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पृष्ठ शीर्षक मिलान

  • ...त्र|दर्शन]] है। इसकी स्थापना करने वाले मूल व्यक्ति [[कपिल]] कहे जाते हैं। 'सांख्य' का शाब्दिक अर्थ है - 'संख्या सम्बंधी' या विश्लेषण। इसकी सबसे प्रमुख धारणा ...सांख्य दर्शन के विचारों का बड़े काव्यमय और रोचक ढंग से उल्लेख किया गया है। सांख्य दर्शन का प्रभाव [[श्रीमद्भगवद्गीता|गीता]] में प्रतिपादित दार्शनिक पृष्ठभूमि ...
    ४२ KB (३६४ शब्द) - २३:३५, ४ मई २०२१

पृष्ठ के टेक्स्ट में मिलान

  • [[सांख्य दर्शन|सांख्य]] के अनुसार २५ तत्त्व हैं और [[शैव दर्शन]] के अनुसार ३६। '''[[सांख्य दर्शन|सांख्य]]''' में २५ तत्त्व माने गए हैं—पुरुष, प्रकृति, महत्तत्व (बुद्धि), अहंकार, च ...
    ४ KB (१६ शब्द) - ०५:०७, ३ मार्च २०२०
  • === पाइथागोरस और सांख्य === ...
    ३ KB (४ शब्द) - १०:४३, १४ मार्च २०२०
  • * [[सांख्य दर्शन]] ...
    २ KB (९ शब्द) - १८:०२, ९ फ़रवरी २०१३
  • '''सांख्यकारिका''' [[सांख्य दर्शन|सांख्य]] [[दर्शनशास्त्र|दर्शन]] का सबसे पुराना उपलब्ध ग्रन्थ है। इसके रचयिता [[ईश् ...री को, आसुरी से पंचाशिका को और पंचाशिका से उनको प्राप्त हुई। इसमें उन्होने सांख्य दर्शन की 'षष्टितंत्र' नामक कृति का भी उल्लेख किया है। सांख्यकारिका में ७२ श ...
    १७ KB (२१८ शब्द) - १२:३०, १२ जुलाई २०२१
  • * [[सांख्य दर्शन]] में 'ईश्वर' का कोई स्थान नहीं दिया है। इसमें 'प्रकृति' और 'पुरुष' क ...
    २ KB (६७ शब्द) - १९:३६, २० मई २०२१
  • * ११ से १५ - राम का हनुमान को [[सांख्य दर्शन|सांख्य]] योग, [[भक्ति योग|भक्ति]] और [[उपनिषद्|उपनिषद]] का ज्ञान देना। ...
    ६ KB (२४ शब्द) - १६:४४, ४ मई २०२१
  • ...त्र|दर्शन]] है। इसकी स्थापना करने वाले मूल व्यक्ति [[कपिल]] कहे जाते हैं। 'सांख्य' का शाब्दिक अर्थ है - 'संख्या सम्बंधी' या विश्लेषण। इसकी सबसे प्रमुख धारणा ...सांख्य दर्शन के विचारों का बड़े काव्यमय और रोचक ढंग से उल्लेख किया गया है। सांख्य दर्शन का प्रभाव [[श्रीमद्भगवद्गीता|गीता]] में प्रतिपादित दार्शनिक पृष्ठभूमि ...
    ४२ KB (३६४ शब्द) - २३:३५, ४ मई २०२१
  • ...्मांड]] की संरचना और संचालन "आकस्मिकता" तथा "अकारणत्व" को कारण माना गया। [[सांख्य दर्शन]] में सूक्ष्म, अज्ञात और आकस्मिक तत्व को कार्य का प्रेरक बताया गया। [ ...
    ४ KB (३ शब्द) - १७:०५, १ मार्च २०१७
  • ...वीकार की गई है। ईश्वर प्रकृति को सृष्टिरचना में नियोजित करता है। इस प्रकार सांख्य साध्यवाद और योग बाह्य साध्यवाद का समर्थन करता है। न्याय जैसे ईश्वरवादी दर्श ...
