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  • ...|thumb|280px|कर्णेश्वर मंदिर - मान्यता है कि इसके शिवलिंग की स्थापना स्वयं महाभारत के कर्ण ने की थी]] ...पुर के लिए पहला सन्दर्भ सम्राट भरत की राजधानी के रूप में आता है। महा काव्य महाभारत में वर्णित घटनाएँ हस्तिनापुर में घटी घटनाओं पर आधारित है। ...
    ७ KB (१६२ शब्द) - २१:२३, २८ अप्रैल २०२१
  • ...अर्थात परमात्मा मे विचरना, सदा उसी का ध्यान करना ही ब्रह्मचर्य कहलाता है। महाभारत के रचयिता व्यासजी ने विषयेन्द्रिय द्वारा प्राप्त होने वाले सुख के संयमपूर्व # संसार के किसी भी स्थान, वस्तु, व्यक्ति आदि की अपेक्षा रखे बिना आत्माराम होकर रहना। ...
    २ KB (८ शब्द) - १३:५४, १६ जुलाई २०२१
  • [[File:Arjuna travels to Swarga.jpg|thumb|महाभारत में अर्जुन स्वर्ग जाते हुए।]] ...्वर्ग लोक''' या '''देवलोक''' हिन्दू मान्यता के अनुसार [[ब्रह्माण्ड]] के उस स्थान को कहते हैं जहाँ हिन्दू देवी-देवताओं का वास है। [[रघुवंशम्]] महाकाव्य में [ ...
    ४ KB (२५ शब्द) - १५:१९, २२ जून २०२१
  • ...[[सामाजिक स्तरीकरण]] का उपकरण है जो [[सामाजिक समूह]] में किसी इकाई को खास स्थान और महत्व प्रदान किए जाने की स्थिति व्यक्त करता है। इसके दो मूल आधार माने गए संस्कृत साहित्य में प्रतिष्ठा के संबंध में रामायण, महाभारत आदि महाख्यानों से लेकर नीतिग्रंथों औ्र शास्त्रों में विभिन्न तरह की धारणाएं ...
    २ KB (४ शब्द) - ०३:३७, ३ फ़रवरी २०१७
  • ...हे थे। सन् १९४६ में [[लंदन]] चेंबर ऑफ कॉमर्स की परीक्षा में उन्होंने प्रथम स्थान प्राप्त किया था। १९५६ में पुणे के बी॰ जे॰ मेडिकल कॉलेज से उन्होंने एम॰बी॰बी ...किया है और अत्यधिक महत्त्व का कार्य यह किया है कि अनेकानेक प्रमाणों के साथ महाभारत युद्ध आरंभ (१६ अक्टूबर ५५६१ ईसा पूर्व) से लेकर युद्ध की समाप्ति (२ नवंबर ५५ ...
    १५ KB (२९१ शब्द) - ०७:२९, २७ अप्रैल २०१९
  • ...ग बनवा लिया। पाण्डव नित्य आखेट के लिये वन जाने के बहाने अपने छिपने के लिये स्थान की खोज करने लगे। कुछ दिन इसी तरह बिताने के बाद एक दिन यधिष्ठिर ने भीमसेन से {{महाभारत कथा}} ...
    १० KB (९५ शब्द) - १६:०८, १५ जून २०२०
  • [[हिन्दू धर्म|हिंदू धर्म]] में [[पूर्णिमा]] का व्रत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। प्रत्येक वर्ष 12 पूर्णिमाएं होती हैं। जब अधिकमास या मलमास आता है त === महाभारत में === ...
    १५ KB (१८८ शब्द) - २१:०५, १७ जुलाई २०२१
  • (राज मतलब शासन और नीति मतलब उचित समय और उचित स्थान पर उचित कार्य करने की कला) अर्थात् नीति विशेष के द्वारा शासन करना या विशेष ...। राजनीति बहुत से स्तरों पर हो सकती है- गाँव की परम्परागत राजनीति से लेकर, स्थानीय सरकार, सम्प्रभुत्वपूर्ण राज्य या अन्तराष्ट्रीय स्तर पर। ...
    १४ KB (९८ शब्द) - २१:५१, ८ अगस्त २०२१
  • | image_caption = [[महाभारत]] कालीन सरस्वती नदी। (हरे रंग से प्रदर्शित) ...[[यमुना नदी|यमुना]] में मिलकर [[त्रिवेणी]] बन गई थी। कालांतर में यह इन सब स्थानों से तिरोहित हो गई, फिर भी लोगों की धारणा है कि प्रयाग में वह अब भी अंत:सलि ...
    ३७ KB (३०२ शब्द) - १९:३८, २९ अप्रैल २०२१
  • ...आदि काव्यशास्त्रियों ने इसे इसकी निबद्धता के चलते काव्य शृंखला में अन्तिम स्थान दिया है पुनरपि कोई भी इससे मुंह नहीं मोड़ पाया है। [[अभिनवगुप्त]] का तो यह '''[[हेमचंद्राचार्य]]''' ने मुक्तक शब्द के स्थान पर 'मुक्तकादि' शब्द का प्रयोग किया। उन्होंने उसका लक्षण दण्डी की परम्परा मे ...
