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अर्ध-अध्यक्षीय प्रणाली

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साँचा:राजनीति

अर्ध-अध्यक्षीय प्रणाली अथवा अर्ध राष्ट्रपति प्रणाली, शासन की वह प्रणाली होती है, जिसमें राज्य के कार्यकारी अधिकार पूर्णतः एक कार्यकारी राष्ट्राध्यक्ष के अंतर्गत ना हो, बल्कि कुछ कार्यकारी शक्तियां अन्य अधिकारीयों व संस्थाओं के अंतर्गत हों, जो स्वतंत्र रूप से कार्य कर सकें। यह किसी अध्यक्षीय प्रणाली से भिन्न है, जिसमे सम्पूर्ण कार्यकारी शक्तियन एक ही अधिकारी (राष्ट्राध्यक्ष या शासनाध्यक्ष) के अंतर्गत आती हैं।

इस शासन प्रणाली में एक कार्यकारी राष्ट्रपति एक प्रधानमंत्री और कैबिनेट के साथ मौजूद होता है, जिसमें केवल प्रधानमंत्री राष्ट्रिय विधायिका के प्रति जिम्मेदार होता है। यह संसदीय प्रणाली से भिन्न है जिसमें एक लोकप्रिय निर्वाचित शासनप्रमुख होता है, जबकि राष्ट्रप्रमुख के पास नाममात्र अधिकार होते हैं। वहीँ राष्ट्रपति प्रणाली से भी यह भिन्न है जिसमें राष्ट्रपति द्वारा नामित कैबिनेट विधायिका के लिए जिम्मेदार होती है, जो अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से इस्तीफा देने के लिए कैबिनेट को मजबूर कर सकता है।[][][][]

इन्हें भी देखें[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

सन्दर्भ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

  1. Duverger, {{{first}}} "A New Political System Model: Semi-Presidential Government". European Journal of Political Research. 8(2)
    165–187.doi:10.1111/j.1475-6765.1980.tb00569.x.
  2. Veser, Ernst "Semi-Presidentialism-Duverger's concept: A New Political System Model". Journal for Humanities and Social Sciences. 11(1)
    39–60.[२]Retrieved 21 August 2017.
  3. साँचा:Cite magazine
  4. (October 1998). "Duverger's concept: Semi-presidential government revisited". European Journal of Political Research. 34(2)
    201–224.doi:10.1111/1475-6765.00405.