अन्ना चांडी
साँचा:ज्ञानसन्दूक व्यक्ति न्यायमूर्ति अन्ना चांडी (4 मई 1905 – 20 जुलाई 1966) भारत की पहली महिला न्यायाधीश थीं।[१][२][३] वे 1937 में एक जिला अदालत में भारत में पहली महिला न्यायाधीश बनीं। वे भारत में पहली महिला न्यायाधीश तो थी ही, शायद दुनिया में उच्च न्यायालय के न्यायधीश के पद (1959) तक पहुँचने वाली वे दूसरी महिला थीं।[२]
प्रारंभिक जीवन[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
न्यायमूर्ति चांडी का जन्म 4 मई 1905 को भारत के तत्कालीन त्रावणकोर राज्य (अब केरल) में एक मलयाली सीरियाई ईसाई माता पिता के यहाँ हुआ था।[४]
करियर[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
वे 1928 में न्यायालयी सेवा में आयीं और उन्हें सर सी.पी.रामास्वामी द्वारा जो त्रावणकोर के तत्कालीन दीवान थे, जिला न्यायाधीश (मुंसिफ) के रूप में नियुक्त किया गया।[५] वे केरल उच्च न्यायालय में 9 फ़रवरी 1959 से 5 अप्रैल 1967 तक न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहीं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होने भारत के कानूनी क्षेत्र में महिलाओं के कैरियर रूपी आशाओं को जन्म दिया।
निधन[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
20 जुलाई 1996 को उनका निधन हो गया।[६]
सन्दर्भ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
बाहरी कड़ियाँ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
- ↑ "Former Judges of High Court of Kerala".[१]
- ↑ २.० २.१ "Women of Achievement".[२]
- ↑ "supremecourtofindia.nic.in Page 3/5".[३]
- ↑ "First woman judicial officer: Anna Chandy, who was appointed munsif in the Travancore state in 1937.".[४]
- ↑ "First to appoint a lady advocate – Mrs. Anna Chandy — as District Judge.".[५]
- ↑ "Malayalam Sarva Vijnjana kOsham - Article on Anna Chandy".[६]