अंजू शर्मा
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डॉ० अंजू शर्मा (जन्म : ५ अगस्त, १९६०) एक जानीमानी भारतीय लेखिका, शिक्षिका एवं चिकित्सिका हैं। आयुर्विज्ञान पर अब तक इनकी तीन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। वह चिकित्सा सेवा सम्मान २००९ से पुरस्कृत व सम्मानित हैं।[१][२]
जीवन परिचय[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
अंजू शर्मा का जन्म ५ अगस्त सन १९६० को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुआ। इनकी माता का नाम श्रीमती श्रृंगार देवी और पिता का नाम स्व० सुधाकर पाराशर हैं। वर्तमान में वें पं० खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं संस्थान, भोपाल और मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय में बतौर प्रोफेसर कार्यरत हैं।[३][४][५] वे अखिल भारतीय आयुर्वेद विशेषज्ञ सम्मलेन (२००४), नई दिल्ली, चुतुर्थ विश्व आयुर्वेद सम्मलेन (२०१२), पंचम विश्व आयुर्वेद सम्मलेन (२०१४), और वर्ल्ड आयुर्वेद कॉन्क्लेव, कोज्जिकोट, केरल आदि में शिरकत कर चुकी हैं। रक्षा मंत्रालय अंतर्गत अम्बाला छावनी के लिए डॉक्टर (आयुर्वेद) के रूप में कार्यरत हैं।[६]
प्रकाशित ग्रंथ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
- अष्टांग विज्ञानीयम
- आयुर्वेद प्रकाश
- हैंडबुक ऑफ लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी, रोल ऑफ पंचकर्म इन जनरल प्रैक्टिस
सम्मान[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
- वर्ष २००९ में अंजू शर्मा को चिकित्सा के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए प्रतिष्ठित चिकित्सा सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया।
सन्दर्भ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
- ↑ "Paralyzed girl came back to normal life". '. [१]
- ↑ "Physiology sylabus to be revised". '. [२]
- ↑ "Officers of the University".मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय.[३]साँचा:Dead link
- ↑ "Evaluative Report of th e Department of Comparative Languages and Culture".Barkatullah University.[४]
- ↑ "Pt. Khushilal Sharma Government (Autonomous), Ayurveda College and Institute Bhopal".HTCampus.[५]
- ↑ "Ambala Contonment Board, Ministry of Defence".[६]