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इस विकि पर "पाचन रोग" नाम का पृष्ठ बनाएँ! खोज परिणाम भी देखें।
- ...ा ट्यूमर इत्यादि. अत्यधिक उल्टी से शरीर में [[जल]] की कमी जाती है; कभी कभी रोगी को शिराओं के माध्यम से जलीय घोल देना पड़ता है। [[श्रेणी:रोग]] ...२ KB (५१ शब्द) - ०८:२७, १६ जून २०२०
- ...ों के द्वारा [[जठराम्ल]] ([[हाइड्रोक्लोरिक अम्ल]]) का स्राव किया जाता है [[पाचन]] के लिए आवश्यक है। आधुनिक विज्ञान के अनुसार [[आमाशय (पेट)|आमाशय]] में पाचन क्रिया के लिए हाइड्रोक्लोरिक अम्ल तथा पेप्सिन का स्रवण होता है। सामान्य तौर ...६ KB (९२ शब्द) - २१:२३, १८ अगस्त २०२१
- ...हाँ तक कि [[अंधत्व]] भी कुपोषण के ही दुष्परिणाम हैं। इसके अलावा ऐसे पचासों रोग हैं जिनका कारण अपर्याप्त या असन्तुलित भोजन होता है। 9. नींद तथा पाचन क्रिया का गड़बड़ होना। ...७ KB (११ शब्द) - १३:२७, १ जुलाई २०२१
- ...संचय अधिक होकर शोथ बढ़ जाता है। शरीर के फूले रहने पर भी ऐल्बूमिन की कमी से रोगी में बल की कमी हो जाती है। ...्व|विशिष्ट घनत्व]] बढ़ जाता है। रोगी को विशेष आलस्य का अनुभव होता है तथा [[पाचन]] क्रिया में विकार उत्पन्न हो जाता है, परंतु इसके कारण [[रक्तचाप]] में कोई ...८ KB (४१ शब्द) - ००:०७, १६ जून २०२०
- ...ेचिश''' (Dysentery) या '''प्रवाहिका''', [[मानव का पोषण नाल|पाचन तंत्र]] का रोग है जिसमें गम्भीर [[अतिसार]] (डायरिया) की शिकायत होती है और [[मल]] में [[रक् ...ाँ इस रोग के प्रसार में अत्यधिक सहायक होती हैं। पेचिश के मुख्य लक्षणों में रोगी को तीव्र स्वरूप के उदरशूल के साथ अतिसार होता है तथा गुदा के पास के भाग में ...१३ KB (४१ शब्द) - १५:४५, २९ जून २०२१
- ...म से पलायन करने वाले एक मलेरिया स्पोरोज़ोइट को दिखाने वाले इलेक्ट्रॉन माइक्रोग्राफ | field = संक्रामक रोग ...१३ KB (१०४ शब्द) - ११:०५, ३ जून २०२१
- ...चल नहीं सकता"। संसार के जिन क्षेत्रों में [[चावल]] मुख्य आहार है, उनमें यह रोग विशेष रूप से पाया जाता है। इस रोग की विशेषताएँ हैं : ...१२ KB (१११ शब्द) - ०६:१६, १८ फ़रवरी २०२१
- '''कब्ज''' [[मानव का पोषण नाल|पाचन तंत्र]] की उस स्थिति को कहते हैं जिसमें कोई व्यक्ति (या जानवर) का [[मल]] बह ...ुत पीड़ा होती होती है ,किसी को केवल गैस की समस्या होती है. किसी को खाने का पाचन ठीक से नहीं हो पाता है। और आजकल कब्ज की समस्याओ से बच्चे और युवा पीढ़ी दोनो ...१९ KB (१३३ शब्द) - २२:२१, ६ जुलाई २०२१
- ...caria/अर्टिकरिया) [[त्वचा]] में होने वाले एक प्रकार के चकत्ते होते हैं। इस रोग के कारण त्वचा पर सुर्ख लाल रंग के उभरे हुए दाने हो जाते हैं जिनमे लगातार खु ...खाद्य पदार्थों और बाजार में बिकने वाले फास्ट फूट व चाइनीज खाना खाने से इस रोग के होने का ख़तरा रहता है।<ref name=dxl57>{{cite web |title=विहित सूचना डेक् ...१३ KB (२९४ शब्द) - १७:२१, १८ फ़रवरी २०२१
- ...जा (गर्मी और काम करने की शक्ति) [[आमाशय (पेट)|आमाशय]] और आंत्र में आहार के पाचन तथा उपचयन (ऑक्सिटाइज़ेशन) से उत्पन्न होती है; शरीर में ऊर्जा का कोई गुप्त भ ...न में किया गया है। कुछ से केवल सेंकने का काम लिया जाता है, कुछ से त्वचा के रोग अच्छे होते हैं, कुछ उचित मात्रा में दी जाने पर शरीर के भीतर घुसकर अवांछनीय ...९ KB (८७ शब्द) - ०१:५५, १५ जून २०२०
