ही सीकर, जयपुर, बीकानेर, जोधपुर की सेनाएं इनके खिलाफ सक्रिय हो गयी वि॰सं॰1895 में झदवासा गावं के भैरव सिंह ...मेजर फार्स्तर के नेत्रत्व में अंग्रेज सेना व बीकानेर की सेना हरनाथ सिंह व जोधपुर की सेना मेहता विजय सिंह व ओनाड़ सिंह के नेत्रत्व में डूंगर सिंह को पकड़ने भ ...
    १० KB (२३ शब्द) - ०४:४२, १५ जून २०२०
  • ...sonal Staff) में सम्मिलित कर लिया। सम्वत 1952 (ई. स.1896) में महाराजा के संकेत पर मधुसूदन जी ने पोथीखाने में कार्य के लिए आवेदन किया और वो पोथीखाना में क ...र इन त्रैलोक्य का विवेचन, भारतवर्ष व हिंदुस्थान दोनों नामों का विवरण। आर्य-लोग भारत में बाहर से आए इस धारणा को भी युक्ति प्रमाण से निर्मूल सिद्ध किया गया। ...
    १२ KB (२० शब्द) - ११:११, २ सितम्बर २०२०
  • | title = जोधपुर के संस्थापक ...सक थे। इन्हें [[जोधपुर]] शहर की स्थापना के लिए जाना जाता है। इन्होंने ही [[जोधपुर]] का [[मेहरानगढ़|मेहरानगढ़ दुर्ग]] बनवाया था| ...
    १० KB (२०५ शब्द) - १२:२१, ११ जुलाई २०२१
  • ...टड़ा, खेड़, महेवा, सिवाणा, मेड़ता आदि के सरदार आवश्कतानुसार जोधपुर नरेश को केवल सैनिक सहायता दिया करते थे। परन्तु अन्य सब प्रकार से वे अपने-अपने अधिकृत प ...देव से, नागौर, सांभर, डीडवाना मुसलमानों से, अजमेर साँचोर चौहाणों से छीन कर जोधपुर(मारवाड़)राज्य में मिलाया। इस प्रकार राव मालदेव ने वि॰सं॰ 1600 तक अपने साम्र ...
    १४ KB (३८ शब्द) - १२:५५, १५ अगस्त २०२१
  • ...र्ड निर्माण में आपने अद्वितीय सेवा देकर बेहतर ढंग से कार्य सम्पन्न करवाया। जोधपुर प्रवास के दौरान प्रबुद्धजनों से सम्पर्क होने पर आपने अनुभव किया कि शिक्षा क ...में किराये के मकान में ‘जाट बोर्डिंग हाऊस की स्थापना की और प्रेरणा स्वरूप जोधपुर में अपना आवास होते हुए भी अपने 6 वर्षीय द्वितीय पुत्र लालसिंह को घर के सुख ...
    ११ KB (९६ शब्द) - ११:१८, २० मई २०२१
  • ...का प्रारंभ 1926 ई० में हुआ। पंद्रह वर्षों की अवधि में उदयपुर ([[मेवाड़]]), जोधपुर, बीकानेर, डूंगरपुर, बांसवाडा तथा प्रतापगढ़ के इतिहास प्रकाशित हुए। ''मध्यका # '''सोलंकियों का प्राचीन इतिहास''' (1907, नवीन संस्करण- राजस्थानी ग्रंथागार, जोधपुर से प्रकाशित) ...
    २२ KB (७३८ शब्द) - ०८:१३, १७ मार्च २०२१
  • ...निभाने के लिए जाना जाता है।<ref name="Dailyhunt"/>किकु ने इस शो से पहले भी लोगों के बीच अपनी जगह बना रखी थी. ...टीवी लाइन से कभी भी रिश्ता नहीं रहा हैं.किकु शारदा ने अपनी शुरूआती शिक्षा जोधपुर से ही ली और उसके बाद कॉमर्स में ग्रेजुएशन के लिए वो मुंबई चले गये. मुंबई मे ...
    ६ KB (३५२ शब्द) - १८:५४, १३ अगस्त २०२१
  • ...[राजस्थान]] जो [[भारत]] का एक राज्य है। इसके प्रमुख [[संगीत]] के क्षेत्र [[जोधपुर]] ,[[जयपुर]] ,[[जैसलमेर]] तथा [[उदयपुर]] इत्यादि माने जाते हैं। ऐसा ही संगी इनके अलावा विभिन्न जातियों के लोग अलग-अलग तरीक़ों से गायन करते हैं। [[सपेरा]] बीन बजाके [[साँप|सांप]] को नचात ...
