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इस विकि पर "ज्योतिष के तकनीकी आयाम" नाम का पृष्ठ बनाएँ! खोज परिणाम भी देखें।
- ...सर्वाधिक प्रभावशाली समझा जाता है। यदि [[मंगल (ज्योतिष)|मंगल]] और [[शुक्र (ज्योतिष)|शुक्र]] के बीच ९२° की कोणीय दूरी है तो वह पूर्ण पक्ष से २° कम मानी जाती है [[श्रेणी:ज्योतिष पक्ष|*]] ...२ KB (३६ शब्द) - ०८:१०, ६ मार्च २०२०
- [[भारतीय ज्योतिष]] में, '''लग्न''' उस क्षण को कहते हैं जिस क्षण [[आत्मा]] धरती पर अपनी नयी द ज्योतिष में लग्न [[कुंडली]] का बड़ा महत्व है। व्यक्ति के जन्म के समय आकाश में जो रा ...४ KB (१२ शब्द) - २१:१०, १८ अगस्त २०२१
- '''राशियाँ''' [[राशिचक्र]] के उन बारह बराबर भागों को कहा जाता है जिन पर [[ज्योतिषी]] आधारित है। हर राशि [[सूर्य|सूरज]] के [[सूर्यपथ|क्रांतिवृत्त]] (ऍक्लिप्टि इन बारह तारा समूह ज्योतिष के हिसाब से महत्वपूर्ण हैं। यदि पृथ्वी, सूरज के केन्द्र और पृथ्वी की परिक्रमा के तल को चारो तरफ ब्रम्हाण्ड में फैलायें, तो यह ...४ KB (१४ शब्द) - १२:१६, ७ जून २०२१
- [[श्रेणी:ज्योतिष]] [[श्रेणी:ज्योतिष के तकनीकी आयाम]] ...४ KB (३ शब्द) - १८:४२, १ मार्च २०१७
- [[श्रेणी:ज्योतिष के तकनीकी आयाम]] ...४ KB (५६ शब्द) - २०:३४, २९ जुलाई २०२०
- |publisher = डायमंड पॉकेट बुक्स |quote = प्रारंभ के ज्योतिष विस्तृत विवरण के साथ आकाशीय पिण्डों की चाल का अध्ययन करने में सक्षम हो चुके ...१४ KB (२१४ शब्द) - ०७:४६, ६ अगस्त २०२१