- ...है। इसी प्रकार, मनुष्य जो भोजन करता है, उसका [[पाचन]] किस प्रकार होता है, पाचन के अन्त में उसका आंतों की भित्तियों से अवशोषण किस प्रकार होता है, आदि। फ़िज़ियॉलोजी का अधिकांश ज्ञान दैनिक जीवन और रोगियों के अध्ययन से उपलब्ध हुआ है, परंतु कुछ ज्ञान प्राणियों पर किए गए प्रयोगो ...३२ KB (२७६ शब्द) - ०२:२७, २८ जनवरी २०२१
- === स्वास्थ्य और रोग === ...यां, लकवा, मिर्गी, मुहांसे, अनिद्रा, दाद, आधाशीशी, चेचक, और मलेरिया आदि के रोग बहुत जल्दी आक्रमण करते हैं। ...१३ KB (३५ शब्द) - १६:३७, १ अक्टूबर २०२०
- ...त्र]] का वह विभाग है जो [[मानव का पोषण नाल|पाचन तंत्र]] तथा उससे सम्बन्धित रोगों पर केंद्रित है। इस शब्द की उत्पत्ति प्राचीन ग्रीक शब्द gastros (उदर), ent ...imentary canal) से सम्बन्धित मुख से [[गुदा]]द्वार तक के सारे अंगों और उनके रोगों पर केन्द्रित है। इससे सम्बन्धित चिकित्सक जठरांत्ररोगविज्ञानी (gastroenter ...२३ KB (११० शब्द) - ०२:२१, ४ मार्च २०२०
- ...यकृतवाहिनी और पित्ताशय वाहिनी द्वारा प्रविष्ट होता है। जब उदर और आँतों में पाचन होता रहता है, तब पिताशय संकुचित होता है, जिससे सांद्रित पित्तग्रहणी (duoden रक्त में पित्तारूण (bilirubin) के आधिक्य से यह रोग होता है, जो नेत्र श्लेष्मला (conjuncttiva) और त्वचा के पीलेपन से प्रकट होता ...२२ KB (७४ शब्द) - ०९:०१, ७ मार्च २०२०
- ...तथा सुबह मसल कर निचोडें तथा इस रस में थोड़ी शक्कर मिलाकर पीना चाहिए। गठिया रोग में अंगूर का सेवन करना चाहिए। इसका सेवन बहुत लाभप्रद है क्योंकि यह शरीर में ...िक सेवन से हृदय रोग,उच्च रक्तचाप, आर्टियल फाईब्रिलेशन, स्ट्रोक और [[कर्कट रोग|कैंसर]] का खतरा बढ़ जाता है। <ref>[http://annonc.oxfordjournals.org/content ...१४ KB (३३० शब्द) - १७:३९, ३ जनवरी २०२२
- ...] आदि। इन व्रणों की चिकित्सा करते समय स्थानिक चिकित्सा के अतिरिक्त विशिष्ट रोग की चिकित्सा भी करनी होती है। # पाचन (inducing suppuration), ...१३ KB (३४० शब्द) - ०४:४२, ६ अगस्त २०२०
- ...से महत्वपूर्ण द्रव्यों का निर्माण, संक्रमण का सामना करने के लिए इन्जाइम और रोग प्रतिकारक तत्वों के विकास में सहायता। सामान्य भूख, पाचन शक्ति तथा स्वस्थ स्नायु प्रणाली और भोजन की शर्करा को शक्ति में बदलना। ...१५ KB (१४६ शब्द) - १२:३५, ७ अगस्त २०२१
- ...के लिए और किसी भी परिवेश के मुताबिक अपना अनुकूलन करने में सक्षम होते हैं। रोग की अनुपस्थिति एक वांछनीय स्थिति है लेकिन यह स्वास्थ्य को पूर्णतया परिभाषित * पाचन शक्ति सामान्य एवं सक्षम हो। ...३८ KB (३४६ शब्द) - २३:२८, ६ अगस्त २०२१
- ...्त्र की दीवारों पर पेशी संकुचन की लहरें जिन्हें क्रमाकुंचन कहते हैं, मल को पाचन नली के माध्यम से मलाशय की ओर ढकेलता है। अपाच्य भोजन भी इस मार्ग से निकल सकत ...ता है। मानव में गुर्दे का रोग कैडियम प्रदूषण से होता हैं,जिसे “इटाई-इटाई “ रोग भी कहते हैं। गुर्दे प्रतिरक्षी तत्त्वों का उत्पादन नहीं कर सकते हैं। ...३० KB (६५ शब्द) - १२:२६, २० जुलाई २०२१
- ...जाना चाहिए क्योंकि ऐसे मामलों में वायुमार्ग में बाधा उत्पन्न हो सकती है और रोगी का दम घुट सकता है। जब वाहिकशोफ़ का कारण एलर्जी हो, तब एपिनेफ्रीन जीवन रक्ष ...ानुगत तंत्रिका वाहिका शोफ़" (एचऐएनई) भी कहा जाता है। एचऐई के सभी रूपों में पाचन नाल और अन्य अंगों में भी सूजन आ सकती है। अगर यह सूजन श्वास नली तक पहुंच जाय ...३० KB (३०४ शब्द) - २१:१९, १५ जून २०२०