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  • [[श्रेणी:सामाजिक मान्यता]] ...
    १ KB (६ शब्द) - १६:५६, १६ अक्टूबर २०२०
  • ...का कोई अर्थ नहीं रह जाएगा, क्योंकि वैयक्तिक आवश्यकताओं की पूर्ति मुख्यतया सामाजिक कोषों से होगी।<ref>दर्शनकोश, प्रगति प्रकाशन, मास्को, १९८0, पृष्ठ-६११, ISBN: ...
    २ KB (१० शब्द) - ०२:२६, १७ फ़रवरी २०१३
  • ...ामाजिक संरचना]]ओं को कहते हैं जो व्यक्ति को परिवर्तित करते हैं और उसके ऊपर सामाजिक बन्धन अध्यारोपित करते हैं। ==दुर्खीम के सामाजिक तथ्य== ...
    १५ KB (२० शब्द) - १०:५६, १३ अप्रैल २०२१
  • ...े आधार पर आधारित हैं। समयाचारिक धर्म से अभिप्राय है सामाजिक परम्परा से। सब सामाजिक परम्परा का महत्त्व इसलिए था कि धर्मशास्त्रों की रचना लगभग १००० ई.पू. के बाद ...ृतियाँ लौकिक संस्कृत में लिखी गई थीं जिसे समाज सरलता से समझ सकता था तथा वे सामाजिक व्यवस्था के अनुरूप सिद्धांतप्रतिपादित करती थीं। स्मृति लेखकों को भी वैदिक म ...
    १४ KB (३६ शब्द) - ११:५१, २१ मई २०२१
  • '''कुलीनवर्ग''' (<small>Nobility</small>) उस [[सामाजिक वर्ग]] को कहा जाता है जिसके सदस्यों को समाज के अन्य वर्गों की तुलना में अधि * [[सामाजिक वर्ग]] ...
    ६ KB (२४७ शब्द) - १६:५६, ५ फ़रवरी २०१९
  • रंजन मिस्त्री (जन्म 14 मार्च 1996) एक भारतीय सामाजिक उद्यमी, विचारक, शिक्षाविद, पत्रकार और शोधकर्ता हैं।<ref>https://www.ted.com |occupation=सामाजिक उद्यमी, विचारक, शोधकर्ता, पत्रकार ...
    १४ KB (२७८ शब्द) - १६:१६, १० सितम्बर २०२१
  • ...सार के प्रत्येक क्षेत्र में चाहे वह राजनीतिक हो अथवा आर्थिक, धार्मिक हो या सामाजिक, सर्वत्र अस्पृश्यता के दर्शन किए जा सकते हैं। [[संयुक्त राज्य अमेरिका|अमेरि ===सामाजिक कारण=== ...
    ११ KB (१०४ शब्द) - ००:२०, २६ अगस्त २०२१
  • ...का प्रयास करता है। इसी बात को व्यापक धरातल पर इस प्रकार कहा जा सकता है कि सामाजिक संगठन के सभी रूप अंतर्वैयक्तिक संबंधों के धागों से बँधे होते हैं। ...तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वह एक व्यापक सामाजिक हित की गारंटी भी करती है। सामाजिक पूँजी के स्तर में गिरावट आने पर समुदाय के अस्तित्व पर ही विपरीत असर पड़ता ह ...
    १७ KB (२९ शब्द) - २२:५१, २८ जनवरी २०१७
  • ...कवि और लेखक हे जो महाराष्ट्र में अपने गीतो द्वारा मनोरंजन के साथ साथ विविध सामाजिक विषयो पर जनजागृती का कार्य करते आ रहे है। कवि बशीर मोमीन कवठेकर जी कई और ना ...एक नाटक लिखा है। उन्होंने सामाजिक विषयों पर लघु कथाएँ, नुक्कड़ नाटक जो एक सामाजिक जनजागृती और आधुनिक विचारसरणी को प्रेरणा देते हैं। साक्षरता अभियान, ग्राम स् ...
    १९ KB (३३० शब्द) - १८:३४, ८ अगस्त २०२१
  • * सामाजिक एवं प्रोफेशनल मुद्दे ...
    ९ KB (१०६ शब्द) - २३:२२, १५ जून २०२०
  • ...िन दोनों के दृष्टिकोणों में पर्याप्त अन्तर है। समाजशास्त्री राजनैतिक दल को सामाजिक समूह मानते हैं जबकि राजनीतिज्ञ राजनीतिक दलों को आधुनिक राज्य में सरकार बनान ...िक उद्देश्यों को लेकर उप संरचनाएं एवं समितियां होती है, जो भौगोलिक सीमाओं, सामाजिक समग्रताओं के आधार पर होती हैं। दल में कई परस्पर विरोधी समूह किसी उद्देश्य त ...
