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  • ...्रकार, संपादक और स्वतंत्रता आंदोलनकारी हैं।<ref>भारत की पहली महिला आदिवासी संपादक - सुशीला सामद | https://www.facebook.com/AdivasiLiterature/photos/a.159734 ...ooks?id=AxvOtTEIsTEC& |date=3 अक्तूबर 2018 }}</ref> और सामाजिक-सांस्कृतिक, साहित्यिक दायित्वों का निर्वाह भी सुसंगठित तरीके से किया। इनके दो काव्य संग्रह प्रकाश ...
    ४ KB (८५ शब्द) - ०१:२४, १६ जून २०२०
  • ...-status=dead }}</ref> और हिन्दी मासिक पत्रिका [[समकालीन सरोकार]] के प्रधान संपादक हैं। [[श्रेणी:हिंदी साहित्यिक पत्रिका संपादक]] ...
    ४ KB (१४२ शब्द) - १५:५९, २६ जुलाई २०२१
  • [[श्रेणी:हिंदी साहित्यिक पत्रिका संपादक]] ...
    २ KB (१९१ शब्द) - ०३:१३, २७ सितम्बर २०२०
  • ...े थे और वह साहित्य अकादमी की साहित्यिक पत्रिका ‘समकालीन भारतीय साहित्य’ के संपादक रहे। ...
    ४ KB (८१ शब्द) - १०:३२, ८ अगस्त २०२१
  • ...बिष्ट ‘समयांतर' पत्रिका का सम्पादन कर रहे हैं।|publisher=भारत-दर्शन हिन्दी साहित्यिक पत्रिका|accessdate=17 नवम्बर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/2 ...िया तथा भारत सरकार के प्रकाशन विभाग की [[आजकल]] नामक हिन्दी पत्रिका के साथ संपादक के तौर पर कार्य किया। तदुपरान्त सन् 1998 में भारत सरकार के प्रकाशन विभाग से ...
    ८ KB (१५८ शब्द) - १०:०६, ६ मई २०२१
  • ...रतीय भाषा परिषद, कोलकाता|भारतीय भाषा परिषद]] के निदेशक एवं '[[वागर्थ]]' के संपादक पद पर कार्य करने के साथ-साथ वे [[भारतीय ज्ञानपीठ]] नई दिल्ली के निदेशक पद प ...क रहे हैं। [[भारतीय ज्ञानपीठ]] की पत्रिका ‘नया ज्ञानोदय’ के वे लंबे समय तक संपादक रहे हैं। ...
    ११ KB (२३६ शब्द) - १०:५०, १५ जून २०२०
  • ...वामी]] के वंशज थे।<ref>1.'उत्तर भारतीय आन्ध्र-तैलंग-भट्ट-वंशवृक्ष' (भाग-2) संपादक स्व. पोतकूर्ची कंठमणि शास्त्री और करंजी गोकुलानंद तैलंग द्वारा 'शुद्धाद्वैत == साहित्यिक अवदान == ...
    १७ KB (२०५ शब्द) - ०१:०९, १५ जून २०२०
  • ...नात्मक प्रतिभा का विकास हुआ।<ref>ऊर्विजा (अनियतकालिक पत्रिका), जनवरी १९९३, संपादक :[[रवीन्द्र प्रभात]], लेख: दस्तावेज़, लेखक : डॉ सतीश कुमार राय, पृष्ठ २७</r ...खंड-४, कवि संख्या ३९७०, पृष्ठ : ४४७</ref> जबकि [[श्यामसुन्दर दास]] ने इनकी साहित्यिक जीवनी प्रकाशित की हैं।<ref>हिन्दी कोविद रत्नमाला, भाग-२ में संकलित</ref> आच ...
    १५ KB (६६ शब्द) - १५:०१, ९ दिसम्बर २०१९
  • ...ं उत्तीर्ण हुए। हालाँकि गणित विषय में वे कमजोर थे।<ref>कासी पर '''कहन''', संपादक- मनीष दुबे, मीरा पब्लिकेशंस, न्याय मार्ग, इलाहाबाद, संस्करण-2000, पृष्ठ-48 काशीनाथ सिंह साहित्यिक व्यक्तित्वों के जीवन से सम्बद्ध संस्मरण-लेखन की अपनी अनूठी शैली के लिए भी ज ...
    १३ KB (१४३ शब्द) - ०१:१२, १४ सितम्बर २०२०
  • ...एवं उपन्यासकार तथा प्रख्यात सम्पादक थे। विशेषत: 'कहानी' एवं 'नयी कहानियाँ' पत्रिकाओं के संपादन द्वारा उन्होंने हिन्दी पत्रकारिता के इतिहास में एक मानदंड भी का ...े सक्रिय कार्यकर्ता थे। इलाहाबाद और उन साथियों के बीच भैरव प्रसाद गुप्त की साहित्यिक और राजनीतिक अभिरुचियों का विकास हुआ।<ref>भैरव प्रसाद गुप्त (विनिबंध), मधुरे ...