    १२ KB (९ शब्द) - ००:१६, ६ जून २०२१
  • === सांख्य दर्शन === हालाँकि सांख्य और योग दोनों पूरक दर्शन हैं किन्तु योगदर्शन ईश्वर की सत्ता स्वीकार करता है। ...
    २२ KB (१२४ शब्द) - २०:११, २२ जुलाई २०२१
  • ...r />'''मध्यकालीन:''' केन (1–3), बृहदारण्यक (IV 8–21), कठ, मांडूक्य<br />'''सांख्य एवं योग पर अधारित:''' मैत्री, श्वेताश्वतर ...r />'''मध्यकालीन:''' केन (1–3), बृहदारण्यक (IV 8–21), कठ, मांडूक्य<br />'''सांख्य एवं योग पर अधारित:''' मैत्री, श्वेताश्वतर ...
    १६ KB (५७९ शब्द) - ०७:४८, १५ जून २०२०
  • ...शन]] के अनुसार दुःख का आत्यंतिक नाश ही मुक्ति या मोक्ष है । [[सांख्य दर्शन|सांख्य]] के मत से तीनों प्रकार के तापों का समूल नाश ही मुक्ति या मोक्ष है । [[वेदा == सांख्य दर्शन == ...
    ३० KB (४३ शब्द) - २२:१३, २५ अप्रैल २०२१
  • ...् और अचित् दो पदार्थ माने, [[रामानुज]] ने उनमें एक 'ईश्वर' और जोड़ दिया। [[सांख्य दर्शन|सांख्यदर्शन]] में 25 तत्त्व हैं और [[मीमांसा दर्शन|मीमांसकों]] ने 8 त ...
    ९ KB (५८ शब्द) - २३:५५, १५ अगस्त २०२१
  • ...r />'''मध्यकालीन:''' केन (1–3), बृहदारण्यक (IV 8–21), कठ, मांडूक्य<br />'''सांख्य एवं योग पर अधारित:''' मैत्री, श्वेताश्वतर ...ूपण की व्याख्या में शंकराचार्य ने अपने भाष्य में विनाशवाद, शून्यवाद, न्याय सांख्य एवं लौकायितकों का यथास्थान विशद खंडन किया है। ...
    १४ KB (२९१ शब्द) - २३:३२, ६ जून २०२१
  • ...मुनि के रूप में भगवान् का अवतार हुआ जिन्होंने अपनी माता को [[सांख्य दर्शन|सांख्य शास्त्र]] का उपदेश दिया। ...
    १६ KB (४८ शब्द) - १६:२६, २० अगस्त २०२१
  • :१४. सांख्य दर्शन ...
    ८ KB (१३८ शब्द) - १३:३८, १० मार्च २०२१
  • | '''[[सांख्य]]दर्शन के भाष्य''' || [[वाचस्पति मिश्र]] कृत [[सांख्यतत्त्वकौमुदी]], [[विज् ...
    ९ KB (१६१ शब्द) - २१:३३, १२ अगस्त २०२१
  • ...मारा नज़रिया दर्शन होता है। भारत में कुल ६ दर्शन हैं- [[महर्षि कपिल]] का [[सांख्य दर्शन]], [[महर्षि पतंजलि]] का [[योग दर्शन]], [[गौतम ऋषि]] का [[न्याय दर्शन] ...
    ८ KB (८ शब्द) - १६:००, ३० मई २०२१
  • ...r />'''मध्यकालीन:''' केन (1–3), बृहदारण्यक (IV 8–21), कठ, मांडूक्य<br />'''सांख्य एवं योग पर अधारित:''' मैत्री, श्वेताश्वतर ...
    ८ KB (२८८ शब्द) - १३:२६, १८ सितम्बर २०२०
  • ...r />'''मध्यकालीन:''' केन (1–3), बृहदारण्यक (IV 8–21), कठ, मांडूक्य<br />'''सांख्य एवं योग पर अधारित:''' मैत्री, श्वेताश्वतर ...
    ८ KB (२८८ शब्द) - ०८:०४, १५ जून २०२०
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