    ५ KB (७२ शब्द) - १७:१४, १३ फ़रवरी २०२१
  • | birth_place = [[महामंदिर]], [[जोधपुर]] | constituency = [[सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र (राजस्थान)|सरदारपुरा]], [[जोधपुर]] ...
    २३ KB (२३६ शब्द) - २३:२९, २५ जून २०२१
  • ...ं अब आसानी से हाथी प्रवेश कर गया। यह कहा जाता है कि गोबर के हाथ का छापा (केशरिया रंग) वाला कुर्ता आज भी बोरावड़ के गढ़ में विद्यमान है। ...गलियां हथेली के चिपक गई, केवल अंगूठे ही खुले रहे। फिर आजीवन चतरा राम जी ने केवल सेवा कार्य को ही चुना।उनके अंगूठे खुले इसलिए रह गए थे कि वह नारियल की चिट ...
    १३ KB (३२ शब्द) - १०:४६, ६ मई २०२१
  • ...ें ''लेक्चर्स ऑन राजपूत हिस्टरी एंड कल्चर'' के रूप में प्रकाशित किया गिया। जोधपुर विश्वविद्यालय से सेवा निवृत्ति के पश्चात आपने [[राजस्थान प्राच्यविद्या प्रत ...ीन भारतीय इतिहास के विद्वान थे परन्तु उनका सर्वाधिक शोध कार्य राजपूतकाल पर केन्द्रित रहा<ref>शर्मा, डॉ॰ गिरिजाशंकर, पृष्ठ २४</ref>। १९५९ में प्रकाशित ''अ ...
    २९ KB (७१४ शब्द) - ०६:०८, १५ जून २०२०
  • ...95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%B8/177841 |title=आध्यात्मिक गुरु आसाराम बापू को केआरके ने कहा- `राक्षस` |author= |date=22 अगस्त 2013 |publisher=[[ज़ी न्यूज़]] ...के मामले में आसाराम को उम्रकैद की सजा का निर्णय लिया है। फ़िलहाल आसाराम [[जोधपुर]] [[कारागार|जेल]] की सलाखों के पीछे कैद हैं।<ref>{{cite web|url=http://www. ...
    ४३ KB (१,४६५ शब्द) - १८:०१, १६ जून २०२१
  • ...न, राजस्व व न्यायिक सभी तरह के अधिकार प्राप्त थे। ये जागीरदार किसानों से न केवल मनमाना लगान (पैदावार का आधा भग) वसूल करते थे बल्कि विभिन्न नामों से अनेक ...ा झोंपड़ियों में ही रहती थी। किसानों को शिक्षा का अधिकार नहीं था। जागीरदार लोग उन्हें परम्परागत धंधे करने पर ही बाध्य करते थे। कुल मिलाकर किसान की आर्थिक ...
    ३३ KB (५० शब्द) - १०:४५, ६ मई २०२१
  • ...पहले इसे '[[राजस्थान प्राच्यविद्या प्रतिष्ठान|प्राच्यविद्या प्रतिष्ठान]]' जोधपुर ने [[भट्ट मथुरानाथ शास्त्री]] की भूमिका सहित प्रकाशित किया था। ...त्री, राजस्थान पुरातन ग्रंथमाला भाग 30, राजस्थान प्राच्यविद्या प्रतिष्ठान, जोधपुर, 1959</ref> ...
    ३६ KB (७५९ शब्द) - १०:२६, ६ मई २०२१
  • ...भाग लेने शुरू कर दिया। उन्हें रामपुर, बीकानेर, ग्वालियर, कश्मीर, इंदौर और जोधपुर जैसे कई राज्यों के शासकों ने आमंत्रित किया था। उन्होंने देश के विभिन्न रेडि [[Category:1892 में जन्मे लोग]] ...
    ११ KB (३७८ शब्द) - ०३:२४, २ जनवरी २०२१
  • ..._-_Altay_shaman_with_drum.jpg|thumb|230px|[[साइबेरिया]] क्षेत्र की [[ख़कास लोग|ख़कास जाति]] की एक स्त्री ओझा की सन् १९०८ में ली गई तस्वीर]] अब पुष्करणा ओझाओं की ज्योतिष सेवा ( दान ) का संक्षिप्त परिचय यह है कि ये लोग अपनी परम्परा के अनुसार ब्रह्मसिद्धान्त पर पञ्चाङ्ग निर्माण कर जन सेवा करते ...
    १६ KB (३१३ शब्द) - २०:२८, १ जून २०२१
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