    ३० KB (१२० शब्द) - ०९:०३, २१ जुलाई २०२१
  • ...प्रकार की शासन प्रणाली ही नहीं है वरन् एक विशेष प्रकार के राजनीतिक संगठन, सामाजिक संगठन, आर्थिक व्यवस्था तथा एक नैतिक एवं मानसिक भावना का नाम भी है। लोकतंत्र लोकतंत्र केवल शासन के रूप तक ही सीमित नहीं है, वह समाज का एक संगठन भी है। सामाजिक आदर्श के रूप में लोकतंत्र वह समाज है जिसमें कोई विशेषाधिकारयुक्त वर्ग नहीं ...
    १७ KB (१४ शब्द) - १२:२१, ८ मार्च २०२०
  • ...े लोगों से अलग हो जाना) था। परंतु अधिकतर मतदाताओं का सामंतों पर आर्थिक तथा सामाजिक अवलंब होने के कारण यह व्यवस्था स्वतंत्र मतदान के लिये उपयुक्त न हो सकी। अत: ...ूप में; ठीक परिस्थितियों में ठीक निर्णय प्राप्त करने की पद्धति के रूप में, सामाजिक आवश्यकताओं तथा असंतोषों को अनावृत्ति की व्यवस्था के रूप में; तथा अल्पसंख्यक ...
    १३ KB (१४५ शब्द) - १०:३५, ६ मई २०२१
  • ...सी समाज या समूह में प्रचलित उन विचारों का समुच्चय है जिनके आधार पर वह किसी सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक संगठन विशेष को उचित या अनुचित ठहराता है।<ref>दर्शनकोश, ...प्रगति प्रकाशन, मास्को, १९८0, पृष्ठ-५७९ ISBN: ५-0१000९0७-२</ref> साम्यवादी मान्यतानुसार विचारधारा का विकास अंततोगत्वा अर्थव्यवस्था से निर्धारित होता है, परन्त ...
    ११ KB (९७ शब्द) - ०९:३६, ३ नवम्बर २०२०
  • ...ए संपत्ति का समर्थन किया जाने लगा। वह सम्मान की वस्तु बन गई तथा उसका विकास सामाजिक विशिष्टताओंवाली संस्था के रूप में होने लगा। ...
    २० KB (११५ शब्द) - २२:३९, ३० दिसम्बर २०२०
  • ...ितरण और संस्थाओं को संचालित करने के नियम भी मुहैया कराता है। कानून स्थापित सामाजिक नैतिकताओं की पुष्टि की भूमिका भी निभाता है। चौथे, कानून की प्रकृति ‘सार्वजन ...की रक्षा करते हुए पूँजीवादी व्यवस्था की सुरक्षा के काम आती है। इसका नतीजा सामाजिक विषमता और वर्गीय प्रभुत्व को बनाये रखने में निकलता है। [[कार्ल मार्क्स|मार् ...
    २५ KB (१५१ शब्द) - १०:४७, २५ दिसम्बर २०२०
  • ...भिन्न स्तरों पर सिद्धांतीकरण हुआ है और स्त्री-सशक्तीकरण के मुद्दों को उनके सामाजिक न्याय से जोड़ कर देखा जाने लगा है। ...े से उठायी गयीं। ख़ास तौर पर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में सभी तबकों के लिए सामाजिक न्याय के मुद्दे पर गम्भीर बहस चली। इस बहस से ही समाज के वंचित तबकों के लिए ...
    २६ KB (१६ शब्द) - १०:३४, १७ अप्रैल २०२१
  • ...सार में इन विद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इन विद्यालयों के द्वारा सामाजिक चेतना व संस्कृति पर आधारित कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। ...
    ७ KB (२८१ शब्द) - २१:२७, २० मार्च २०२१
  • ...ूर्ण सभा करने की स्वतंत्रता, मतदान करने और सरकार में शामिल होने का अधिकार, सामाजिक स्वतंत्रता का अधिकार, काम पाने का अधिकार, समुचित जीवनस्तर का अधिकार, शिक्षा ...
    १४ KB (५७ शब्द) - १३:०५, २० दिसम्बर २०२०
  • ...ु]] का मत अर्थात्: गुरु के नाम पर संकल्प। यह सिखों द्वारा किसी भी धार्मिक, सामाजिक या राजनीतिक मुद्दे से संबंधित गुरु के नाम पर आयोजित सभा में अपनाई गई सलाह य ...साहिब की मौजूदगी में सिख सभा में आम सहमति से आए '''गुरमत''' ने धार्मिक या सामाजिक आयात के किसी भी निर्णय का उल्लेख किया। अकाली आंदोलन ने अपने राजनीतिक मुद्दो ...
    १० KB (२९ शब्द) - ०१:३३, ८ मार्च २०२०
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