    १६ KB (१०२ शब्द) - ०६:२७, १६ मई २०२१
  • ...ा लेने का सुझाव दिया तो पांडवोने सहर्ष धौम्य को अपना पुरोहित बना लिया।<ref>महाभारत , आदिपर्व १८२/२-६</ref> ...युधिष्ठिर के राजसूय यज्ञ में उपस्थित थे तथा यज्ञ के लिए वातापि को उपयुक्त स्थान उन्हींने बताया था। धौम्य ही होता थे और उन्हीं ने युधिष्ठिर का राज्याभिषेक क ...
    १३ KB (२१ शब्द) - २२:२६, ७ मार्च २०२०
  • ...9–20, 272–275.</ref>शैव में शाक्त, नाथ, दसनामी, नाग आदि उप संप्रदाय हैं। [[महाभारत]] में माहेश्वरों (शैव) के चार सम्प्रदाय बतलाए गए हैं: (i) शैव (ii) [[पाशुपत (6) [[महाभारत]] के अनुशासन पर्व से भी लिंग पूजा का वर्णन मिलता है। ...
    १० KB (९७ शब्द) - १४:१९, ११ अगस्त २०२१
  • ...-देवताओं से लेकर स्त्री-पुरुषों तथा सभी वर्गों के लिये नृत्य का महत्वपूर्ण स्थान था। सामवेद की रचना ऋग्वेद के पाठ्य अंशों को गाने के लिये की गई अत- यह वेद ग नृत्यकला के विकास में अन्य वेदों की तरह 'अथर्ववेद' का भी महत्वपूर्ण स्थान है। इसके अध्ययन से नृत्य संबंधी सामग्री प्रचुरता से मिलती है। इसमें नृत्यकल ...
    १९ KB (११४ शब्द) - ०९:२५, ६ मई २०२१
  • ...ेद]] और [[आयुर्वेद]] किंतु कुछ मान्यता [[अथर्ववेद]] की जगह [[शिल्पवेद]] को स्थान देते हैं। ...दिक काल]] में घटी दो सबसे बड़ी घटनाओं को महाकाव्य [[वाल्मीकि रामायण]] और [[महाभारत]] में लिखा है। ...
    ८ KB (८ शब्द) - १६:००, ३० मई २०२१
  • ...बनाया था। श्रावस्ती [[बौद्ध धर्म|बौद्ध]] व [[जैन धर्म|जैन]] दोनों का तीर्थ स्थान है। [[तथागत]] दीर्घ काल तक श्रावस्ती में रहे थे। यहाँ के श्रेष्ठी अनाथपिण्ड माना गया है कि श्रावस्ती के स्थान पर आज आधुनिक सहेत महेत ग्राम है जो एक दूसरे से लगभग डेढ़ फर्लांग के अंतर पर ...
    २९ KB (७२ शब्द) - १७:०१, २३ जुलाई २०२१
  • ...छोड़ दिया और स्वयं माधव के साथ [[वांडुका]] चले आए। माधव ने [[व्याकरण]], [[महाभारत|भारत]], [[पुराण]], [[भागवत]], [[न्याय दर्शन|न्याय]], [[तर्कशास्त्र]] की शिक ...
    ७ KB (१२३ शब्द) - ००:४६, १४ जून २०२१
  • ...वर्णित है। [[पुराण|पुराणों]] में तो बहुत सी नीति-कथायें प्राप्त होती है। [[महाभारत]] में [[विदुर]] के मुख से ऐसी ही अनेक कथायें कहलाई गई है। ...्कथा]]) में अर्न्तनिहित है जो अब [[सोमदेव]] के ’[[कथासरित्सागर]]’ और [[क्षेमेंद्र|क्षेमेन्द्र]] की ’[[बृहत्कथामञ्जरी]]’ में निहित है ...
    २१ KB (४९ शब्द) - १०:०५, ६ मई २०२१
  • <!--यहाँ लिखित वस्तुऐं पूर्णत: रूप से महाभारत, गीता तथा अन्य पुराणों से लिया गया है--> ...पाण्डवों]] के बीच राज्य को लेकर हुआ था। इसके संदर्भ में [[वेदव्यास]] कृत [[महाभारत]] ग्रंथ प्रचलित है। परंतु विश्वरूप दर्शन [[राजा बलि]] आदि ने भी किया है। ...
    ४१ KB (७०८ शब्द) - २१:५६, १५ जून २०२०
  • ...ग्रंथों - वेदों और रामायण तथा महाभारत जैसे महाकाव्यों और पुराणों में भी इस स्थान को 'प्रयाग' कहे जाने के साक्ष्य मिलते हैं। उत्तर भारत में जलमार्ग के द्वारा ...ा मैदान में यह जुलूस समाप्त हो जाता है। मुख्य अतिथि सहित इस मेले का उदघाटन स्थानीय कण्डार देवता एवं हरि महाराज ढ़ोल द्वारा होता है। सप्ताह भर का उत्सव अपने ...
    ९ KB (१४८ शब्द) - १६:२२, १५ जून २०२०
  • ...ी थी रणनीति|website=Jansatta|language=hi|access-date=2021-07-17}}</ref> तो महाभारत काल में कृष्ण-चाणूर और मुष्टिक बलराम के मल्लयुद्ध युद्ध का उल्लेख मिलता है। ...A4%E0%A5%80] प्राचीन ग्रीस में कुश्ती ने किंवदंती और साहित्य में एक प्रमुख स्थान पर कब्जा कर लिया;  कुश्ती प्रतियोगिता, कई पहलुओं में क्रूर, प्राचीन ओलंपिक ...
    १६ KB (३०९ शब्द) - २२:४९, २५ जुलाई २०२१
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