ईरान में सिख धर्म
दिखावट
ईरान में सिखों का एक बहुत छोटा समुदाय है। 2011 में कुछ 60 सिख परिवार देश में रह रहे थे। [१] समुदाय के सदस्य आपस में पंजाबी और मुख्य ईरानी समुदाय के साथ फ़ारसी और बलोच भाषाएँ बोलते हैं। [२]
इतिहास[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
ईरान में सिखों की पहली उपस्थिति 1900 में शुरू हुई, जब ईरान पर अंग्रेज़ों के कब्जे के दौरान सिख व्यवसायी और उनके साथ-साथ ब्रिटिश सेना में तैनात सिख सैनिक ईरान पहुँचे। शुरुआत में सिख आव्रजन का प्राथमिक लक्ष्य तत्कालीन ब्रिटिश भारत (अब पाकिस्तान) से लगी सीमा के पास जाहेदान था, हालांकि बाद में इनमे से कई तेहरान चले गए। [३]
यह सभी देखें[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
संदर्भ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
- ↑ "Gurdwara in Tehran that thrives on local support".[१]Retrieved 26 November 2014.
- ↑ Carina Jahani, {{{first}}} The Baloch and Others: Linguistic, Historical and Socio-political Perspectives on Pluralism in Balochistan. Reichert Verlag.पृ. 250.ISBN 978-3-89500-591-6.
- ↑ (2001-04-22)."The Sunday Tribune - Spectrum - Lead Article".Tribuneindia.com.[२]Retrieved 2015-06-26.