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अकबर

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अकबर (1542-1605 ई.) मुग़ल साम्राज्य के तीसरे और सबसे महान सम्राट माने जाते हैं। वे हुमायूँ के पुत्र थे और 1556 में तेरह वर्ष की आयु में गद्दी पर बैठे।

शासन और नीतियाँ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

  • उन्होंने विशाल साम्राज्य का विस्तार और सुदृढ़ प्रशासन (मनसबदारी व्यवस्था, भूमि सुधार) किया
  • सुलह-ए-कुल (सबके साथ शांति) की नीति अपनाई और जज़िया कर समाप्त किया
  • उनके दरबार के 'नवरत्न' प्रसिद्ध हैं; फ़तेहपुर सीकरी उन्होंने बसाई

महत्व[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

अकबर की धार्मिक सहिष्णुता और प्रशासनिक सुधारों ने मुग़ल साम्राज्य को मज़बूत नींव दी। उनकी गिनती भारत के महानतम शासकों में होती है।

सन्दर्भ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

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