    १९ KB (१६३ शब्द) - १७:१३, २२ अप्रैल २०२१
  • ...धारण में उनकी अनवरत संघर्षपूर्ण जीवन यात्रा की अहम भूमिका है।<ref>सम्बोधन (साहित्यिक त्रैमासिक पत्रिका), जनवरी-मार्च 2014, अतिथि सम्पादक-कृष्ण कुमार, सं०- कमर म ...निजी और सामूहिक स्तर पर विरोध कर रही है।<ref>बलराज पांडेय, '''सम्बोधन''' (साहित्यिक त्रैमासिक पत्रिका), जनवरी-मार्च 2014, अतिथि सम्पादक-कृष्ण कुमार, सं०- कमर म ...
    १९ KB (३९७ शब्द) - १२:५९, ६ सितम्बर २०२०
  • ..., "कविता कहीं है यह", माँ बापू कब आएंगे", "रामजी भली करें" के लेखक. कवि और साहित्यिक अनुवादक ...ितम्बर १९४७, रायबरेली, उ.प्र.), कविता पत्रिका 'नये-पुराने' (अनियतकालीन) के संपादक, पूर्वाभास', 'समर करते हुए', 'टेढ़े-मेढ़े ढाई आखर', 'मैं फिर से गाऊँगा' [[न ...
    १२ KB (१२६ शब्द) - ०१:२८, ९ अगस्त २०२१
  • ...[[आदिवासी]]-[[देशज]] समाचार पत्र पाक्षिक ‘[[जोहार दिसुम खबर]]’ के प्रकाशक-संपादक हैं। ...आदिवासी जीवन, समाज, भाषा-संस्कृति, इतिहास और पर्यावरण पर थियेटर, फिल्म और साहित्यिक माध्यमों में विशेष कार्य। नब्बे के शुरुआती दशक में जन संस्कृति मंच एवं [[उल ...
    १० KB (४२३ शब्द) - ०६:४३, १६ जून २०२०
  • ...वेच्छा से सेवामुक्त हुए। बाद उसके तीन वर्ष मधुबन एजुकेशनल बुक्स में प्रबंध संपादक रहे। फिर भारती भवन में सलाहकार बने| इन्द्रचंद शास्त्री से 1971 में पहला वेत अब तक कई साहित्यिक पुरस्कार पाने का गौरव हासिल हो चुका है : ...
    १२ KB (२० शब्द) - १९:०६, १९ जून २०२१
  • ...[इन्दौर|इंदौर]] से निकलनेवाली "वीणा" नामक मासिक पत्रिका में इन्होंने सहायक संपादक का काम भी कुछ दिनों तक किया था। वहाँ से हटने पर "विक्रम" नामक मासिक पत्र इन ...
    ९ KB (१२ शब्द) - १८:१५, १५ अगस्त २०२१
  • ...विधाओं से जुड़े हुए हैं। मुद्रित पत्रिकाओं के साथ-साथ वे [[वेब पत्रिका|वेब पत्रिकाओं]] में भी सक्रिय रूप से प्रकाशित हते रहे हैं। इतिहास तथा राजनीति विज्ञान म === पत्रिकाओं में प्रकाशन === ...
    १३ KB (७६० शब्द) - १४:३३, २३ जून २०२१
  • ...त्य की दार्शनिक अवधारणा प्रस्तुत करते हुए उनकी स्थापना है कि आदिवासियों की साहित्यिक परंपरा औपनिवेशिक और ब्राह्मणवादी शब्दावलियों और विचारों से बिल्कुल भिन्न है ...त्र-पत्रिकाओं की शुरुआत हुई, तो लुआठी, सेड़ा सेतेंग, तारदी आदि पुरानी पत्र-पत्रिकाओं के विस्तार में व्यापकता आई। ...
    ३८ KB (४९३ शब्द) - ११:०१, ६ मई २०२१
  • शंकर नाटकों में गहरी रुचि ले लिया है, स्काउटिंग, साहित्यिक आदि गतिविधियों. उन्होंने बाढ़ राहत कोष की ओर संग्रह के लिए आश्चर्यजनक अच्छा ...बॉम्बे क्रॉनिकल में प्रकाशित किए गए थे। Pothen यूसुफ, हिंदुस्तान टाइम्स के संपादक उसे एक कर्मचारी कार्टूनिस्ट के रूप में दिल्ली से लाया, 1932 में और के रूप म ...
    १७ KB (७९ शब्द) - ११:३२, १६ जून २०२०
  • ...त को आलोकित किया है।<ref>'उत्तर भारतीय आन्ध्र-तैलंग-भट्ट-वंशवृक्ष' (भाग-2) संपादक स्व. पोतकूर्ची कंठमणि शास्त्री और करंजी गोकुलानंद तैलंग द्वारा 'शुद्धाद्वैत == साहित्यिक-अवदान == ...
    ३६ KB (७५९ शब्द) - १०:२६, ६ मई २०२१
  • ...प्रशिक्षण भी प्राप्त किया। उद्भ्रांत ने कानपुर के दैनिक ‘आज’ में वरिष्ठ उप संपादक के रूप में वर्ष 1975 से 1978 तक कार्य किया। श्रम विभाग में वर्ष 1978 में कु ...विशेषांक है। इनकी रचना ‘लेकिन यह गीत नहीं’ को हिंदी अकादमी दिल्ली् द्वारा ‘साहित्यिक कृति सम्मान’ दिया गया। ‘स्वपयंप्रभा’ पर उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान ने ‘जयशं ...
    २५ KB (१८८ शब्द) - २३:५६, ८ नवम्बर २०२२
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