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- [[चित्र:Acute-bronchitis.jpg|right|thumb|250px|तीव्र ब्रोंकाइटिस से ग्रस्त रोगी के फेफड़े की दशा]] ...lammation) को '''श्वसनीशोथ''' या '''ब्रोंकाइटिस''' (Bronchitis) कहते है। [[श्वास नलिका|श्वासनली]] (Trachea) से फेफड़ों में वायु ले जाने वाली नलियों को [[श्व ...१२ KB (१११ शब्द) - ०६:१२, १२ जून २०२१
- ...ोमांतिका या [[खसरा]], एक [[विषाणु|वाइरस]] (virus) का एवं अत्यंत [[संक्रामक रोग]] है, जिसमें सर्दी, जुकाम, बुखार, शरीर पर दाने एवं मुँह के भीतर सफेद दाने ह ...ं होता तथा चार पाँच वर्ष तक के बच्चों को अधिक होता है। गर्भवती नारी में यह रोग [[गर्भपात]] का कारण बन सकता है। इसका प्रकोप प्रत्येक दो या चार वर्ष पर होता ...७ KB (१७ शब्द) - १५:२८, ५ मार्च २०२०
- ...गों में स्वयंसीमित सर्दी-जुकाम से लेकर [[जीवाणुजन्य न्यूमोनिया]] जैसे घातक रोग हैं। ...ा]] एवं ब्रोंकोन्यूमोनिया, फुफ्फुस-विद्रधि, [[यक्ष्मा]], फुफ्फुसों के फंगस रोग। ...१० KB (४३ शब्द) - १४:३९, २२ फ़रवरी २०२१
- 4.असामान्य रूप से तेजी से श्वास लेना। सिलिकोसिस वाले रोगियों को विशेष रूप से क्षयरोग (टीबी) के संक्रमण के लिए अतिसंवेदनशील होते हैं- ...११ KB (१५० शब्द) - ०७:०८, १५ जून २०२०
- ...चल नहीं सकता"। संसार के जिन क्षेत्रों में [[चावल]] मुख्य आहार है, उनमें यह रोग विशेष रूप से पाया जाता है। इस रोग की विशेषताएँ हैं : ...१२ KB (१११ शब्द) - ०६:१६, १८ फ़रवरी २०२१
- रोगों की इस सूची में रोगों के मुख्य वर्ग शामिल हैं। == पाचनतंत्र के रोग - (Digestive System) == ...१८ KB (७०९ शब्द) - ०९:०१, १३ मई २०२१
- ...ी है। यह रोग प्राय: [[महामारी]] के रूप में फैलता है। बीच-बीच में जहाँ-तहाँ रोग होता रहता है। ...ार होते हैं और इनका व्यास 100 म्यू के लगभग होता है (1 म्यू थ्र् मिलीमीटर)। रोग की उग्रावस्था में श्वसनतंत्र के सब भागों में यह वायरस उपस्थित पाया जाता हे। ...१५ KB (३७४ शब्द) - ०९:०३, २६ अगस्त २०२१
- रोगों की इस सूची में रोगों के मुख्य वर्ग शामिल हैं। * [[त्वचा रोगों की सूची]] ...२० KB (८४६ शब्द) - १९:३४, ६ जुलाई २०२१
- == कान के रोग == ...सूक्ष्म विद्रधियाँ बन जाती हैं, अथवा एक बड़ी विद्रधि बन सकती है। पीड़ा इस रोग का मुख्य लक्षण होता है। विद्रधि के फूटने पर कान से पूय निकलने लगती है, जिसक ...२४ KB (३२९ शब्द) - १०:२१, १६ जून २०२०
- ...हो तो कोई इन्फेक्शन या लू लगना हो सकता है। कुछ लोग नाडी महसूस कर सकते हैं। श्वास की चाल और गहराई पर भी गौर किया जाता है। चोट या खून बहने के लक्षणों को ढूंढन ...य नींद से व्यक्ति को पूरी तरह जगाया जा सकता है। शरीर का रंग, तापमान, नाडी, श्वास सभी सामान्य रहते हैं। ...१४ KB (२२ शब्द) - १८:१२, ३ जून २०१७
- ...्मा के उत्पादन के स्थान पर [[ऊष्मा]] का ह्रास तेजी से होने लगता है। कई बार रोग के कारण शरीर का तापमान प्रभावित होता है। ऐसे में शरीर का कोर तापमान किसी भी ...है। इस स्थिति में कंपकंपाहट तेज हो जाती है। रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं। रोगी पीला पड़ जाता है और उंगलियां, होंठ और कान नीले पड़ जाते हैं। जब शरीर का ता ...१६ KB (२८९ शब्द) - ०२:४३, १६ जून २०२०
- ..., जो पास्चुरेला पेस्टिस नामक [[जीवाणु]] द्वारा उत्पन्न होता है। आदमी को यह रोग प्रत्यक्ष संसर्ग अथवा पिस्सू के दंश से लगता है। यह तीव्र गति से बढ़ता है, ब ...ांगकांग में इसने सिर उठाया और जापान, भारत, तुर्की होते हुए सन् 1896 में यह रोग रूस जा पहुँचा, सन् 1898 में अरब, फारस, ऑस्ट्रिया, अफ्रीका, दक्षिणी अमरीका औ ...१८ KB (३४ शब्द) - ०९:१९, २८ अप्रैल २०२१
- ...त्र]] का वह विभाग है जो [[मानव का पोषण नाल|पाचन तंत्र]] तथा उससे सम्बन्धित रोगों पर केंद्रित है। इस शब्द की उत्पत्ति प्राचीन ग्रीक शब्द gastros (उदर), ent ...imentary canal) से सम्बन्धित मुख से [[गुदा]]द्वार तक के सारे अंगों और उनके रोगों पर केन्द्रित है। इससे सम्बन्धित चिकित्सक जठरांत्ररोगविज्ञानी (gastroenter ...२३ KB (११० शब्द) - ०२:२१, ४ मार्च २०२०
- ...थान सर्वोच्च है। इसमें पाये जाने वाले स्वर्ण, रजत आदि का निर्माण तथा विविध रोगों को दूर करने के लिये उत्तमोत्तम रस तथा कल्प अपनी सादृश्यता नहीं रखते। यह ग ...चतुर्थ अध्याय में''' - वैक्रान्तादि रत्नों के भेद, नाम, शोधन, मारण मुण एवं रोगानुसार प्रयोग का वर्णन है। ...१४ KB (३१६ शब्द) - १८:३२, १५ जून २०२०
- - उभर्ते रोग़ाणु और रोग़ाणुवाहक - प्रतिश्याइ और श्वास सम्बन्धि कोशिकाएँ ...१६ KB (३१४ शब्द) - ०३:३९, १३ अक्टूबर २०२०
- ...तथा सुबह मसल कर निचोडें तथा इस रस में थोड़ी शक्कर मिलाकर पीना चाहिए। गठिया रोग में अंगूर का सेवन करना चाहिए। इसका सेवन बहुत लाभप्रद है क्योंकि यह शरीर में ...िक सेवन से हृदय रोग,उच्च रक्तचाप, आर्टियल फाईब्रिलेशन, स्ट्रोक और [[कर्कट रोग|कैंसर]] का खतरा बढ़ जाता है। <ref>[http://annonc.oxfordjournals.org/content ...१४ KB (३३० शब्द) - १७:३९, ३ जनवरी २०२२
- ..., आनुवांशिकी का मिश्रण है। हालांकि मात्र आनुवांशिक, चिकित्सकीय या [[मानसिक रोग]] के कारण बहुत ही कम संख्या में लोग मोटे पाये जाते हैं। ...ूलने की समस्या का होना मोटापे का लक्षण है जो कई कारणों से हो सकता है और कई रोगों का कारण बनता है।<ref name=":0" /> ...१८ KB (४६७ शब्द) - २१:१२, ४ जुलाई २०२१
- ...यों में काम आती है। इसका उपयोग सर्दी-जुकाम, खॉसी, दंत रोग और श्वास सम्बंधी रोग के लिए बहुत ही फायदेमंद माना जाता है।<ref>{{Cite web |url=http://www.punjab ...१४ KB (३०१ शब्द) - १५:११, २८ अप्रैल २०२१
- ...पर लगाया जाता है, जबकि शरीर के निचले भागों अर्थात् नाभि से नीचे विद्यमान रोगों में चुम्बकों को तलवों में लगाया जाता है। ...गग्रस्त होते हैं, जैसे- घुटना और पैर, दर्दनाक कशेरुका, आँख, नाक आदि। इनमें रोग की तीव्रता तथा रूप के अनुसार एक, दो और यहाँ तक कि तीन चुम्बकों का प्रयोग भी ...३१ KB (१८७ शब्द) - ०२:०६, १५ जून २०२०
- ...जाना चाहिए क्योंकि ऐसे मामलों में वायुमार्ग में बाधा उत्पन्न हो सकती है और रोगी का दम घुट सकता है। जब वाहिकशोफ़ का कारण एलर्जी हो, तब एपिनेफ्रीन जीवन रक्ष ...के सभी रूपों में पाचन नाल और अन्य अंगों में भी सूजन आ सकती है। अगर यह सूजन श्वास नली तक पहुंच जाये तो दम घुटने के कारण प्राणघातक भी हो सकती है। ...३० KB (३०४ शब्द) - २१:१९, १५ जून २०२०